बारिश और बदलते मौसम में उल्टी-दस्त से बचाव के लिए अपनाएं ये जरूरी उपाय
नई दिल्ली (भारत)। बरसात और बदलते मौसम में दूषित पानी या भोजन के कारण उल्टी-दस्त की समस्या बढ़ सकती है। बार-बार उल्टी और दस्त होने से शरीर में पानी और जरूरी लवणों की कमी हो सकती है। ऐसे में समय पर सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।
सबसे पहले शरीर में पानी की कमी न होने दें
उल्टी-दस्त होने पर सबसे जरूरी है कि शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी न होने दी जाए। इसके लिए ओआरएस (ORS) का घोल थोड़ी-थोड़ी मात्रा में बार-बार पिएं। अगर एक साथ ज्यादा पानी पीने से उल्टी हो रही है तो छोटे-छोटे घूंट लेते रहें।
क्या खाएं?
जब उल्टी कुछ कम हो जाए तो हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन लें। खिचड़ी, दलिया, केला, चावल या सादा भोजन लिया जा सकता है। तला-भुना, बहुत मसालेदार और अत्यधिक मीठा भोजन कुछ समय के लिए न लें।
साफ-सफाई का रखें विशेष ध्यान
दस्त का संक्रमण परिवार के अन्य सदस्यों तक न पहुंचे, इसके लिए हर बार शौचालय जाने के बाद और खाना बनाने या खाने से पहले साबुन से हाथ अच्छी तरह धोएं। साफ और सुरक्षित पानी का इस्तेमाल करें तथा भोजन को ढककर रखें।
किन चीजों से बचें?
बिना डॉक्टर की सलाह के दस्त रोकने वाली दवा या एंटीबायोटिक न लें। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों में विशेष सावधानी जरूरी है।
इन लक्षणों में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
अगर लगातार उल्टी हो रही है और पानी भी नहीं रुक रहा, बहुत ज्यादा दस्त हो रहे हैं, पेशाब बहुत कम हो गया है, मुंह सूख रहा है, चक्कर या अत्यधिक कमजोरी महसूस हो रही है, मल में खून आ रहा है या तेज बुखार है तो जल्द चिकित्सकीय सहायता लें। छोटे बच्चों और बुजुर्गों में डिहाइड्रेशन तेजी से हो सकता है।
जरूरी बात: उल्टी-दस्त में सबसे महत्वपूर्ण कदम शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को रोकना है। लक्षण गंभीर या लगातार बने रहें तो घरेलू उपचार पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर से सलाह लें।
(Disclaimer: Prime News इस लेख की पुष्टि नहीं करता। किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तुरंत किसी अच्छे डॉक्टर से सलाह लें।)
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