SSB ने अपने जवानों को हनी ट्रैप, संदिग्ध APK फाइलो

एसएसबी ने कर्मियों को हनी ट्रैप, संदिग्ध एपीके फाइलों और साइबर धोखाधड़ी से सावधान रहने की दी चेतावनी

SSB Warns Personnel Against Honey Traps, Malicious APKs and Cyber Fraud

नई दिल्ली (भारत)। सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने अपने जवानों को ऑनलाइन हनी ट्रैप, संदिग्ध APK फाइलों और साइबर धोखाधड़ी से सावधान रहने की सलाह दी है। साइबर सुरक्षा जागरूकता सप्ताह के समापन के एक दिन बाद बल ने इस संबंध में एडवाइजरी जारी की। इसमें जवानों को ऑनलाइन अजनबियों से बातचीत करते समय सतर्क रहने और निजी तस्वीरें या वीडियो साझा नहीं करने को कहा गया है। साथ ही, संदिग्ध वीडियो कॉल और पैसों की मांग का जवाब देने से बचने की सलाह दी गई है।

नकली पहचान के जरिए भरोसा जीतते हैं साइबर अपराधी

SSB के अनुसार, साइबर अपराधी अक्सर नकली पहचान और भावनात्मक हेरफेर का सहारा लेकर लोगों का भरोसा जीतते हैं। इसके बाद वे निजी, संवेदनशील और वित्तीय जानकारी चुराने की कोशिश करते हैं। ऐसे तरीकों से व्यक्तिगत जानकारी का दुरुपयोग, वित्तीय धोखाधड़ी और अन्य प्रकार का ऑनलाइन शोषण हो सकता है। बल ने जवानों को अनजान लोगों के साथ डिजिटल माध्यमों पर बातचीत करते समय विशेष सावधानी बरतने को कहा है।

संदिग्ध APK फाइलें इंस्टॉल करने से बचने की सलाह

एडवाइजरी में जवानों को अनजान स्रोतों से Android Package Kit (APK) फाइलें डाउनलोड और इंस्टॉल नहीं करने की चेतावनी दी गई है। बल के मुताबिक, ऐसी फाइलें मोबाइल डिवाइस को नुकसान पहुंचा सकती हैं और निजी तथा वित्तीय जानकारी को साइबर अपराधियों के सामने उजागर कर सकती हैं। जवानों को सलाह दी गई है कि वे एप्लिकेशन डाउनलोड करने के लिए केवल भरोसेमंद स्रोतों का इस्तेमाल करें, ताकि संदिग्ध फाइलों से होने वाले नुकसान से बचा जा सके।

OTP, PIN और बैंकिंग जानकारी साझा न करें

डिजिटल धोखाधड़ी से बचने के लिए SSB ने जवानों को अनजान कॉल, फर्जी मैसेज, संदिग्ध लिंक और QR कोड से सावधान रहने को कहा है। बल ने अपनी मेहनत की कमाई सुरक्षित रखने के लिए किसी के साथ वन-टाइम पासवर्ड (OTP), पर्सनल आइडेंटिफिकेशन नंबर (PIN), पासवर्ड या बैंकिंग संबंधी जानकारी साझा नहीं करने की सलाह दी है। एडवाइजरी में यह भी कहा गया है कि किसी भी वित्तीय लेन-देन से पहले संबंधित अनुरोध की सत्यता की पुष्टि जरूर करें।

साइबर धोखाधड़ी होने पर 1930 पर करें शिकायत

SSB ने जवानों को साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत रिपोर्ट करने की सलाह दी है। इसके लिए राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल किया जा सकता है या सरकारी साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। बल ने संदिग्ध ऑनलाइन बातचीत और वित्तीय अनुरोधों पर कार्रवाई करने से पहले उनकी प्रामाणिकता की जांच करने पर जोर दिया है।

'रुको, सोचो, जांचो, फिर कार्रवाई करो'

SSB ने अपने संदेश में कहा, "रुको, सोचो, जांचो, फिर कार्रवाई करो।" बल ने इस संदेश के जरिए जवानों को ऑनलाइन बातचीत का जवाब देने या वित्तीय लेन-देन करने से पहले सावधानी बरतने की अपील की। एडवाइजरी का उद्देश्य बढ़ते साइबर खतरों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और जवानों के बीच सुरक्षित डिजिटल आदतों को प्रोत्साहित करना है। बल ने अपने संदेश का समापन करते हुए कहा, "सतर्क रहें, सावधान रहें, साइबर सुरक्षित रहें।"

भारत-नेपाल और भारत-भूटान सीमा की सुरक्षा करता है SSB

सशस्त्र सीमा बल भारत-नेपाल सीमा के 1,751 किलोमीटर और भारत-भूटान सीमा के 699 किलोमीटर हिस्से की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालता है। बल भारत की सीमाओं की रक्षा और आंतरिक सुरक्षा बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है। इसकी स्थापना 1962 में चीन के हमले के बाद 15 मई, 1963 को 'स्पेशल सर्विस ब्यूरो' के रूप में की गई थी। बाद में 15 जनवरी, 2001 को इसे गृह मंत्रालय के अधीन लाया गया और 19 जून, 2001 को भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई। (Source: ANI)

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