ताड़ के तेल के कारखाने के क्षेत्र को लेकर पतंजलि फ

पतंजलि फूड्स–तेलंगाना भूमि विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने दिया 'यथास्थिति' का आदेश

Supreme Court Orders Status Quo in Patanjali–Telangana Land Dispute

हैदराबाद। सुप्रीम कोर्ट ने सूर्यापेट जिले में एक ताड़ के तेल के कारखाने के क्षेत्र को लेकर पतंजलि फूड्स लिमिटेड और तेलंगाना सरकार के बीच चल रहे विवाद में भूमि पुनर्आवंटन पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है। यह आदेश जस्टिस जेबी परदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच ने दिया है।

ताड़ के तेल प्रसंस्करण इकाई की भूमि को लेकर विवाद

दरअसल, यह विवाद तेलंगाना में एक ताड़ के तेल प्रसंस्करण इकाई के लिए निर्धारित भूमि से संबंधित है, जिसे मूल रूप से एनएमईओ-ओपी ढांचे के तहत ताड़ के तेल की खेती और प्रसंस्करण के लिए अपने कारखाने क्षेत्र के हिस्से के रूप में पतंजलि फूड्स को आवंटित किया गया था।

फैक्ट्री ज़ोन रद्द होने पर पतंजलि फूड्स ने किया हाईकोर्ट का रुख

मार्च 2025 में तेलंगाना सरकार ने कथित तौर पर खेती के लक्ष्यों को पूरा करने में विफलता और प्रसंस्करण इकाई की स्थापना में देरी का हवाला देते हुए सूर्यापेट जिले में पतंजलि फूड्स के फैक्ट्री जोन को रद्द कर दिया था। पतंजलि फूड्स ने इस कदम को तेलंगाना हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।

हाईकोर्ट ने सीमित न्यायिक हस्तक्षेप की कही बात

हाईकोर्ट ने 8 जनवरी 2026 को यह माना था कि विवाद एनएमईओ-ऑयल पाम ढांचे के तहत पतंजलि फूड्स और राज्य सरकार के बीच हुए संविदात्मक समझौते से उत्पन्न हुआ है और इसलिए अनुच्छेद 226 के तहत न्यायिक समीक्षा का दायरा सीमित है। हाईकोर्ट ने यह भी कहा था कि हस्तक्षेप तभी उचित होगा जब राज्य की कार्रवाई मनमानी, दुर्भावनापूर्ण या संवैधानिक गारंटियों का उल्लंघन साबित हो।

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