केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने जामिया मिल

जामिया हिंसा पर केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी का कड़ा बयान, कहा- "शामिल लोग उपद्रवी हैं, होगी सख्त कार्रवाई"

Union Minister Pralhad Joshi Warns Trouble-Makers, Calls Them 'Hooligans'

नई दिल्ली (भारत)। केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बुधवार को जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में हाल ही में हुई हिंसा की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इस घटना में शामिल लोगों को “उपद्रवी” करार दिया है और कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत के दौरान केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि छात्र संघ चुनाव का यह पूरा मुद्दा साल 2006 से चला आ रहा है और इस लंबी अवधि के दौरान वहां कोई चुनाव नहीं कराए गए हैं।

छात्र संघ चुनावों के इतिहास और उपद्रवियों पर कड़ा प्रहार

प्रह्लाद जोशी ने अपनी बात रखते हुए कहा कि इस तरह की हिंसा और हंगामा बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा साल 2006 से बना हुआ है और तब से लेकर अब तक कोई छात्र चुनाव नहीं हुए हैं। कल रात जो दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई, उसका जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उसमें शामिल लोग निश्चित रूप से साधारण छात्र नहीं हो सकते, बल्कि यह कुछ चुनिंदा उपद्रवियों का काम है। मंत्री ने दोहराया कि इस प्रकार की गुंडागर्दी और उपद्रव को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इसमें संलिप्त पाए जाने वाले सभी लोगों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

छात्रों की चिंताओं की जांच के लिए सात सदस्यीय उच्च-स्तरीय समिति का गठन

केंद्रीय मंत्री ने मीडिया को जानकारी दी कि छात्रों की विभिन्न चिंताओं और मांगों की निष्पक्ष जांच करने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा एक सात सदस्यीय उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया गया है। इस विशेष समिति में संस्थान के वरिष्ठ डीन और प्रोफेसरों को शामिल किया गया है। यह समिति उन तमाम मामलों की भी गहराई से जांच करेगी, जिनमें हाल ही में कुछ लोगों के खिलाफ अनुशासनात्मक या अन्य प्रकार की कार्रवाई की गई है। सरकार और प्रशासन यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहे हैं कि किसी भी स्तर पर किसी के साथ भी अन्याय न हो।

गलत कार्रवाई को सुधारने का आश्वासन और अनुशासन पर जोर

प्रह्लाद जोशी ने आगे कहा कि छात्रों की मांगों और चिंताओं को पूरी गंभीरता से देखते हुए ही वरिष्ठ डीन और प्रोफेसरों वाली इस उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर जांच के दौरान यह पाया जाता है कि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ गलत तरीके से कोई कार्रवाई की गई है, तो उस गलती को पूरी तरह से ठीक किया जाएगा। अंत में उन्होंने एक बार फिर कड़ा संदेश देते हुए कहा कि परिसरों में इस तरह की गुंडागर्दी या उपद्रव को किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा और शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है। (Source: ANI)

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