केंद्र सरकार ने 15 नवंबर से टोल टैक्स नियमों में ब

टोल टैक्स के नकद भुगतान में मामूली राहत का एलान, 15 नवंबर से बदलेंगे टोल टैक्स के नियम

नई दिल्ली: नेशनल हाइवे पर वाहनों में फास्टैग न होने पर टोल टैक्स भुगतान कैश भुगतान पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (एनएचएआई) ने अब कुछ राहत का एलान किया है। टोल टैक्स के नकद भुगतान पर अब वाहन स्वामियों को मात्र सवा गुना टोल राशि देनी होगी। लेकिन यह सुविधा यूपीआई से पेमेंट करने वालों को ही दी गई है। नकद भुगतान करने पर पहले की भांति टोल राशि दो गुना चुकानी होगी। नए नियम 15 नवंबर से लागू होंगे। अभी फास्टैग न होने या उसमें पर्याप्त बैलेंस न होने पर दोनों रूप से भुगतान करने पर दोगुना राशि ही देनी पड़ती है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (एनएचएआई) ने शुक्रवार को अधिसूचना जारी कर कहा, अगर वाहन स्वामी फास्टैग न होने या उसमें बैलेंस न होने पर यूपीआई (एकल भुगतान प्रणाली) से भुगतान करते हैं तो उन्हें सवा गुना टोल फीस ही देनी पड़ेगी।

नए नियम के बाद अगर किसी श्रेणी के वाहन के लिए टोल फीस 100 रुपये है और वाहन बिना फास्टैग या बिना कार्यशील फास्टैग के टोल प्लाजा में प्रवेश करता है तो वाहन स्वामी को नकद दो सौ रुपये भुगतान करने पड़ेंगे। अगर उस वाहन की फीस यूपीआई के माध्यम से भुगतान करने का विकल्प चयन किया जाता है, तो 125 रुपये ही देना होगा। मंत्रालय की नई अधिसूचना के मुताबिक, 15 नवंबर 2025 से पूरे देश में नए नियम लागू हो जाएंगे।

सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देना है। केंद्र सरकार चाहती है कि टोल प्लाजा पर कैश लेन-देन खत्म हो, ताकि वसूली की प्रक्रिया तेज और पारदर्शी बने। इसी के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क (दरों का निर्धारण और संग्रह) नियम, 2008 में संशोधन किया गया है। मंत्रालय के अनुसार, यह बदलाव केवल अतिरिक्त शुल्क वसूलने के लिए नहीं किया गया है, बल्कि इसका मकसद टोल सिस्टम को और आधुनिक बनाना है। इससे टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारें कम होंगी और यात्रियों को सुगम यात्रा का अनुभव मिलेगा। नई व्यवस्था के बाद उम्मीद है कि ज्यादातर लोग कैश की जगह फास्टैग या डिजिटल पेमेंट को अपनाएंगे, जिससे टोल टैक्स वसूली आसान और पारदर्शी हो जाएगी।