भारत इंटरनेशनल राइस कॉन्फ्रेंस 2026: SGS ने चावल की आधुनिक गुणवत्ता जांच और तकनीक का किया प्रदर्शन
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में आयोजित 'भारत इंटरनेशनल राइस कॉन्फ्रेंस 2026' में टेस्टिंग और सर्टिफिकेशन क्षेत्र की दिग्गज कंपनी SGS ने चावल की आधुनिक गुणवत्ता जांच का प्रदर्शन किया है। कंपनी ने एक्सपोर्टर्स को बड़ी राहत देते हुए कीटनाशक अवशेषों (Pesticide Residue) की जांच रिपोर्ट महज 24 से 72 घंटे के भीतर उपलब्ध कराने का ऐलान किया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार की राह आसान होगी।
एक्सपीरियंस ज़ोन में लाइव टेस्टिंग
SGS इंडिया की 'डिजिटल सेंसरी एंड एडवांस्ड सेंटर फॉर टेस्टिंग' की प्रमुख अश्वथी वी. कृष्णन ने ANI से बातचीत में बताया कि कॉन्फ्रेंस में एक विशेष 'एक्सपीरियंस ज़ोन' तैयार किया गया है। यहां आने वाले विजिटर्स को चावल में मौजूद कमियों, माइक्रोबायोलॉजिकल अशुद्धियों और एफ्लाटॉक्सिन (Aflatoxins) जैसी गंभीर समस्याओं की पहचान करने की प्रक्रिया को नजदीक से देखने का अवसर मिल रहा है।
उन्होंने कहा, "यह एक ऐसा अनुभव क्षेत्र है जहां लोग देख सकते हैं कि वास्तविक टेस्टिंग कैसे होती है।" कंपनी ने यह भी प्रदर्शित किया है कि दूषित चावल कैसा दिखता है और उसके पनपने के पीछे कौन से फंगस या कारक जिम्मेदार होते हैं।
अत्याधुनिक 'LC-MS/MS' तकनीक का कमाल
एसजीएस (SGS) चावल में कीटनाशक अवशेषों का सटीक पता लगाने के लिए अत्याधुनिक 'लिक्विड क्रोमैटोग्राफी-टैंडेम मास स्पेक्ट्रोमेट्री' (LC-MS/MS) तकनीक का इस्तेमाल कर रही है। इस तकनीक की सबसे बड़ी खूबी यह है कि एक ही रन में करीब 750 मॉलिक्यूल्स की जांच की जा सकती है।
अश्वथी वी. कृष्णन ने बताया, "हमारे पास LC-MS/MS सिस्टम है, जिससे एक बार में 750 मॉलिक्यूल्स की जांच हो जाती है और इसमें लगभग 24 से 72 घंटे का समय लगता है।" तेज टर्नअराउंड टाइम (TAT) का यह फायदा है कि निर्यातकों और खरीदारों को शिपमेंट भेजने से पहले ही कंप्लायंस रिपोर्ट मिल जाती है, जिससे व्यापारिक फैसले लेने में आसानी होती है।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में रिजेक्शन से राहत
यह पहल ऐसे समय में सामने आई है जब ग्लोबल मार्केट में कीटनाशकों के अंश और कड़े नियमों के कारण भारतीय चावल की खेप (Consignments) रोके जाने या रिजेक्ट होने की चिंताएं लगातार बढ़ रही हैं। यूरोप और अन्य कड़े नियमों वाले बाजारों में इन तकनीकी जांचों की मांग सबसे अधिक है।
वैश्विक स्तर पर कंपनी के मजबूत नेटवर्क का जिक्र करते हुए कृष्णन ने बताया कि दुनिया भर के 115 देशों में SGS की 2,500 से अधिक लैब और केंद्र संचालित हैं, जिनसे 1,00,000 से ज्यादा पेशेवर जुड़े हैं। खरीदार डेस्टिनेशन मार्केट में पहुंचने के बाद भी अपनी खेप की जांच करवा सकते हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार सुगम बनता है। (भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)
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