'वंदे मातरम्' की मंशा के विपरीत काम कर रही सरकार: सपा सांसद अवधेश प्रसाद
नई दिल्ली: संसद में 'वंदे मातरम्' की 150वीं वर्षगांठ के मौके हुई विशेष चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद अवधेश प्रसाद ने केंद्र सरकार की नीतियों पर हमला बोला। उन्होंने इस चर्चा को "बहुत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक मुद्दा" बताया जिसकी शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी।
'वंदे मातरम्' की मूल भावना के विपरीत सरकार की मंशा
अवधेश प्रसाद ने कहा कि वंदे मातरम् देश की एकता, अखंडता और आपसी भाईचारे को मजबूत करने का एक शक्तिशाली संदेश है लेकिन वर्तमान सरकार की मंशा वंदे मातरम की मंशा के विपरीत है। उन्होंने आह्वान किया कि देश की एकता और अखंडता के लिए किसी भी नागरिक के साथ अन्याय, अत्याचार और भेदभाव न हो, जैसा कि वंदे मातरम् की मूल भावना है।
देश की आज़ादी और बलिदानों पर बयान
सांसद ने कहा कि आज़ादी किसी "एक नेता या एक जात के लोगों" के योगदान का परिणाम नहीं है, बल्कि देश के अनगिनत लोगों ने अंग्रेजों से लोहा लिया और हंसते-हंसते फाँसी के फंदे पर झूल गए। उन्होंने विशेष रूप से अयोध्या (फैजाबाद) के अशफ़ाक़ुल्लाह ख़ाँ और पंडित राम प्रसाद बिस्मिल का उल्लेख किया, जिन्हें ब्रिटिश सरकार ने फाँसी दी थी।
राम मंदिर और दीपोत्सव कार्यक्रम में आमंत्रण न मिलने पर नाराज़गी
सपा सांसद ने अयोध्या में हाल ही में आयोजित राम मंदिर ध्वजारोहण कार्यक्रम में आमंत्रित न किए जाने पर भी अपनी नाराज़गी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि 25 नवंबर को आयोजित इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आए थे, लेकिन उन्हें बतौर सांसद न तो पास मिला और न ही आमंत्रण दिया गया।
प्रसाद ने कहा कि उन्हें लाखों लोगों ने उन्हें प्रभु श्री राम के नाम पर वोट दिया है, फिर भी प्रभु श्री राम के लोगों को नहीं बुलाया गया, जबकि बाहरी लोगों को आमंत्रित किया गया था। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा आयोजित दीपोत्सव कार्यक्रम में भी आमंत्रित न किए जाने पर अपनी नाराज़गी जताई।
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