रोज सिर्फ 80 मिनट कम नींद लेना पड़ सकता है भारी, नई स्टडी में वजन बढ़ने का दावा
छह हफ्तों की स्टडी में सामने आए चौंकाने वाले नतीजे
नई रिसर्च में दावा किया गया है कि यदि कोई व्यक्ति लगातार छह सप्ताह तक हर रात लगभग 80 मिनट कम सोता है, तो उसका वजन बढ़ सकता है। अध्ययन में यह भी पाया गया कि कम नींद लेने वाले लोगों की शारीरिक गतिविधियां घट गईं, जिससे वजन बढ़ने का जोखिम और बढ़ गया। शोधकर्ताओं ने कहा कि अच्छी सेहत के लिए संतुलित आहार और नियमित व्यायाम के साथ पर्याप्त नींद भी बेहद जरूरी है।
आम लोगों की दिनचर्या को ध्यान में रखकर किया गया अध्ययन
इससे पहले हुई कई स्टडी में प्रतिभागियों को केवल चार घंटे की नींद लेने दी गई थी। उन अध्ययनों में पाया गया था कि बहुत कम नींद लेने से भूख बढ़ जाती है और लोग सामान्य से अधिक भोजन करने लगते हैं। हालांकि, इतनी कम नींद लंबे समय तक लेना अधिकांश लोगों के लिए व्यावहारिक नहीं है। नई स्टडी में वैज्ञानिकों ने ऐसी परिस्थितियों का अध्ययन किया जो आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी से मेल खाती हैं। आज बड़ी संख्या में लोग रोजाना सात से आठ घंटे की बजाय केवल पांच से छह घंटे ही सो पाते हैं। इसी वजह से शोधकर्ताओं ने हल्की लेकिन लगातार होने वाली नींद की कमी के प्रभावों को समझने की कोशिश की।
कम नींद से घटी शारीरिक गतिविधि
अध्ययन के दौरान यह देखा गया कि जिन लोगों की नींद नियमित रूप से कम हुई, उनकी शारीरिक गतिविधियां भी घट गईं। यही वजह वजन बढ़ने के प्रमुख कारणों में से एक मानी गई। शोधकर्ताओं का कहना है कि कम नींद शरीर की ऊर्जा और दिनभर सक्रिय रहने की क्षमता को भी प्रभावित करती है।
दूसरी स्टडी में भी मिले ऐसे ही संकेत
इसी शोध समूह द्वारा पहले किए गए अन्य अध्ययनों में भी कम नींद के नुकसान सामने आए थे। एक अध्ययन में पाया गया कि जिन महिलाओं में पहले से हृदय और मेटाबॉलिक बीमारियों का खतरा था, उनमें लगातार कम नींद लेने से इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ गया। यह स्थिति आगे चलकर टाइप-2 डायबिटीज का कारण बन सकती है। एक अन्य अध्ययन में यह भी पाया गया कि हल्की लेकिन लगातार नींद की कमी से शरीर में सूजन (इन्फ्लेमेशन) से जुड़ी कोशिकाओं की संख्या बढ़ने लगी। विशेषज्ञों के अनुसार, यह बदलाव भविष्य में हृदय रोगों का खतरा बढ़ा सकता है।
विशेषज्ञों की सलाह
शोधकर्ताओं का कहना है कि स्वस्थ जीवनशैली के लिए केवल अच्छा खानपान और नियमित व्यायाम ही पर्याप्त नहीं है। पर्याप्त और गुणवत्तापूर्ण नींद भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। यदि लोग रोजाना पर्याप्त नींद लें, तो वजन बढ़ने के साथ-साथ डायबिटीज, हृदय रोग और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा भी कम किया जा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, छह सप्ताह में बढ़ा वजन भले ही बहुत अधिक न लगे, लेकिन यदि लंबे समय तक नींद की कमी बनी रहे तो इसका असर सालभर में काफी गंभीर हो सकता है। इसलिए रोजाना 7–8 घंटे की पर्याप्त नींद को स्वस्थ जीवनशैली का अहम हिस्सा माना जाना चाहिए।
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