ओडिशा के एथलीट को नहीं मिली ट्रेन की कन्फर्म टिकट, टॉयलेट के पास बैठकर किया यात्रा
संबलपुर। उत्तर प्रदेश के बलिया में आयोजित नेशनल स्कूल रेसलिंग चैंपियनशिप में भाग लेने आए ओडिशा के 18 एथलीटों के एक ग्रुप को ट्रेन का कन्फर्म टिकट न मिलने के कारण कड़ाके की ठंड में ट्रेन के वॉशरूम के पास जनरल कोच में यात्रा करनी पड़ी। इस घटना के बाद, ओडिशा के शिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड ने मामले का संज्ञान लेते हुए गंभीरता से जांच करवाने और सही जानकारी मिलने के बाद कार्रवाई की बात कही है।
शिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड ने लिया मामले का संज्ञान
गोंड ने बताया कि, "हमारे जो छात्र नेशनल चैंपियनशिप के लिए उत्तर प्रदेश गए थे, उन्हें टिकट की समस्या के कारण ट्रेन यात्रा के दौरान परेशानी हुई। हम निश्चित रूप से इस मामले को देखेंगे और जो हुआ उसकी जांच शुरू करेंगे। फिर हम कोई कार्रवाई करेंगे।" ग्रुप के साथ यात्रा कर रही एथलीटों में से एक बासनाबी पटनायक ने इस घटना पर कड़ा गुस्सा जताते हुए कहा कि ग्रुप को बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ा। उन्होंने सरकार से खिलाड़ियों के लिए विशेष आरक्षण देने का आग्रह किया ताकि भविष्य में किसी भी एथलीट को ऐसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
केवल दो सीटें थी कन्फर्म
बासनाबी पटनायक ने बताया कि वे क्लास 9 में पढ़ती हैं। वे अपनी नेशनल स्कूल रेसलिंग चैंपियनशिप के लिए बलिया गई थीं। इस दौरान कन्फर्म टिकट न होने के कारण उन्हें काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। उन्होंने बताया कि केवल दो सीटें ही कन्फर्म थी जिसपर कोच सो रहे थे। ऐसे में लौटते समय, उन्हें 36 घंटे का सफर ट्रेन के बाथरूम के पास बैठकर करना पड़ा। उन्होंने सरकार से मांग की कि खिलाड़ियों को विशेष आरक्षण दिया जाए।
एथलीट के पिता संजीव पटनायक ने अपनी बेटी की परेशानी के बारे में बताते हुए कहा, "मेरी बेटी एक पहलवान है। वह नेशनल स्कूल रेसलिंग चैंपियनशिप खेलने गई थी। यात्रा के दौरान बहुत अव्यवस्था थी। उनके पास कन्फर्म टिकट नहीं थे। एथलीट बाथरूम के बाहर, टॉयलेट के पास बैठे थे। मैंने सब कुछ देखा, और मुझे बहुत दुख हुआ। एथलीट ट्रेन में वहीं खा-पी रहे थे, जहाँ वे बैठे थे। कुल मिलाकर 18 एथलीट गए थे - आठ लड़कियाँ और दस लड़के - साथ में दो कोच और दो मैनेजर भी थे।"
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