सुप्रीम कोर्ट की स्पेशल लोक अदालत में बड़ी पहल, पहले दिन 400 से , पहले दिन 400 से ज्यादा मामलों का आपसी सहमति से निपटारा
नई दिल्ली (भारत)। सुप्रीम कोर्ट की स्पेशल लोक अदालत ने 'समाधान समारोह 2026' के तहत पहले दिन 400 से ज्यादा मामलों का आपसी सहमति से निपटारा किया। 21 अगस्त से शुरू हुई यह दो दिवसीय पहल 23 अगस्त को समाप्त होगी। सुप्रीम कोर्ट की 16 स्पेशल लोक अदालत बेंचों के सामने 600 से अधिक मामले रखे गए थे, जिनमें वैवाहिक और संपत्ति विवाद, मोटर दुर्घटना दावे, भूमि अधिग्रहण व मुआवजा, टैक्स तथा सर्विस-लेबर से जुड़े मामले शामिल थे। इस पहल का उद्देश्य लंबित मामलों को बातचीत और मध्यस्थता के जरिए सुलझाकर न्यायिक व्यवस्था पर मुकदमों का बोझ कम करना है।
दो दिवसीय समाधान समारोह 2026 शुरू
भारत के मुख्य न्यायाधीश (कार्यवाहक) सूर्य कांत के मार्गदर्शन में आयोजित यह स्पेशल लोक अदालत शुक्रवार को शुरू हुई और दो दिन तक चलेगी, जिसका समापन 23 अगस्त को होगा। सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि इस पहल का मकसद लंबित विवादों का आपसी सहमति से निपटारा करना और वादियों को बातचीत और सहमति के जरिए अपने मामलों को सुलझाने का मौका देना है।
600 से ज्यादा मामले सुनवाई के लिए रखे गए
आगे कहा, "16 स्पेशल लोक अदालत बेंचों के सामने निपटारे के लिए 600 से ज्यादा मामले रखे गए थे। हर बेंच में सुप्रीम कोर्ट के दो मौजूदा जज, सीनियर वकील, एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड (AOR) और अन्य वकील शामिल थे। इनमें से 400 से ज्यादा मामलों का आपसी सहमति से निपटारा किया गया। बेंचों ने पक्षों के बीच बातचीत में मदद की और आपसी सहमति से निपटारे की संभावना तलाशने में उनकी सहायता की।"
वैवाहिक से लेकर टैक्स विवाद तक मामलों का निपटारा
जिन मामलों पर सुनवाई हुई, उनमें वैवाहिक और संपत्ति विवाद, मोटर दुर्घटना के दावे, जमीन अधिग्रहण और मुआवजे के मामले, टैक्स से जुड़े मामले और सर्विस व लेबर विवाद शामिल थे। 21 अप्रैल को 'समाधान समारोह' पहल शुरू होने के बाद से ही इन मामलों में निपटारे से पहले की प्रक्रिया चल रही थी। इसमें आपसी सहमति से समाधान की संभावना का पता लगाने के लिए वादियों और उनके वकीलों को शामिल किया गया था।
लोक अदालत का मकसद मुकदमों का बोझ कम करना
स्पेशल लोक अदालत का मकसद आपसी सहमति से विवाद सुलझाने के तरीकों को मजबूत करना और लंबे समय तक चलने वाले मुकदमों के बोझ को कम करना है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि यह पहल न्याय प्रणाली के एक अहम हिस्से के तौर पर मध्यस्थता और विवाद सुलझाने के अन्य वैकल्पिक तरीकों को बढ़ावा देने की उसकी लगातार कोशिशों को दिखाती है। 'समाधान समारोह 2026' का समापन 23 अगस्त को स्पेशल लोक अदालत की कार्यवाही पूरी होने के बाद होगा। (Source: ANI)
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