समुद्री क्षेत्र को मिलेगा वित्तीय बूस्ट, SMFCL ने 11,563 करोड़ की फंडिंग मंजूर की
नई दिल्ली: केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग (MoPSW) मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने शुक्रवार को नई दिल्ली के इंस्टीट्यूट फॉर स्टडीज इन इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट (ISID) में 'सागरमाला फाइनेंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड' (SMFCL) के कॉर्पोरेट कार्यालय का उद्घाटन किया। इसे उन्होंने समुद्री क्षेत्र में भारत की पहली समर्पित गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (NBFC) को एक स्थायी ठिकाना देने वाला कदम बताया।
SMFCL ने 11,563 करोड़ रुपये के वित्तपोषण को दी मंजूरी
यह नया कार्यालय ऐसे समय में खुला है जब कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। 30 सितंबर तक SMFCL ने 11,563 करोड़ रुपये के वित्तपोषण को मंजूरी दी है और 5,107 करोड़ रुपये वितरित किए हैं, जबकि परियोजनाओं के आगे बढ़ने के साथ स्वीकृत राशि का आधे से अधिक हिस्सा अभी निकाला जाना बाकी है। निगम की योजना आज से आगे की है। इसका लक्ष्य वित्त वर्ष 2031 के अंत तक कुल 60,205 करोड़ रुपये के संवितरण (disbursements) तक पहुंचना है, जो आरबीआई के मानदंडों और अपने ऋण-से-इक्विटी अनुपात के अनुरूप पैमाने को बढ़ाने के लिए इक्विटी समर्थन पर निर्भर करता है।
भारत को समुद्री शक्ति बनाने में SMFCL की अहम भूमिका
केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा, समुद्री क्षेत्र में भारत की पहली समर्पित एनबीएफसी (NBFC) के रूप में SMFCL बंदरगाह के नेतृत्व वाले विकास के लिए दीर्घकालिक वित्त जुटाने, जहाज निर्माण और तटीय संपर्क बढ़ाने और हमारी समुद्री अर्थव्यवस्था के समग्र विकास को उत्प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक दुनिया का एक प्रमुख समुद्री राष्ट्र बनने के विजन को साकार करने की दिशा में भारत के समुद्री विकास को गति देने में एक अहम भूमिका निभा रहा है।
25 करोड़ की ब्याज सब्सिडी जारी
मैरीटाइम डेवलपमेंट फंड, जिसके दो घटक हैं, वह भी आकार ले रहा है। इसके MIF घटक के लिए SBI वेंचर्स लिमिटेड को आधिकारिक फंड मैनेजर नियुक्त किया गया है। SEBI के साथ अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड के रूप में पंजीकरण नवंबर के अंत तक पूरा होना है, और जनवरी 2027 तक 5,000 करोड़ रुपये के पहले चरण का लक्ष्य है। इंटरेस्ट इंसेंटिवाइजेशन फंड पहले से ही परिणाम दे रहा है। इसका ऑनलाइन पोर्टल www.iifmdf.in लाइव है। अब तक 4,500 करोड़ रुपये के ऋणों का समर्थन किया गया है। उधारकर्ताओं द्वारा भुगतान किए गए ब्याज के एवज में लगभग 25 करोड़ रुपये की ब्याज सब्सिडी जारी की जा चुकी है।
समुद्री क्षेत्र को मजबूत बना रहा SMFCL
सोनोवाल ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी मैरीटाइम अमृत काल विजन 2047 के तहत, भारत एक मजबूत, अधिक आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी समुद्री क्षेत्र का निर्माण कर रहा है। SMFCL द्वारा चलाई जाने वाली योजनाएं अब किसी समुद्री परियोजना को उसके शुरुआती विचार से लेकर अंतिम ऋण तक कवर करती हैं। मैरीटाइम इन्वेस्टमेंट फंड में भारत सरकार का योगदान (9,800 करोड़ रुपये तक) SMFCL के माध्यम से दिया जाता है, जबकि फंड मैनेजर के रूप में चुनी गई SBI वेंचर्स इस फंड का पेशेवर प्रबंधन करती है। इंटरेस्ट इंसेंटिवाइजेशन फंड पात्र शिपयार्ड के लिए ऋण की लागत को आसान बनाता है, जिसमें SMFCL प्रोत्साहन की गणना करता है, आवेदन और दावे का पोर्टल चलाता है और ब्याज सहायता जारी करता है।
समुद्री परियोजनाओं की फंडिंग और निगरानी करेगा SMFCL
शिपबिल्डिंग डेवलपमेंट स्कीम के तहत, क्रेडिट रिस्क कवर कॉर्पस का प्रबंधन केंद्रीय रूप से किया जाता है। यह प्रीमियम और दावों की समीक्षा द्वारा समर्थित है, जिससे शिपयार्ड और ऋणदाताओं को भुगतान जोखिम के खिलाफ सुरक्षा कवच मिलता है। SMFCL का अपना ऋण ऐप्रेजल, बंदरगाहों, रेल और सड़क लिंक, आंतरिक जलमार्ग, तटीय बुनियादी ढांचे, बंदरगाह-हिइंटरलैंड लॉजिस्टिक्स, जहाज निर्माण और जहाज की मरम्मत से जुड़ी परियोजनाओं का मूल्यांकन, मंजूरी और निगरानी करता है। यह सागरमाला और राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर (NMHC) फंड के वितरण और उपयोग की भी देखरेख करता है, ताकि पैसा परियोजनाओं तक पहुंचे और खर्च होने तक उस पर नजर रखी जा सके।
(ANI)
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