कब, क्यों और कहां से हुई 'भारत छोड़ो आंदोलन' की शुरुआत
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को महात्मा गांधी और उन सभी लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के खिलाफ 9 अगस्त, 1942 को शुरू हुए 'भारत छोड़ो आंदोलन' में भाग लिया था। एक सोशल मीडिया पोस्ट में पीएम मोदी ने कहा कि 'भारत छोड़ो आंदोलन' ने हमारे स्वतंत्रता संग्राम में नई ऊर्जा का संचार किया।
कब और क्यों शुरू किया गया 'भारत छोड़ो आंदोलन'
उन्होंने ऐतिहासिक 'भारत छोड़ो आंदोलन' में भाग लेने वाले सभी लोगों को याद करते हुए कहा, उनका साहस हर भारतीय के लिए प्रेरणा बना रहेगा। महात्मा गांधी जी के नेतृत्व से प्रेरित होकर 'भारत छोड़ो आंदोलन' के आह्वान ने हमारे स्वतंत्रता संग्राम में नई ऊर्जा का संचार किया और औपनिवेशिक शासन से मुक्ति पाने के लिए हमारे लोगों के अटूट संकल्प को दर्शाया। 'भारत छोड़ो आंदोलन' द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान महात्मा गांधी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा 9 अगस्त, 1942 को भारत में ब्रिटिश शासन के अंत की मांग को लेकर शुरू किया गया था।
<blockquote lang="en" dir="ltr">Remembering all those who participated in the historic Quit India Movement. Their courage will always remain an inspiration for every Indian. Inspired by the leadership of Mahatma Gandhi Ji, the clarion call of Quit India infused new energy into our freedom struggle and reflected…</p>— Narendra Modi (@narendramodi) <a href="https://x.com/narendramodi/status/2086278826599063604?ref_src=twsrc%5Etfw">August 9, 2026</a></blockquote> <script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>
भारत पर शासन करना अब संभव नहीं होगा
यह आंदोलन महत्वपूर्ण था, खासकर इसलिए क्योंकि इसने अंग्रेजों को यह स्पष्ट कर दिया कि भारत पर शासन करना अब संभव नहीं होगा और उन्हें देश छोड़ने के तरीके सोचने पर मजबूर कर दिया। इस आंदोलन के साथ-साथ अहिंसक तरीके से जन विरोध प्रदर्शन भी हुए, जिसमें महात्मा गांधी ने भारत से अंग्रेजों की व्यवस्थित वापसी का आह्वान किया। अपने भाषणों के माध्यम से गांधी ने लोगों को प्रेरित करते हुए कहा कि प्रत्येक भारतीय जो स्वतंत्रता चाहता है और उसके लिए प्रयासरत है। उसे अपना मार्गदर्शक स्वयं बनना होगा।
मुंबई के गावलिया टैंक से हुई थी आंदोलन की शुरुआत
1942 में इसी दिन गांधी ने सभी भारतीयों को अंग्रेजों को देश से भगाने के लिए 'करो या मरो' का आह्वान किया था। आंदोलन की शुरुआत मुंबई के गावलिया टैंक से हुई थी। इस दिन को हर साल अगस्त क्रांति दिवस के रूप में मनाया जाता है। कई स्वतंत्रता सेनानियों को दमन और कारावास का सामना करना पड़ा। फिर भी भारत 1947 में स्वतंत्रता प्राप्त करने में सफल रहा।
(इनपुट: ANI)
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