उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ते (UP ATS) ने जाली

UP ATS Action:पश्चिम बंगाल के मालदा से ₹25000 का इनामी जाली नोट तस्कर जाकिर गिरफ्तार, बांग्लादेश से जुड़े हैं तार

Fake Currency Smuggler Zakir

लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ते (UP ATS) को जाली भारतीय नोटों के अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। एटीएस ने पश्चिम बंगाल के मालदा से ₹25,000 के इनामी मोस्ट वांटेड तस्कर जाकिर को दबोच लिया है। यह गिरोह बांग्लादेश सीमा के जरिए भारत में नकली नोटों की एक बड़ी खेप सप्लाई कर रहा था।

ऐसे खुली इस बड़े जाली नोट नेटवर्क की कड़ियां

इस पूरे अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का पर्दाफाश नवंबर 2024 में हुआ था। उस वक्त वाराणसी के सारनाथ इलाके से बिहार के रहने वाले दो जाली नोट तस्करों, सुलेमान और इदरीश को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने उनके कब्जे से ₹2 लाख कीमत के जाली भारतीय नोट बरामद किए थे। कड़ाई से हुई पूछताछ में सुलेमान और इदरीश ने ही मुख्य कड़ी जाकिर के नाम का खुलासा किया था। इस खुलासे के बाद से ही जाकिर लगातार पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था, जिस पर ₹25,000 का इनाम भी घोषित किया गया था।

बांग्लादेश से जुड़ा है इस सिंडिकेट का हैंडलर

पुलिस जांच और पूछताछ में इस गिरोह के काम करने के तरीके को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस के मुताबिक, बांग्लादेश से रफीकुल नाम का एक शख्स इन जाली नोटों को भारत भेजता था। बांग्लादेश सीमा से भारत में एंट्री मिलने के बाद जाकिर इन नकली नोटों को अपने पास लेता था। इसके बाद वह अपने मजबूत लोकल नेटवर्क और सुलेमान व इदरीश जैसे तस्करों के जरिए इन्हें यूपी-बिहार सहित देश के अन्य राज्य के बाजारों में फैला देता था।

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