आज आषाढ़ कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि को अभिजित मुहू

आज का पंचांग: जानें 11 जुलाई 2026 का शुभ मुहूर्त और राहुकाल

Daily Panchang for July 11, 2026

नई दिल्ली,(भारत)। आज की तिथि एवं विशेष जानकारी 

मुख्य तिथि एवं काल गणना

विक्रम संवत: 2083

पक्ष व तिथि: आषाढ़ कृष्ण पक्ष, द्वादशी तिथि (रात्रि 11:58 बजे तक, इसके बाद त्रयोदशी तिथि प्रारंभ)

ऋतु: वर्षा ऋतु

नक्षत्र: कृतिका नक्षत्र (सुबह 07:19 तक), तदुपरांत रोहिणी नक्षत्र

योग: गंड योग (रात्रि 10:44 तक), इसके बाद वृद्धि योग

चंद्र राशि: वृषभ

सूर्य राशि: मिथुन

सूर्योदय: प्रातः 05:14 बजे

सूर्यास्त: सायं 06:45 बजे

चंद्रोदय: 12 जुलाई 2026 की रात्रि 02:29 बजे

चंद्रास्त: दोपहर 03:55 बजे

लग्न स्थिति: प्रातः 05:43 तक मिथुन लग्न, उसके बाद कर्क लग्न

दिन का चौघड़िया

दिन के शुभ और अशुभ समय को चौघड़िया के अनुसार इस प्रकार विभाजित किया गया है:

चौघड़िया प्रकार

समय अवधि                                 प्रकृति

05:14 सुबह – 06:57 सुबह             काल  06:57 सुबह – 08:37 सुबह             शुभ  08:37 सुबह – 10:21 सुबह             रोग  10:21 सुबह – 11:38 सुबह             उद्वेग  11:38 सुबह – 01:50 दोपहर           चर  01:50 दोपहर – 03:25 दोपहर        लाभ  03:25 शाम – 04:45 शाम              अमृत  04:45 शाम – 06:50 शाम              काल 

शुभ और अशुभ मुहूर्त

सर्वोत्तम शुभ मुहूर्त (अभिजित): सुबह 11:58 बजे से दोपहर 12:46 बजे तक (कोई भी नया कार्य शुरू करने के लिए सर्वश्रेष्ठ)।

राहुकाल: प्रातः 09:00 बजे से सुबह 10:30 बजे तक (इस समय महत्वपूर्ण या मांगलिक कार्यों से बचें)।

दिशाशूल: पूर्व दिशा (आज के दिन पूर्व दिशा की यात्रा टालने की कोशिश करें)। यदि आज के दिन पूर्व दिशा या किसी भी जरूरी कार्य के लिए यात्रा करना अनिवार्य हो, तो घर से प्रस्थान करने से पहले अदरक का सेवन अवश्य करें।

ग्रह गोचर स्थिति

ग्रह                                          राशि

सूर्य                                         सिंह शुक्र और केतु                           वृषभ चंद्रमा और मंगल                       मिथुन बुध                                         कर्क गुरु (बृहस्पति)                          मीन शनि और राहु                          कुंभ

(Disclaimer:- Prime News इस लेख की पुष्टी नही करता, यह लेख धार्मिक मान्यताओं एवं उपलब्ध धार्मिक स्रोतों पर आधारित है।)

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