रोजाना एक एवोकाडो और एक कप आम खाना दिल की सेहत के

रोजाना आम और एवोकाडो खाने से दिल रहेगा सेहतमंद? 8 हफ्तों की स्टडी में सामने आए चौंकाने वाले नतीजे

Can Mangoes and Avocados Boost Heart Health?

वॉशिंगटन डीसी: रोजाना एक एवोकाडो और एक कप आम खाना दिल की सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है। साइंसडेली वेबसाइट पर प्रकाशित एक नई स्टडी के मुताबिक, प्रीडायबिटीज वाले वयस्कों पर किए गए शोध में इन दोनों फलों को नियमित खाने से ब्लड वेसल के काम करने की क्षमता और डायस्टोलिक ब्लड प्रेशर में सुधार देखा गया। यह अध्ययन 8 हफ्तों तक चला। खास बात यह रही कि इन बदलावों के बावजूद प्रतिभागियों के वजन और कुल कैलोरी सेवन में कोई खास बढ़ोतरी नहीं हुई।

प्रीडायबिटीज वाले लोगों पर की गई स्टडी

नई रिसर्च के मुताबिक, रोजाना आम और एवोकाडो खाने से दिल की सेहत को फायदा मिल सकता है। साइंसडेली वेबसाइट के अनुसार, 8 हफ्तों तक चली इस स्टडी में प्रीडायबिटीज वाले वयस्कों को शामिल किया गया था। इनमें उन लोगों की तुलना की गई, जिन्होंने नियमित रूप से दोनों फल खाए और उन लोगों की, जिनकी डाइट में इन फलों की जगह बराबर कैलोरी वाले कार्बोहाइड्रेट युक्त खाद्य पदार्थ शामिल किए गए। ये नतीजे खास तौर पर प्रीडायबिटीज वाले उन करीब 98 मिलियन अमेरिकियों के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं, जिनका ब्लड शुगर सामान्य से अधिक होता है, लेकिन अभी टाइप-2 डायबिटीज के स्तर तक नहीं पहुंचा होता है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के जर्नल में प्रकाशित इस रिसर्च से पता चलता है कि इन दोनों पोषक तत्वों से भरपूर फलों को रोजाना के भोजन में शामिल करने से दिल की सेहत को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। इलिनोइस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (इलिनोइस टेक) के शोधकर्ताओं ने एवोकाडो-मैंगो (AM) डाइट के प्रभावों की जांच की। इसमें हर दिन एक मध्यम आकार का हास एवोकाडो और एक कप ताजा आम शामिल था। प्रतिभागियों ने 8 हफ्तों तक इस डाइट को अपनाया, जबकि दूसरे समूह को ऐसी ही डाइट दी गई, जिसमें फलों की जगह बराबर कैलोरी वाले कार्बोहाइड्रेट आधारित खाद्य पदार्थ शामिल थे।

ब्लड वेसल की कार्यक्षमता में हुआ सुधार

स्टडी में सामने आए सबसे महत्वपूर्ण नतीजों में से एक ब्लड वेसल यानी रक्त वाहिकाओं के फैलने की क्षमता में सुधार था। रक्त वाहिकाओं का लचीला होना शरीर में खून का सही तरीके से संचार बनाए रखने में मदद करता है। यह दिल की सेहत का एक महत्वपूर्ण संकेतक भी है। इस बदलाव को जांचने के लिए शोधकर्ताओं ने फ्लो-मीडिएटेड डाइलेशन (FMD) टेस्ट का इस्तेमाल किया। यह एक सामान्य जांच है, जिसके जरिए पता लगाया जाता है कि रक्त वाहिकाएं बढ़े हुए रक्त प्रवाह पर कितनी अच्छी प्रतिक्रिया देती हैं। आम और एवोकाडो खाने वाले प्रतिभागियों में FMD का स्तर बढ़कर 6.7 प्रतिशत हो गया। इसके विपरीत, कंट्रोल ग्रुप में यह घटकर 4.6 प्रतिशत रह गया। इससे संकेत मिलता है कि इन फलों का नियमित सेवन रक्त वाहिकाओं की कार्यक्षमता को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।

