राम मंदिर चंदे में कथित गड़बड़ियों पर रिपोर्टिंग क

सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर चंदे के विवाद पर रिपोर्ट करने वाले पत्रकार को गिरफ्तारी से दी अंतरिम सुरक्षा

SC Grants Interim Protection to Journalist Abhishek Upadhyay

नई दिल्ली (भारत)। अयोध्या में राम मंदिर चंदे में कथित गड़बड़ियों पर रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकार अभिषेक उपाध्याय को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। मंगलवार को CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने उन्हें गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा देते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस को FIR की कॉपी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। कोर्ट ने उपाध्याय को FIR रद्द कराने समेत अन्य राहत के लिए इलाहाबाद हाई कोर्ट जाने को कहा है। पत्रकार ने आरोप लगाया है कि गाजियाबाद में रोड-रेज मामले को लेकर दर्ज FIR उनकी पत्रकारिता के कारण उन्हें परेशान और डराने-धमकाने की कोशिश है।

सुप्रीम कोर्ट ने FIR की कॉपी देने और हाई कोर्ट जाने को कहा

भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची और वी. मोहना की बेंच ने उत्तर प्रदेश पुलिस को निर्देश दिया कि वे उपाध्याय को FIR की कॉपी दें। कोर्ट ने उनसे यह भी कहा कि वे FIR रद्द कराने और दूसरी उचित राहत पाने के लिए इलाहाबाद हाई कोर्ट जाएं।

रोड-रेज मामले में दर्ज FIR को पत्रकार ने दी चुनौती

उपाध्याय ने गाजियाबाद पुलिस द्वारा सड़क पर हुई लड़ाई-झगड़े (रोड-रेज) की कथित घटना के सिलसिले में दर्ज FIR को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। उनकी याचिका के अनुसार, FIR इस आरोप पर दर्ज की गई थी कि उन्होंने सड़क पर हुई लड़ाई-झगड़े की घटना के बाद एक व्यक्ति के साथ मारपीट की और उसे धमकाया।

FIR को मनगढ़ंत बताते हुए पत्रकार ने लगाया उत्पीड़न का आरोप

उपाध्याय ने आरोप लगाया है कि यह मामला मनगढ़ंत आरोपों पर आधारित था और इसका मकसद उनके स्वतंत्र पत्रकारिता के काम के कारण उन्हें परेशान और डराना-धमकाना था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि अनुरोध करने के बावजूद उन्हें FIR की कॉपी नहीं दी गई।

CCTV फुटेज डिलीट करने का पुलिस पर दबाव बनाने का आरोप

पत्रकार ने आगे दावा किया है कि पुलिस आसपास के दुकानदारों पर उस समय का CCTV फुटेज डिलीट करने का दबाव डाल रही थी जब कथित घटना हुई थी। उन्होंने FIR रद्द करने और इसके विकल्प के तौर पर जांच को उत्तर प्रदेश पुलिस के अलावा किसी अन्य एजेंसी को सौंपने की मांग की है।

राम मंदिर चंदे की कथित गड़बड़ियों पर रिपोर्टिंग से जुड़ा मामला

उपाध्याय की याचिका अयोध्या में राम मंदिर के लिए चंदा इकट्ठा करने और उसके प्रबंधन में कथित गड़बड़ियों पर उनकी रिपोर्टिंग के संदर्भ में आई है। मंदिर के चंदे से जुड़े आरोप सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही में भी सामने आए हैं, जहां याचिकाओं में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़ी कथित वित्तीय गड़बड़ियों की स्वतंत्र जांच की मांग की गई है।

चंदे के हिसाब-किताब की स्वतंत्र जांच की मांग

चंदे के मुद्दे से जुड़ी याचिकाओं में भक्तों से मिले फंड के प्रबंधन, हिसाब-किताब और इस्तेमाल को लेकर आरोप लगाए गए हैं और CBI सहित किसी स्वतंत्र एजेंसी से जांच की मांग की गई है। उन्होंने वित्तीय और अन्य संबंधित रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने और उनकी जांच करने की भी मांग की है। उपाध्याय ने आरोप लगाया है कि उनके खिलाफ दर्ज FIR को इन मुद्दों पर उनकी रिपोर्टिंग के संदर्भ में देखा जाना चाहिए। इसलिए, उन्होंने ज़बरदस्ती की कार्रवाई से सुरक्षा और उत्तर प्रदेश पुलिस से स्वतंत्र जांच की मांग की है। (Source: ANI)

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