विश्व हिंदू परिषद ने जमीयत प्रमुख महमूद मदनी पर बोला तीखा हमला, भारत की संप्रभुता के लिए बताया खतरा
नई दिल्ली (भारत)। विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने मुसलमानों को निशाना बनाए जाने और ऐसे कदमों को प्रशासनिक संरक्षण दिए जाने संबंधी जमीयत उलेमा-ए-हिंद (एमएम) प्रमुख महमूद मदनी की टिप्पणियों को लेकर बृहस्पतिवार को उनपर तीखा निशाना साधा है। VHP ने आरोप लगाया कि मदनी की टिप्पणियां विदेशी ताकतों के साथ मिलीभगत के जरिये भारत की संप्रभुता के लिए सीधे खतरे के समान हैं। यह प्रतिक्रिया जमीयत की कार्यसमिति की ओर से बुधवार को विभिन्न राज्यों में नागरिक एवं धार्मिक अधिकारों, भीड़ हत्याओं, बुलडोजर कार्रवाई और मस्जिदों तथा मदरसों को गिराए जाने के मामले में प्रशासनिक स्तर पर कथित पक्षपातपूर्ण रवैये को लेकर चिंता जताए जाने के बाद सामने आई है।
अंतरराष्ट्रीय मंचों के रुख पर VHP की कड़ी आपत्ति
मदनी ने हाल ही में कहा था कि प्रशासनिक संरक्षण के साथ एक खास समुदाय के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि लोगों को अब ऐसा लगने लगा है कि न्यायिक व्यवस्था प्रभावी कानूनी सुरक्षा और त्वरित समाधान नहीं दे रही है। मदनी के अनुसार, दुनियाभर में भारत के कई दोस्त हैं और इन दोस्तों को साथ लेकर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि देश अपने रास्ते से न भटके। विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने दावा किया कि मदनी की अंतरराष्ट्रीय मंचों का रुख करने संबंधी टिप्पणी भारत की संप्रभुता के लिए गंभीर खतरा है।
अवैध संरचनाओं और प्रशासनिक कार्रवाई पर बयान
बंसल ने कहा कि अगर किसी व्यक्ति या उसके कट्टरपंथी गुट का भारत के संविधान, सरकार, प्रशासन और यहां तक कि न्यायपालिका से भी भरोसा उठ गया है, तो वह अब भी यहां क्यों रह रहा है। उन्होंने दावा किया कि अधिकारियों की ओर से गिराई गई इमारतें कानून का उल्लंघन करके बनाई गई अवैध संरचनाएं थीं। बंसल ने स्पष्ट किया कि इन संरचनाओं को मस्जिद, मदरसा और इबादत स्थल बताना, गलत काम और उसके लिए जिम्मेदार लोगों, दोनों का बचाव करने जैसा है। उन्होंने कहा कि अब भारत बदल गया है और मौलानाओं की ऐसी भड़काऊ सोच भी बदलनी होगी।
मुस्लिम समुदाय से राष्ट्र-विरोधी मौलवियों से दूरी बनाने की अपील
VHP के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने महमूद मदनी और अन्य मौलानाओं पर भारत माता की जय और वंदे मातरम् जैसे नारे सुनकर भड़कने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ये लोग भारतीय अदालतों में खुलेआम आतंकवादियों का पक्ष लेते हैं। VHP के इस प्रमुख नेता ने मुस्लिम समुदाय से अपील की कि वे उकसाने वाले और राष्ट्र-विरोधी मौलवियों से जल्द से जल्द दूरी बना लें। उल्लेखनीय है कि साल 1919 में स्थापित जमीयत उलेमा-ए-हिंद का दावा है कि वह भारतीय मुसलमानों का सबसे बड़ा और सर्वाधिक प्रभावशाली संगठन है, जिसके दो गुटों में से एक का नेतृत्व महमूद मदनी करते हैं।
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