मौसम बदलने के साथ बढ़ रही है सर्दी व जुकाम की समस्या
Jabalpur : मौसम बदलने के साथ सर्दी के कारण जुकाम की समस्या आ रही है। इसके उपचार के लिए उपाय भी किये। जैसे स्टीम लेना,गार्गिलिंग करना, गरम पानी से स्नान करना, गर्म चीज का सेवन, रात में सोते समय कंबल का प्रयोग, गरम खाना खाना, ठंढी हवा से बचना, घर को रात में गरम रखना, आदि का प्रयोग बढ़ा देना आदि। वहीं, देखने में आता है कि लोग खांसी, जुकाम की गिरफ्त में आ रहे हैं। अपने परिचित से बात करने पर यह समस्या कई शहरों में दिख रही है।
मालूम हो कि यह एक प्रकार का फ्लू है, जो लोगों को तेजी से अपनी गिरफ्त में ले रहा है। अपने देश की सीमा से बाहर जाएं तो देखने में आता है कि एशिया के दूसरे देशों का भी यही हाल है। यह इतना बुरा है कि इसे जापान में महामारी तक घोषित कर दिया गया है। विशेषज्ञ बताते हैं यह एक प्रकार फ्लू है, महामारी है, जो तेजी से फैल रहा है। मालूम हो कि मौसम बदलने के साथ स्वास्थ्य संबंधी चीजें भी तेजी से बदलने लगती है। अपने देश में जनवरी से लेकर मार्च और अगस्त से अक्टूबर तक सर्दी जुकाम का मौसम माना जाता है।
फ्लू की बीमारी उत्तर भारत में सबसे अधिक देखने को मिलती है। इसकी गिरफ्त में अक्सर दिल्ली, हरियाणा, गुजरात और पंजाब के बसिंदे होते हैं। यह भी गौर करने वाला है कि अपने देश में एच3एन2 का एक रूप पाया जाता है। इस मामले में सर्वे भी किया गया है। लोकल सर्किल्स नामक संस्था ने यह सर्वे किया है। इसमें पाया गया कि दिल्ली, एनसीआप के साथ-साथ गुरुग्राम, गाजियाबाद, फरीदाबाद,नोएडा में इसके बहुत अधिक मामले सामने आ रहे-हैं। पाया गया कि इससे इस क्षेत्र के करीब 69 फीसदी घरों में बुखार जैसे लक्षण हैं।
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, जनवरी, सितंबर, 2025 में देश में करीब एक लाख सेंपल टेस्ट किया गये, इसमें से करीब 25 फीसदी एच3एन2 पाजिटिव पाए गए, वहीं थाइलैंड में इस साल करीब 25 फीसदी एच3एन2 साकारात्मक पाया गया। वहां इस साल अब तक 5.5 लाख से अधिक फ्लू के मामले दर्ज किया गये। सितंबर के दूसरे हफ्ते में 30 हजार से अधिक मरीज सामने आये। इधर अपने देश में इन्प्लूएन्जा से 59 लोगों की मौत हुई है।
सिंगापुर में फ्लू के मामलों में 40 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है। इसमें ज्यादातर मामले राइनोवायरस और फ्लू के मामने सामने आये। इस बीच मलेशिया में 6000 से अधिक छात्र फ्लू से पीड़ित पाये गये हैं। इससे कई स्कूलों को तात्कालीक रूप से बंद कर दिया गया है। भारत, जापान और सिंगापुर में इन्फ्लूएंजा टाइप -ए के तहत आने वाले एच1एन1 और एच3 एन2 वायरस पाये गये। सर्दी,जुकाम इन्फ्लूएंजा से होता है जो चार तरह का होता है। इसमें पहले तरह ए है। यह सबसे खतरनाक होता है। इससे महामारी फैलता है। इस मनुष्य और पक्षियों पर हानीकारक असर करता है। एन्फ्लूंजा की और वैरियंट अधिक गंभीर नहीं होता है। पहला ए कैटगरी खतरनाक होता है और कोरोना वायरस की तरह फैलता है।
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