मौजूदा संघर्षों से निपटने में संयुक्त राष्ट्र सुरक

संघर्षों से निपटने में यूएनएससी की असमर्थता सुधार की तात्कालिक जरूरत को रेखांकित करती है : जयशंकर

एस. जयशंकर

न्यूयॉर्क, 23 सितंबर (भाषा) भारत ने मौजूदा संघर्षों से निपटने में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की असमर्थता को लेकर तत्काल सुधार की जरूरत को रेखांकित करते हुए बुधवार को कहा कि दुनिया में हो रहे ‘‘अभूतपूर्व बदलावों’’ का खामियाजा ‘ग्लोबल साउथ’ भुगत रहा है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में सेंट लूसिया के विदेश मंत्री अल्वा बैप्टिस्ट के साथ संयुक्त रूप से यूएनएससी में सुधार पर एल.69 समूह की मंत्रिस्तरीय सलाह-मशविरा बैठक की सह-अध्यक्षता करते हुए यह बात कही।

बदलावों का सबसे अधिक असर ‘ग्लोबल साउथ’ पर

जयशंकर ने कहा कि दुनिया में हो रहे अभूतपूर्व बदलावों का सबसे अधिक असर ‘ग्लोबल साउथ’ पर पड़ रहा है और संयुक्त राष्ट्र इन बदलावों से जुड़ी उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पा रहा है। उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मौजूदा संघर्षों तथा अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए पैदा हो रहे खतरों से निपटने में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की असमर्थता सुधार की तात्कालिक जरूरत को ही रेखांकित करती है।’’

संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में एस. जयशंकर

एल.69 समूह में सुधार समर्थक देश शामिल हैं। इसमें मुख्य रूप से अफ्रीका, लातिन अमेरिका और कैरेबियाई क्षेत्र, एशिया तथा प्रशांत क्षेत्र के विकासशील देश हैं, जो सुरक्षा परिषद में व्यापक सुधार की मांग को लेकर एकजुट हैं। जयशंकर रविवार को न्यूयॉर्क पहुंचे थे और वह संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के लिए भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं।

(इनपुटः भाषा)

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