भाजपा और विपक्षी दल के नेता शुभेंदु अधिकारी ने चेताया ईआरओ और एईआरओ को
चुनाव आयोग पर दबाव बनाने की चेतावनी
पश्चिम बंगाल में एसआईआर के तहत यदि ईआरओ या एईआरओ आईपैक, किसी वरिष्ठ अधिकारी या राजनीतिक नेताओं के कहने पर कार्य करेंगे तो भाजपा व विपक्षी दल के नेता शुभेंदु अधिकारी चुनाव आयोग पर उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए दबाव बनाएंगे।
सत्तारूढ़ दल के प्रभाव का आरोप
विपक्षी दल के नेता शुभेंदु अधिकारी का कहना है कि ईआरओ और एईआरओ राज्य सरकार के कर्मचारी हैं। इन पर सत्तारूढ़ पार्टी टीएमसी का प्रभाव है। वोटर लिस्ट के ड्राफ्ट बनाने या वोटरों की सुनवाई में इनकी ओर से की गई गड़बड़ियों के कारण वोटरों को परेशानी हुई है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला
उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार ईआरओ और एईआरओ को ही वोटरों के संबंध में अंतिम निर्णय लेने का अधिकार है। शुभेंदु अधिकारी को संदेह है कि टीएमसी इनके माध्यम से वोटर लिस्ट में गड़बड़ी करवा सकती है।
भाजपा रखेगी नजर
भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी का कहना है कि पार्टी की ओर से ईआरओ और एईआरओ के कार्यों पर नजर रखी जाएगी। यदि उन्होंने चुनाव आयोग के किसी भी निर्देश के खिलाफ कार्य किया तो इसकी शिकायत चुनाव आयोग से की जाएगी।
अधिकारियों की सूची पर सवाल
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ओर से जो सरकारी अधिकारियों की सूची सौंपी गई है, उसमें कुछ अधिकारी ग्रुप बी के नहीं हैं। सरकार चुनाव आयोग को गुमराह कर रही है। इस संबंध में वे चुनाव आयोग का ध्यान आकर्षित करेंगे।
माइक्रो ऑब्जर्वर को लेकर आरोप
भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने टीएमसी पर माइक्रो ऑब्जर्वर के रूप में नियुक्त राज्य के अधिकारियों को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऑब्जर्वर के रूप में नियुक्त राज्य सरकार के अधिकारियों को ईआरओ या एईआरओ की केवल सहायता करनी है, वोटरों के बारे में कोई निर्णय नहीं लेना है। निर्णय लेने का अधिकार केवल ईआरओ और एईआरओ को ही है।
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