₹10 करोड़ की रिश्वत मांगने के आरोप में SFIO के डिप्टी डायरेक्टर हरीश तंवर 3 दिन की CBI कस्टडी में
नई दिल्ली। राउज एवेन्यू कोर्ट ने सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (SFIO) के डिप्टी डायरेक्टर हरीश तंवर को रिश्वत मांगने के आरोप से जुड़े मामले में तीन दिन की CBI कस्टडी में भेज दिया है। स्पेशल जज (CBI) मुनीश मार्कान ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को आगे की जांच के लिए यह हिरासत दी। मामले में शिकायतकर्ता से कथित तौर पर 10 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप है। जांच एजेंसी के अनुसार, इस मामले में 1 करोड़ रुपये की रकम तय होने का भी आरोप है।
वकील भरत शर्मा की CBI कस्टडी एक दिन बढ़ी
अदालत ने इस मामले में आरोपी वकील भरत शर्मा की CBI कस्टडी भी एक दिन के लिए बढ़ा दी। उन्हें दो दिन की हिरासत पूरी होने के बाद कोर्ट में पेश किया गया था। वहीं, एक अन्य आरोपी आर्यन शर्मा को 14 अक्टूबर को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। जांच एजेंसी आरोपियों की भूमिका और कथित रिश्वतखोरी से जुड़े घटनाक्रम की पड़ताल कर रही है।
चेन्नई से गिरफ्तार किए गए थे हरीश तंवर
हरीश तंवर को 14 अक्टूबर को चेन्नई से गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली लाया गया और शुक्रवार को राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया। CBI ने अदालत से उनकी हिरासत मांगते हुए कहा कि आरोपी से पूछताछ करना जरूरी है। एजेंसी ने अन्य आरोपियों के सामने बैठाकर पूछताछ करने और जांच के दौरान मिले सबूतों के आधार पर सवाल-जवाब करने की आवश्यकता भी बताई।
शिकायतकर्ता ने 10 करोड़ रुपये मांगने का लगाया आरोप
CBI के अनुसार, शिकायतकर्ता गोपाल शिवराम डेलवी ने 12 अक्टूबर 2026 को शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि चेन्नई में SFIO के जांच अधिकारी हरीश तंवर ने उनसे 10 करोड़ रुपये की मांग की थी। शिकायतकर्ता का दावा है कि इस कथित मांग को लेकर कई लोगों ने उनसे बार-बार संपर्क किया। जांच एजेंसी शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
SFIO के नोटिस और धमकी देने का भी आरोप
शिकायत के मुताबिक, शिकायतकर्ता को SFIO की ओर से एक नोटिस मिला था, जिसमें उन्हें चेन्नई में जांच में शामिल होने के लिए कहा गया था। आरोप है कि इसके बाद हरीश तंवर ने उन्हें धमकी दी और कुछ लोगों की मांगें मानने के लिए दबाव डाला। शिकायत में तंवर के एक वरिष्ठ अधिकारी के शामिल होने का भी उल्लेख किया गया है। इन आरोपों की जांच CBI कर रही है।
कथित तौर पर 1 करोड़ रुपये में तय हुई थी रकम
शिकायतकर्ता के अनुसार, शिवम श्रीवास्तव नाम के एक वकील ने भी उनसे संपर्क किया था। आरोप है कि मामले में शामिल लोगों ने 'भैया' नाम के एक व्यक्ति के निर्देश पर काम करने की बात कही थी। शिकायत के मुताबिक, आरोपी भरत शर्मा ने डेलवी से संपर्क किया और अंततः 1 करोड़ रुपये की रकम तय हुई। इसमें शिकायतकर्ता से 25 लाख रुपये टोकन राशि के तौर पर देने के लिए कहा गया था।
CBI ने जाल बिछाकर की कार्रवाई
शिकायत की पुष्टि के बाद CBI ने मामला दर्ज किया और दो स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में जाल बिछाया। एजेंसी के अनुसार, इस कार्रवाई के दौरान भरत शर्मा को 20 लाख रुपये दिए गए। आरोप है कि यह रकम उनकी ओर से आरोपी आर्यन शर्मा ने प्राप्त की। जांच एजेंसी इस लेन-देन और मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।
बड़ी साजिश और आरोपियों की भूमिका की जांच
CBI के लोक अभियोजक ने अदालत में कहा कि मामले में शामिल लोक सेवकों और अन्य व्यक्तियों की पहचान करना जरूरी है। उन्होंने कथित बड़ी साजिश का पर्दाफाश करने और प्रत्येक आरोपी की भूमिका तथा संलिप्तता का पता लगाने के लिए हिरासत में पूछताछ की आवश्यकता बताई। अदालत ने हरीश तंवर को तीन दिन की CBI कस्टडी में भेज दिया, जबकि भरत शर्मा की हिरासत एक दिन बढ़ा दी गई। मामले में रिश्वत मांगने और रकम के लेन-देन से जुड़े आरोपों की जांच जारी है। आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी। (Source: ANI)
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