तंत्र-मंत्र और मां की दस महाविद्याओं की साधना के लिए विशेष होते हैं साल के ये नौ दिन
Gupt Navratri 2026: हिंदू धर्म में हर दिन किसी ना किसी देवी-देवता को समर्पित है. यहां कई तरह के व्रत और त्योहार आते हैं, जिनका विशेष महत्व होता है. महिलाएं हों या पुरुष हर कोई इन व्रत और त्योहारों को पूरी श्रद्धा से मनाते हैं. साल की शुरुआत से लेकर अंत तक ऐसे कई त्योहार होते हैं जो अपने आगमन के साथ परिवार में खुशियां लेकर आते हैं. चाहे वो नवरात्रि हों या फिर सावन के सोमवार.
इन दिन से शुरू हो रहे नवरात्र
ऐसे में अगर हम नवरात्रि की बात करें तो ये नौ दिन तक मनाए जाने वाला खास पर्व होता है. हिंदू कैलेंडर के अनुसार, साल की शुरुआत ही नवरात्रि से होती है. ये नौ दिन मां को समर्पित होते हैं. इन दिनों मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधिवत पूजा की जाती है. वैसे तो नवरात्रि साल में चार बार आती है, लेकिन बहुत कम लोगों को ही इस बारे में मालूम है. बता दें, इस साल गुप्त नवरात्रि 15 जुलाई से शुरू हो रही हैं. इस दिन आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि है. ऐसे में नवरात्री की नवमी 22 जुलाई बुधवार दोपहर को मनाई जाएगी.
अघोरी और तांत्रिकों के लिए विशेष फलदायी होते हैं गुप्त नवरात्र
बता दें, साल में चार यानी चैत्र, शारदीय और दो बार गुप्त नवरात्र आते हैं. इनमें से चैत्र और शारदीय का खास महत्व माना जाता है. इसके लिए अगर हम गुप्त नवरात्रि की बात करें तो इस दौरान भी पूजा की विधि वैसी ही रहती है जैसी चैत्र और शारदीय नवरात्रि में होती है, लेकिन गुप्त नवरात्रि कुछ विशेष क्षेत्रों में ही मनाए जाते हैं. कहा जाता है कि गुप्त नवरात्रि अघोरी और तांत्रिकों के लिए विशेष फलदायी होती है. इस दौरान तांत्रिक और अघोरी मां दुर्गा की दस महाविद्याओं की साधना कर तंत्र मंत्र और सिद्धि प्राप्त करते हैं.
ये हैं देवी की 10 महाविद्याएं
अगर हम देवी की 10 महाविद्याओं की बात करें तो इनमें बगलामुखी, भैरवी, काली, छिन्नमस्ता, भुवनेश्वरी, त्रिपुर सुंदरी, कमलात्मिका, धूमावती, मातंगी और तारा जैसी महाविद्याएं प्राप्त की जा सकती हैं.
(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. प्राइम न्यूज इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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