पुरुषों के ब्लड प्रेशर में भी दिखा बदलाव

स्टडी में ब्लड प्रेशर के स्तर में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिले, खासकर पुरुष प्रतिभागियों में। साइंसडेली के मुताबिक, कंट्रोल ग्रुप के पुरुषों में सेंट्रल ब्लड प्रेशर औसतन 5 mmHg बढ़ गया, जबकि आम और एवोकाडो खाने वाले पुरुषों में इसमें लगभग 1.9 mmHg की कमी दर्ज की गई। डायस्टोलिक ब्लड प्रेशर किसी व्यक्ति की ब्लड प्रेशर रीडिंग में नीचे वाला नंबर होता है। यह उस दबाव को दर्शाता है, जो दिल की धड़कनों के बीच आराम करने के दौरान धमनियों में बना रहता है। स्वस्थ ब्लड प्रेशर बनाए रखना जरूरी है, क्योंकि इसके बढ़ने से हृदय और रक्त वाहिकाओं पर दबाव बढ़ सकता है। शोधकर्ताओं के मुताबिक, अगर ये बदलाव लंबे समय तक बने रहते हैं, तो चिकित्सकीय रूप से महत्वपूर्ण हो सकते हैं। इस रिसर्च की एक खास बात यह रही कि प्रतिभागियों के वजन और कुल कैलोरी सेवन में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ। इसके बावजूद उनकी रक्त वाहिकाओं की कार्यक्षमता और ब्लड प्रेशर में सुधार देखा गया। इससे पता चलता है कि सिर्फ खाने की मात्रा ही नहीं, बल्कि भोजन में मौजूद पोषक तत्वों की गुणवत्ता भी दिल की सेहत को प्रभावित कर सकती है।

रिसर्चर्स ने बताया डाइट में छोटे बदलाव का महत्व

इलिनोइस टेक में इस स्टडी की प्रमुख जांचकर्ता और प्रोफेसर ब्रिट बर्टन-फ्रीमैन ने कहा, "यह रिसर्च कार्डियोवैस्कुलर बीमारी के जोखिम को कम करने में मदद करने के लिए फूड-फर्स्ट रणनीति की ताकत को मजबूत करती है, खासकर प्रीडायबिटीज वाले लोगों जैसी कमजोर आबादी में।" उन्होंने आगे कहा, "यह एक हिम्मत देने वाला संदेश है। खाने और स्नैक्स में एवोकाडो और आम जैसी पोषक तत्वों से भरपूर चीजें शामिल करने से बिना किसी सख्त नियम या डाइट में बड़े बदलाव के दिल की सेहत को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।" ब्लड वेसल फंक्शन और ब्लड प्रेशर में सुधार के अलावा, आम और एवोकाडो खाने वाले लोगों को अधिक फाइबर, विटामिन-C और मोनोअनसैचुरेटेड फैट भी मिला। ये पोषक तत्व हृदय स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं। शोधकर्ताओं ने किडनी की सेहत से जुड़े कुछ संकेतकों में भी सुधार देखा। इनमें एस्टीमेटेड ग्लोमेरुलर फिल्ट्रेशन रेट (eGFR) शामिल है, जिसका इस्तेमाल यह पता लगाने के लिए किया जाता है कि किडनी खून से अपशिष्ट पदार्थों को कितनी अच्छी तरह फिल्टर कर रही है। हालांकि, हर स्वास्थ्य संकेतक में सुधार नहीं देखा गया। कंट्रोल ग्रुप की तुलना में कोलेस्ट्रॉल, ब्लड शुगर और सूजन से जुड़े मार्करों में कोई खास बदलाव नहीं हुआ।

आम और एवोकाडो दिल के लिए क्यों हैं फायदेमंद?

