राष्ट्रपति भवन में 'वंदे मातरम' के 150 साल पूरे होने पर विनाइल एल्बम जारी, चार पीढ़ियों ने दी संगीतमय श्रद्धांजलि
नई दिल्ली (भारत)। देश के ऐतिहासिक गीत 'वंदे मातरम' की 150 साल पुरानी गौरवशाली यात्रा में 26 अक्टूबर 2026 को एक और बेहद यादगार अध्याय जुड़ गया। वर्ष 1937 में मनाए गए ऐतिहासिक 'वंदे मातरम दिवस' की यादों को ताजा करते हुए, प्रसिद्ध गायक पद्म श्री हरिहरन और आदरणीय श्रीमती अलमेलु मणि ने राष्ट्रपति भवन में जाकर भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू को प्रीमियम विनाइल एल्बम 'द एंथम: वंदे मातरम' की पहली प्रति भेंट की। इस विशेष अवसर पर गीत के ऐतिहासिक महत्व और इसकी सांस्कृतिक विरासत को याद किया गया।
संगीतकार हरिहरन के परिवार की चार पीढ़ियों की अनूठी उपस्थिति
इस पूरे कार्यक्रम को और भी अधिक खास और भावुक बनाने वाली बात यह थी कि इसमें हरिहरन जी के परिवार की कुल चार पीढ़ियों ने एक साथ शिरकत की। इन सभी ने मिलकर इस अद्भुत संगीतमय श्रद्धांजलि में अपनी आवाज दी है। इस दौरान हरिहरन जी के साथ श्री अक्षय हरिहरन और परिवार की सबसे नई पीढ़ी के सदस्य—आर्या अक्षय तथा अहान अक्षय—भी मौजूद रहे। इसके अलावा, श्रीमती ललिता हरिहरन और श्रीमती अमृता की उपस्थिति ने इस शानदार संगीतमय विरासत के उत्सव को एक बेहद निजी और पारिवारिक रूप दे दिया।
राष्ट्रपति के सामने लाइव प्रस्तुति और विनाइल रिकॉर्ड का अनुभव
इस अवसर पर एक बेहद यादगार बातचीत के दौरान, प्रसिद्ध गायक हरिहरन ने इस विशेष एल्बम को तैयार करने के अपने पूरे सफर के बारे में विस्तार से बताया और माननीय राष्ट्रपति के सामने 'वंदे मातरम' की लाइव प्रस्तुति भी दी। कार्यक्रम का सबसे भावुक और मुख्य आकर्षण वह पल रहा जब माननीय राष्ट्रपति ने टर्नटेबल पर बज रहे विनाइल रिकॉर्ड की पहली सुमधुर प्रति को खुद सुना। आज़ादी की लंबी लड़ाई के दौरान पूरे देश में देशभक्ति का जोश भरने वाला यह महान गीत अब एक बिल्कुल नए रूप में सबके सामने आया है।
एल्बम की परिकल्पना और अन्य गणमान्य अतिथियों की मौजूदगी
'सेंटर फॉर ग्रामोफोन एंड एलाइड स्टडीज़' (CeGRAMS) के श्री अखिलेश झा, जिन्होंने इस अनूठे एल्बम की मूल परिकल्पना की थी, उन्होंने राष्ट्रपति को इसके विज़न, ऐतिहासिक महत्व और इसमें शामिल गीतों के बेहतरीन संग्रह के बारे में जानकारी दी। उनके साथ इस कार्यक्रम में श्रीमती रश्मिता झा भी उपस्थित थीं, जो इस पूरे प्रयास से शुरुआत से गहराई से जुड़ी रही हैं। इसके अलावा, 'समन्वय डिजिटल मीडिया' के श्री साजी पिल्लई भी इस अवसर पर विशेष रूप से मौजूद रहे। यह आयोजन संगीत, पुरानी यादों और 'वंदे मातरम' की अमर भावना का एक शांत लेकिन बेहद गहरा उत्सव साबित हुआ। (Source: ANI)
यह भी पढ़ें: जामिया हिंसा पर केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी का कड़ा बयान, कहा- "शामिल लोग उपद्रवी हैं, होगी सख्त कार्रवाई"