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मुंबई पुलिस ने टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में सात और लोगों को किया गिरफ्तार, जांच तेज

7 More Arrested in Haryana, Total Reaches 10

मुंबई (महाराष्ट्र)। अभिनेता टाइगर श्रॉफ से जुड़ी फायरिंग की घटना के मामले में मुंबई पुलिस ने हरियाणा से सात और लोगों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही इस मामले में गिरफ्तार संदिग्धों की कुल संख्या 10 हो गई है। मुंबई पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान मिले सुरागों की मदद से अन्य संदिग्धों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार किए गए लोगों में दो महिलाएं भी शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि सभी सात आरोपियों को मुंबई लाया जाएगा और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए अदालत में पेश किया जाएगा।

कोटा से पहले गिरफ्तार किए गए थे तीन आरोपी

इस मामले की जांच के शुरुआती दौर में मुंबई पुलिस ने राजस्थान के कोटा से तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। बुधवार को मुंबई पुलिस के एंटी-एक्सटॉर्शन सेल (AEC) ने इन तीनों आरोपियों को मुंबई की एस्प्लेनेड कोर्ट में पेश किया। आरोपियों को कोटा से तड़के करीब 3 बजे मुंबई लाया गया था। इसके बाद उनकी मेडिकल जांच कराई गई और फिर अदालत में पेश किया गया। अदालत ने तीनों आरोपियों को 31 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया।

पुलिस ने मांगी थी 14 दिन की हिरासत

सुनवाई के दौरान अदालत ने आरोपियों की गिरफ्तारी के समय को लेकर स्पष्टीकरण मांगा। इस पर एक आरोपी ने बताया कि उसे 19 अक्टूबर की सुबह गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद जांच अधिकारी और अभियोजन पक्ष ने तीनों आरोपियों की पुलिस हिरासत की मांग की। अभियोजन पक्ष ने दलील दी कि मामले से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाने के लिए आरोपियों से आगे पूछताछ करना जरूरी है। सरकारी वकील ने आरोपियों से गहन पूछताछ के लिए 14 दिनों की पुलिस हिरासत देने का अनुरोध किया।

हथियार और इलेक्ट्रॉनिक सबूत बरामद करना चाहती है पुलिस

अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि पुलिस को फायरिंग में इस्तेमाल किए गए हथियार की बरामदगी करनी है। इसके अलावा उन मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को भी जब्त करना है, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर इस साजिश में किया गया था। जांच टीम के मुताबिक, मामले से जुड़े कई दावों का सत्यापन भी किया जाना बाकी है। अभियोजन पक्ष ने यह भी कहा कि आरोपी महाराष्ट्र के बाहर के कुछ लोगों से जुड़े हैं, जिसके कारण जांच के लिए विभिन्न स्थानों पर जाना पड़ सकता है। फायरिंग के पीछे के मकसद का पता लगाना भी जांच का अहम हिस्सा है।

बचाव पक्ष ने पुलिस हिरासत की मांग का किया विरोध

सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकीलों ने अभियोजन पक्ष की पुलिस हिरासत की मांग का विरोध किया। उन्होंने दलील दी कि पुलिस की ओर से बताए गए आधार आरोपियों को आगे हिरासत में रखने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। बचाव पक्ष के एक वकील ने सुप्रीम कोर्ट के भूषण सिंह बनाम राज्य मामले के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि केवल कथित अपराध में इस्तेमाल की गई वस्तुओं की बरामदगी के लिए पुलिस हिरासत नहीं मांगी जा सकती। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि आरोपियों को हिरासत में रखे बिना इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की जांच की जा सकती है।

ट्रांजिट रिमांड का हवाला देकर भी किया विरोध

बचाव पक्ष के वकीलों ने कहा कि अन्य आरोपियों के बारे में पूछताछ की जरूरत अपने आप में पुलिस हिरासत देने के लिए पर्याप्त आधार नहीं है। उन्होंने हथियार, मोबाइल फोन और अन्य वस्तुओं की बरामदगी को लेकर अभियोजन पक्ष की दलीलों पर भी आपत्ति जताई। बचाव पक्ष के एक अन्य वकील ने तर्क दिया कि राजस्थान से मुंबई लाए जाने के दौरान आरोपी ट्रांजिट रिमांड के तहत पहले ही पुलिस हिरासत में रह चुके हैं। उन्होंने कहा कि उस दौरान हिरासत केवल यात्रा तक सीमित नहीं थी। बचाव पक्ष ने अदालत से आरोपियों को पुलिस हिरासत के बजाय न्यायिक हिरासत में भेजने का अनुरोध किया।

अदालत ने 31 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेजा

अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने तीनों आरोपियों को 31 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया। इससे जांच एजेंसी को फायरिंग की घटना से जुड़े पहलुओं की आगे जांच करने की अनुमति मिल गई। पुलिस अब कथित हथियार और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की बरामदगी, मामले से जुड़े दावों के सत्यापन और घटना के पीछे के मकसद की जांच करेगी। अदालत ने बचाव पक्ष के वकीलों को अपने मुवक्किलों से कुछ देर के लिए मिलने की अनुमति भी दी, ताकि वे मामले के संबंध में उनसे निर्देश ले सकें।

23 वर्षीय राधा की गिरफ्तारी पर मां ने उठाए सवाल

गिरफ्तार आरोपियों में 23 वर्षीय राधा भी शामिल है। उसे उस कथित हथियार आपूर्ति नेटवर्क के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है, जिसका संबंध अभिनेता टाइगर श्रॉफ को निशाना बनाकर की गई फायरिंग की घटना से बताया गया है। इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए राधा की मां मैना ने ANI से बातचीत में अपनी बेटी को निर्दोष बताया। उन्होंने दावा किया कि राधा हरियाणा में रहती थी और एक कंपनी में काम करती थी। मैना के अनुसार, उनकी बेटी को किसी ने मजबूर किया होगा या बहला-फुसलाया होगा।

राधा की मां ने की बेटी को रिहा करने की अपील

ANI से बातचीत में मैना ने कहा, “वह हरियाणा में रहती थी। वह एक कंपनी में काम करती थी। शायद किसी ने उसे मजबूर किया या बहला-फुसला लिया। मेरी बेटी ऐसा रास्ता कभी नहीं चुनती। वह मेरी इकलौती बेटी है। हां, उसकी शादी हो चुकी है। पहले वह हमारे साथ रहती थी, लेकिन अभी वह हरियाणा में अलग रह रही है। कृपया उसे रिहा कर दें; वह बेकसूर है।”

राधा की मां ने अपनी बेटी को निर्दोष बताते हुए उसकी रिहाई की अपील की है। वहीं, मुंबई पुलिस मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और कथित हथियार व इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की बरामदगी समेत विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है।

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