भारत की औद्योगिक उत्पादन वृद्धि दर सितंबर में घटकर 6% रह सकती है
नई दिल्ली (भारत)। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार, भारत की औद्योगिक उत्पादन वृद्धि दर सितंबर में घटकर 6% रह सकती है, जबकि अगस्त में यह 8% थी। रिपोर्ट में कैपिटल गुड्स के उत्पादन में भारी गिरावट और माइनिंग क्षेत्र में लगातार कमजोरी का अनुमान जताया गया है। यह अनुमान सरकार की ओर से सितंबर के इंडेक्स ऑफ इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन (IIP) के आंकड़े जारी किए जाने से पहले आया है। सितंबर के औद्योगिक उत्पादन के आंकड़े 28 अक्टूबर को जारी होने हैं।
घरेलू मांग के समर्थन के बावजूद औद्योगिक गति धीमी
यूनियन बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक, घरेलू मांग से मिल रहे समर्थन और अनुकूल बेस इफेक्ट के बावजूद औद्योगिक गतिविधियों की रफ्तार धीमी पड़ने का अनुमान है। बैंक ने कहा, "सितंबर में 'इंडेक्स ऑफ इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन' (IIP) के 6.0% (साल-दर-साल) की दर से बढ़ने का अनुमान है। अगस्त में यह 8.0% (साल-दर-साल) था।" रिपोर्ट में वृद्धि दर में संभावित कमी का कारण औद्योगिक गति में आई सुस्ती को बताया गया है। हालांकि, अनुकूल बेस इफेक्ट से अभी भी समर्थन मिलने की उम्मीद है।
कैपिटल गुड्स की वृद्धि 16.9% से घटकर 2.2% रहने की आशंका
रिपोर्ट में कैपिटल गुड्स के उत्पादन में संभावित गिरावट को प्रमुख चिंता बताया गया है। अगस्त में इस क्षेत्र की वृद्धि दर 16.9% रही थी, जबकि सितंबर में इसके केवल 2.2% रहने का अनुमान है। कैपिटल गुड्स में उत्पादन गतिविधियों में इस्तेमाल होने वाली मशीनरी और उपकरण शामिल होते हैं। इनका उत्पादन निवेश से जुड़ी औद्योगिक गतिविधियों का एक महत्वपूर्ण संकेतक माना जाता है। अनुमानित गिरावट औद्योगिक क्षेत्र की गति में संभावित सुस्ती को दर्शाती है।
कंज्यूमर ड्यूरेबल्स की वृद्धि दर में भी गिरावट का अनुमान
यूनियन बैंक की रिपोर्ट के अनुसार, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स यानी उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं के उत्पादन की वृद्धि दर भी सितंबर में घट सकती है। अगस्त में यह दर 11.1% थी, जबकि सितंबर में इसके 3.1% रहने का अनुमान है। इस क्षेत्र में वृद्धि दर में संभावित कमी औद्योगिक उत्पादन के विभिन्न हिस्सों में धीमी पड़ती रफ्तार की ओर संकेत करती है। रिपोर्ट में कैपिटल गुड्स के साथ इस क्षेत्र की वृद्धि में भी उल्लेखनीय गिरावट का अनुमान लगाया गया है।
मैन्युफैक्चरिंग की वृद्धि 6.3% रहने की संभावना
प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में मैन्युफैक्चरिंग यानी विनिर्माण उत्पादन की वृद्धि दर भी सितंबर में घटने का अनुमान है। यूनियन बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक, अगस्त में यह दर 9% थी, जो सितंबर में घटकर 6.3% रह सकती है। विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि में संभावित कमी औद्योगिक उत्पादन की समग्र रफ्तार धीमी होने के अनुमान के अनुरूप है। रिपोर्ट में इस क्षेत्र के लिए अगस्त की तुलना में कम वृद्धि दर का अनुमान जताया गया है।
माइनिंग उत्पादन में 8% गिरावट की आशंका
माइनिंग यानी खनन क्षेत्र की स्थिति भी कमजोर रहने का अनुमान है। रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर में खनन उत्पादन में 8% की गिरावट आ सकती है, जबकि अगस्त में इस क्षेत्र में 5.6% की कमी दर्ज की गई थी। इस तरह सितंबर में खनन उत्पादन की गिरावट बढ़ने की आशंका है। यूनियन बैंक की रिपोर्ट में खनन क्षेत्र की लगातार कमजोरी को औद्योगिक उत्पादन वृद्धि दर में संभावित कमी के प्रमुख कारकों में शामिल किया गया है। (Source: ANI)
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