11 अक्टूबर से होगी घटस्थापना, जानें नौ दिनों के शुभ मुहूर्त और पूजा की विधि
नई दिल्ली। शक्ति की उपासना का प्रमुख पर्व शारदीय नवरात्रि इस वर्ष 11 अक्टूबर 2026, रविवार से शुरू होगा। नौ दिनों तक चलने वाले इस पर्व में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। इस वर्ष नवरात्रि नौ की जगह दस दिनों की होगी। पंचांग के अनुसार सप्तमी तिथि के दो दिनों की होगी। अर्थात; महासप्तमी 17 और 18 अक्टूबर, महाअष्टमी 19 अक्टूबर और महानवमी 20 अक्टूबर को होगा। जबकि विजयादशमी यानी दशहरा 21 अक्टूबर 2026 को मनाया जाएगा।
पहले दिन की जाती है घटस्थापना
नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना या कलश स्थापना के साथ देवी आराधना का शुभारंभ किया जाता है। इस दौरान भक्त व्रत रखते हैं, दुर्गा सप्तशती या देवी पाठ करते हैं और सुबह-शाम आरती कर मां से सुख-समृद्धि, आरोग्य और परिवार की मंगलकामना करते हैं।
11 अक्टूबर को होगी घटस्थापना
पंचांग के अनुसार 11 अक्टूबर को घटस्थापना का मुख्य मुहूर्त सुबह 6:19 बजे से 10:12 बजे तक है। इसकी अवधि करीब 3 घंटे 52 मिनट है। इसके अलावा अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:44 बजे से दोपहर 12:31 बजे तक बताया गया है। घटस्थापना प्रतिपदा तिथि में ही की जानी चाहिए और इसे मध्याह्न से पहले करना प्रमुख माना गया है। प्रतिपदा तिथि 10 अक्टूबर की रात 9:19 बजे शुरू होकर 11 अक्टूबर की रात 9:30 बजे तक रहेगी। इसलिए नवरात्रि का पहला दिन 11 अक्टूबर माना जाएगा।
घटस्थापना में क्या रखें?
घटस्थापना के लिए स्वच्छ स्थान पर चौकी रखकर लाल या पीला वस्त्र बिछाया जाता है। इसके बाद कलश में जल भरकर आम या अन्य परंपरागत पत्ते, सुपारी, अक्षत आदि रखे जाते हैं और ऊपर नारियल स्थापित किया जाता है। पूजा की विधि परिवार और क्षेत्र की परंपरा के अनुसार अलग हो सकती है। कलश स्थापना के साथ देवी का आह्वान कर मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है।
(Disclaimer: Prime News इस लेख की पुष्टि नहीं करता। यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं एवं उपलब्ध स्रोतों पर आधारित है।)
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