Parliament Session​​​​​​​ : वेस्ट एशिया में हो रहे

'67,000 भारतीय नागरिक लौटने के लिए पार कर चुके इंटरनेशनल बॉर्डर', संसद में बोले एस जयशंकर

संसद में बोले विदेश मंत्री एस जयशंकर

Parliament Session : वेस्ट एशिया में हो रहे संघर्ष को लेकर संसद में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को कहा कि लगभग 67,000 भारतीय नागरिक लौटने के लिए इंटरनेशनल बॉर्डर पार कर चुके हैं. वेस्ट एशिया से हमारे लोगों को वापस लाने की पूरी कोशिश की जा रही है. 

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि "जाहिर सी बात है कि इस समय ईरान के शीर्ष नेतृत्व से संपर्क कर पाना कठिन है. मैंने ईरान के विदेश मंत्री से बात की है. भारत शांति और बातचीत के समर्थन में है, ताकि टकराव कम किया जाए और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके."

उन्होंने बताया कि भारत एनर्जी सिक्योरिटी पर इस संघर्ष के असर को देखते हुए सरकार यह पक्का करने के लिए कमिटेड है कि वह एनर्जी मार्केट की अवेलेबिलिटी, कॉस्ट और रिस्क को ध्यान में रखे. सरकार के लिए इंडियन कंज्यूमर का हित सबसे ऊपर रहेगा. इस समय नेतृत्व स्तर पर ईरान के साथ संपर्क साधना स्पष्ट तौर पर कठिन है.

भारत ने ईरान के युद्धपोत IRIS Lavan को डॉक करने की अनुमति दी थी : एस जयशंकर 

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि उस स्थिति के बावजूद ईरान के विदेश मंत्री ने भारत का धन्यवाद किया है कि भारत ने ईरान के युद्धपोत IRIS Lavan को कोच्चि पोर्ट में डॉक होने की अनुमति दी एक मानवीय कार्रवाई के रूप में जिसे ईरान ने सराहा है. क्षेत्रीय स्थिति गंभीर है और सुरक्षा हालात लगातार बिगड़ रहे हैं. इस संघर्ष ने अन्य देशों में भी तबाही और आतंक फैला दिया है. पूरे क्षेत्र में सामान्य जीवन और आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं, कुछ जगहों पर पूरी तरह ठप हो गई हैं.

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