आम और एवोकाडो का स्वाद और पोषण संबंधी गुण अलग-अलग हैं, लेकिन दोनों में मौजूद पोषक तत्व शरीर को कई तरह से फायदा पहुंचा सकते हैं।

आम के फायदे:

  • * आम में डाइटरी फाइबर होता है, जो पाचन को बेहतर बनाने में मदद करता है।
  • * इसमें विटामिन-C पाया जाता है, जो एंटीऑक्सीडेंट के रूप में काम करता है।
  • * फाइबर ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने और वजन प्रबंधन में भी मदद कर सकता है।

एवोकाडो के फायदे:

* एवोकाडो में फाइबर होता है, जो कोलेस्ट्रॉल और ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में मदद कर सकता है।

* इसमें मौजूद अनसैचुरेटेड फैट खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करने में सहायक हो सकता है।

* इसमें पोटैशियम पाया जाता है, जो ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट, हेल्दी फैट और पोटैशियम से भरपूर ये दोनों फल रोजाना के भोजन को अधिक पौष्टिक बना सकते हैं। हालांकि, अध्ययन से यह साबित नहीं हुआ कि दोनों फलों को एक साथ खाने से किसी एक फल को अलग-अलग खाने की तुलना में अधिक फायदा होता है।

डाइट में आम और एवोकाडो को कैसे करें शामिल?

इन दोनों फलों को रोजाना के भोजन में शामिल करने के लिए किसी विशेष डाइट प्लान की जरूरत नहीं है। इन्हें सलाद, स्मूदी और अनाज से बने व्यंजनों में शामिल किया जा सकता है। ताजा आम किसी नमकीन व्यंजन में मिठास जोड़ सकता है, जबकि एवोकाडो खाने को मलाईदार बनावट देता है। दोनों का इस्तेमाल मैंगो एवोकाडो टूना सेविचे और एवोकाडो-मैंगो टॉपर जैसे व्यंजनों में किया जा सकता है।

शोधकर्ताओं ने 8 हफ्तों तक कैसे की जांच?

शोधकर्ताओं ने 8 हफ्तों तक प्रतिभागियों को कैलोरी नियंत्रित डाइट दी, जो सामान्य अमेरिकी खानपान पर आधारित थी। एक समूह को रोजाना एक मध्यम आकार का हास एवोकाडो और एक कप ताजा आम दिया गया। वहीं, दूसरे समूह को इन फलों की जगह बराबर कैलोरी वाले कार्बोहाइड्रेट आधारित खाद्य पदार्थ दिए गए। दोनों समूहों के बीच तुलना को समान रखने के लिए शोधकर्ताओं ने प्रतिभागियों की अनुमानित दैनिक कैलोरी जरूरत का 75 प्रतिशत पूरा करने वाला भोजन तैयार किया। बाकी भोजन चुनने की छूट प्रतिभागियों को दी गई। शोधकर्ताओं ने मुख्य रूप से FMD टेस्ट के जरिए रक्त वाहिकाओं की कार्यक्षमता की जांच की। इसके अलावा ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, मेटाबॉलिक संकेतकों, सूजन, किडनी फंक्शन और पोषक तत्वों के सेवन का भी आकलन किया।

अच्छे नतीजों के बावजूद और रिसर्च की जरूरत

इस स्टडी के नतीजे उत्साहजनक रहे, लेकिन शोधकर्ताओं ने इसकी कुछ सीमाओं का भी जिक्र किया। यह अध्ययन केवल 8 हफ्तों तक चला, इसलिए अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इसके फायदे कई महीनों या वर्षों तक बने रहेंगे या नहीं। इसके अलावा, इसमें प्रीडायबिटीज और अधिक वजन या मोटापे वाले वयस्कों का एक सीमित समूह शामिल था। ऐसे में इन नतीजों को सभी उम्र और स्वास्थ्य स्थितियों वाले लोगों पर लागू नहीं किया जा सकता। रिसर्च में हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसे लंबे समय के परिणामों के बजाय दिल की सेहत से जुड़े जोखिम संकेतकों को मापा गया। यह पता लगाने के लिए कि इन बदलावों से वास्तव में हृदय रोगों का खतरा कम होता है या नहीं, बड़े स्तर पर और लंबे समय तक अध्ययन करने की जरूरत होगी। इस स्टडी को नेशनल मैंगो बोर्ड (NMB) और हास एवोकाडो बोर्ड (HAB) की ओर से बिना किसी शर्त के दिए गए अनुदान से सहयोग मिला था। साइंसडेली के मुताबिक, स्टडी के डिजाइन और नतीजों में इन संस्थाओं की कोई भूमिका नहीं थी।

(ANI)

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