गोवा में आयोजित होने वाले इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल

शिवकार्तिकेयन की फिल्म ‘अमरन’ से खुलेगा IFFI 2025 का इंडियन पैनोरमा सेक्शन

गोवा में आयोजित होने वाले इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI 2025) का आगाज़ इस बार एक खास फिल्म के साथ होने जा रहा है। लोकप्रिय तमिल अभिनेता शिवकार्तिकेयन की आगामी फिल्म ‘अमरन’ (Amaran) को इस प्रतिष्ठित महोत्सव के इंडियन पैनोरमा सेक्शन की उद्घाटन फिल्म के रूप में चुना गया है।

सूत्रों के मुताबिक, इस फिल्म की खास स्क्रीनिंग फेस्टिवल के पहले दिन की जाएगी। हर साल आयोजित होने वाला IFFI भारतीय सिनेमा की विविधता, प्रतिभा और नई सोच को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पेश करने का सबसे बड़ा अवसर माना जाता है।

‘अमरन’ की कहानी और चर्चा

‘अमरन’ एक सच्ची घटना पर आधारित देशभक्ति से जुड़ी कहानी है। बताया जा रहा है कि फिल्म में शिवकार्तिकेयन एक भारतीय सैनिक का किरदार निभा रहे हैं, जो अपने कर्तव्य और देश के प्रति समर्पण की मिसाल पेश करता है। फिल्म के एक्शन और भावनात्मक दृश्यों को लेकर दर्शकों में पहले से ही काफी उत्साह है।

इस फिल्म का निर्देशन राजकुमार पेरियासामी ने किया है, जबकि इसका निर्माण कामल हासन, आर. महेंद्रन और राजकुमार पेरियासामी ने मिलकर किया है। फिल्म में शिवकार्तिकेयन के साथ साई पल्लवी भी मुख्य भूमिका में नजर आएंगी।

IFFI 2025 से जुड़ी उम्मीदें

IFFI 2025 का आयोजन इस साल 16 नवंबर से 24 नवंबर तक गोवा में किया जा रहा है। दुनियाभर से फिल्मकार, कलाकार और निर्देशक इसमें हिस्सा लेंगे। ‘अमरन’ के उद्घाटन फिल्म बनने की घोषणा के बाद दक्षिण भारतीय सिनेमा के प्रशंसकों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।

सिनेमा जगत की प्रतिक्रियाएँ

फिल्म समीक्षकों का मानना है कि ‘अमरन’ का चयन यह दर्शाता है कि भारतीय सिनेमा अब क्षेत्रीय सीमाओं से बाहर निकलकर वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। वहीं शिवकार्तिकेयन के फैंस के लिए यह खबर किसी जश्न से कम नहीं है।

IFFI 2025 में ‘अमरन’ की स्क्रीनिंग न केवल तमिल सिनेमा की उपलब्धि है, बल्कि यह भारतीय सिनेमा की बढ़ती लोकप्रियता और संवेदनशील कहानियों के प्रति दर्शकों के लगाव का भी प्रतीक है।

संक्षेप में, ‘अमरन’ से IFFI 2025 की शुरुआत होना भारतीय सिनेमा के लिए एक गर्व का क्षण है। यह फिल्म न सिर्फ देशभक्ति की भावना को उजागर करती है, बल्कि भारतीय कलाकारों की रचनात्मकता और मेहनत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर सम्मान भी दिलाती है।