सऊदी अरब का तेल भंडार कुछ ही दिनों में हो सकता है खत्म, वैश्विक सप्लाई का 4% खतरे में: रिपोर्ट
नई दिल्ली: रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी अरब के पास निर्यात के लिए उपलब्ध तेल कुछ ही दिनों में खत्म हो सकता है, अगर वह लाल सागर तक जाने वाली अपनी प्रमुख पाइपलाइन को फिर से चालू नहीं करता। इससे वैश्विक तेल आपूर्ति में 4 प्रतिशत तक की कमी आ सकती है और ईंधन की कीमतों को रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचाने वाले संकट के और गंभीर होने की आशंका है।
ड्रोन हमलों के बाद बंद हुई प्रमुख पाइपलाइन
ड्रोन हमलों के कारण सऊदी अरब को शुक्रवार को अपनी प्रमुख पूर्व-पश्चिम तेल पाइपलाइन बंद करनी पड़ी। हालांकि, रियाद ने अभी तक नुकसान की सीमा या पाइपलाइन के दोबारा चालू होने की तारीख के बारे में पूरी जानकारी नहीं दी है। पिछले छह महीनों में अरब प्रायद्वीप से लाल सागर तक जाने वाली इस पाइपलाइन ने सऊदी अरब को होर्मुज जलडमरूमध्य के युद्धकालीन बंद होने के प्रभाव से बचाने में मदद की है। होर्मुज के बंद होने से पड़ोसी देशों से होने वाले तेल निर्यात पर गंभीर असर पड़ा है।
रोजाना 40 लाख बैरल तेल यानबू पहुंचाता है पाइपलाइन
रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया के सबसे बड़े तेल निर्यातक सऊदी अरब ने इस पाइपलाइन के जरिए प्रतिदिन करीब 40 लाख बैरल तेल लाल सागर स्थित यानबू बंदरगाह तक पहुंचाया है। यह वैश्विक तेल आपूर्ति का करीब 4 प्रतिशत है। सऊदी अरब के तेल निर्यात से परिचित तीन उद्योग सूत्रों के अनुसार, पाइपलाइन बंद होने के कारण यानबू में अब केवल 5 से 7 दिनों तक निर्यात जारी रखने के लिए पर्याप्त भंडार बचा है। एक चौथे सूत्र ने बताया कि सऊदी अरब के पास लाल सागर स्थित मिस्र के ऐन सुखना बंदरगाह और भूमध्य सागर स्थित सिदी केरीर बंदरगाह से भी कई दिनों तक ग्राहकों को आपूर्ति करने के लिए भंडार मौजूद है। उद्योग के अनुमानों के अनुसार, यानबू की भंडारण क्षमता करीब 3.5 करोड़ बैरल है, जबकि ऐन सुखना और सिदी केरीर में क्रमशः 1.8 करोड़ और 2.5 करोड़ बैरल तेल भंडारित किया जा सकता है।
पाइपलाइन बंद रही तो भंडार भी खत्म होगा
रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से बताया कि मौजूदा भंडार पूरी क्षमता पर नहीं है और अगर पूर्व-पश्चिम पाइपलाइन दोबारा चालू नहीं हुई तो यह अंततः खत्म हो जाएगा। पाइपलाइन की मरम्मत को लेकर सूत्रों ने अलग-अलग अनुमान दिए हैं। एक सूत्र के मुताबिक, मरम्मत में 5 से 6 सप्ताह लग सकते हैं, जबकि दूसरे सूत्र ने कहा कि पाइपलाइन को जल्द बहाल किया जा सकता है और मरम्मत के दौरान आंशिक रूप से पंपिंग भी दोबारा शुरू की जा सकती है।
अगस्त में तीन दशक से ज्यादा के निचले स्तर पर सऊदी तेल आपूर्ति
अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने शुक्रवार को बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य और लाल सागर से तेल प्रवाह में गिरावट के कारण अगस्त में सऊदी अरब की तेल आपूर्ति तीन दशकों से अधिक के निचले स्तर पर पहुंच गई। IEA का अनुमान है कि इस वर्ष वैश्विक तेल आपूर्ति में 57 लाख बैरल प्रतिदिन (BPD) यानी करीब 6 प्रतिशत की गिरावट आ सकती है।
हौथी हमलों से बढ़ा आपूर्ति संकट
यमन में हौथी लड़ाकों की गतिविधियों के कारण भी तेल आपूर्ति का जोखिम बढ़ गया है। हौथी लड़ाकों ने सऊदी अरब के तेल शिपमेंट को खतरा पैदा किया है। शुक्रवार को लाल सागर के मुहाने पर एक द्वीप पर कब्जे और पूर्व-पश्चिम पाइपलाइन पर हमले के बाद आपूर्ति को लेकर चिंताएं और बढ़ गई हैं। युद्ध से पहले मध्य पूर्व से करीब 22 लाख बैरल प्रतिदिन तेल की आपूर्ति होती थी। उद्योग सूत्रों के अनुसार, इसके बाद होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल का प्रवाह घटकर 60 लाख बैरल प्रतिदिन के आसपास रह गया है।
अगस्त में 62 लाख BPD रह गया सऊदी उत्पादन
सऊदी अरब ने पिछले सप्ताह ओपेक को यह भी बताया था कि युद्ध शुरू होने से पहले फरवरी में उसका तेल उत्पादन 109 लाख बैरल प्रतिदिन था, जो अगस्त में घटकर 62 लाख बैरल प्रतिदिन रह गया।
(एएनआई)
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