असम में ट्रेन हादसे में सात हाथियों की मौत, मुख्यमंत्री ने जांच के आदेश दिए
गुवाहाटी। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शनिवार को एक दर्दनाक ट्रेन हादसे में सात हाथियों—तीन वयस्क और चार बच्चे—की मौत पर गहरा दुख जताया। उन्होंने अपने बयान में कहा, “आज सुबह हुए एक दुखद ट्रेन हादसे में सात हाथियों—तीन वयस्क और चार बच्चे—की मौत से हम बेहद दुखी हैं। मैंने वन विभाग को इस गंभीर घटना की विस्तृत जांच करने और खासकर कम दृश्यता वाले मौसम में वन्यजीव गलियारों की सुरक्षा और मजबूत करने के निर्देश दिए हैं।”
मुख्यमंत्री ने ऐसे हादसों को रोकने के लिए उपायों को और बेहतर बनाने की जरूरत पर दिया जोर
मुख्यमंत्री ने ऐसे हादसों को रोकने के लिए सुरक्षा उपायों को और बेहतर बनाने की जरूरत पर जोर दिया, ताकि हाथियों के लिए संवेदनशील इलाकों में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। शनिवार तड़के लामडिंग डिवीजन के अंतर्गत जामुनामुख–कंपुर सेक्शन में नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे की ट्रेन संख्या 20507 डाउन सैरांग–नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस हाथियों से टकरा गई। इस टक्कर के कारण इंजन और ट्रेन के पांच डिब्बे पटरी से उतर गए। इस हादसे में सात हाथियों की मौत हो गई, जबकि किसी भी यात्री को कोई चोट नहीं आई।
हादसे की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची दुर्घटना राहत ट्रेनें
हादसे की सूचना मिलते ही एनएफ रेलवे के महाप्रबंधक, लामडिंग के मंडल रेल प्रबंधक सहित वरिष्ठ रेलवे अधिकारी और दुर्घटना राहत ट्रेनें मौके पर पहुंचीं और बहाली का काम शुरू किया गया। नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी कपिंजल किशोर शर्मा ने एएनआई को बताया, “प्रभावित डिब्बों के यात्रियों को अन्य डिब्बों में उपलब्ध खाली बर्थ पर अस्थायी रूप से ठहराया गया है। प्रभावित डिब्बों को अलग करने के बाद ट्रेन सुबह 06:11 बजे गुवाहाटी के लिए रवाना हो गई। गुवाहाटी पहुंचने पर अतिरिक्त डिब्बे जोड़े जाएंगे और फिर ट्रेन अपनी आगे की यात्रा शुरू करेगी।”
लोको पायलट ने हाथियों के झुंड को देखकर लगाया था आपातकालीन ब्रेक
उन्होंने बताया कि हादसे का स्थान गुवाहाटी से लगभग 126 किलोमीटर दूर है और यह कोई निर्धारित हाथी गलियारा नहीं है। लोको पायलट ने हाथियों के झुंड को देखकर आपातकालीन ब्रेक लगाए, लेकिन हाथी ट्रेन से टकरा गए। रेलवे अधिकारियों ने कहा कि बहाली का काम पूरा हो गया है, लेकिन उस सेक्शन से गुजरने वाली ट्रेनों को फिलहाल अप लाइन पर डायवर्ट किया जा रहा है। इस बीच, भारतीय रेलवे में तकनीकी सुधार लगातार किए जा रहे हैं।
एआई आधारित कई प्रेडक्टिव मेंटेनेंस सिस्टम पर काम
रेल मंत्रालय ने एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित कई प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस सिस्टम पर काम चल रहा है। सिग्नलिंग सिस्टम के लिए एआई आधारित प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस के पायलट प्रोजेक्ट कुछ स्टेशनों पर लागू किए जा रहे हैं। इसके अलावा, एआई सक्षम इंट्रूजन डिटेक्शन सिस्टम (IDS), जो डिस्ट्रीब्यूटेड एकॉस्टिक सिस्टम (DAS) का उपयोग करता है, एनएफ रेलवे के 141 रूट किलोमीटर क्षेत्र में लागू किया गया है। साथ ही, भारतीय रेलवे के 981 रूट किलोमीटर क्षेत्र के लिए इसके टेंडर भी दिए जा चुके हैं। यह सिस्टम रेलवे ट्रैक के पास हाथियों की मौजूदगी का पता लगाकर लोको पायलट, स्टेशन मास्टर और कंट्रोल रूम को अलर्ट भेजता है, ताकि समय रहते जरूरी कदम उठाए जा सकें।
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