सावन सोमवार पर ऐसे करें भगवान शिव की पूजा, जानें बेलपत्र और व्रत का महत्व
नई दिल्ली (भारत)। हिंदू धर्म में सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित माना जाता है। इस महीने में पड़ने वाले सोमवार का विशेष महत्व होता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार सावन सोमवार के दिन भगवान शिव की पूजा और व्रत करने से मनोकामनाओं की पूर्ति, सुख-शांति और समृद्धि की कामना की जाती है। कुंवारी कन्याएं अच्छे वर की कामना से और विवाहित महिलाएं परिवार की सुख-समृद्धि के लिए सावन सोमवार का व्रत रखती हैं।
सावन सोमवार पर कैसे करें पूजा?
सुबह सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें। इसके बाद पूजा स्थल या मंदिर जाकर भगवान शिव का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें। शिवलिंग पर स्वच्छ जल और श्रद्धानुसार दूध अर्पित करें। इसके बाद बेलपत्र, सफेद फूल, अक्षत और धतूरा आदि अर्पित किए जा सकते हैं। पूजा के दौरान “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें। अंत में भगवान शिव और माता पार्वती की आरती करें।
बेलपत्र क्यों चढ़ाया जाता है?
धार्मिक मान्यता में बेलपत्र को भगवान शिव का प्रिय माना जाता है। सावन सोमवार को शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाने की विशेष परंपरा है। बेलपत्र चढ़ाते समय पत्ते साफ और साबुत होने चाहिए।
सावन सोमवार की कथा
पौराणिक मान्यता के अनुसार माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की थी। उनकी तपस्या और भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें पत्नी के रूप में स्वीकार किया। इसी कारण सावन में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा को विशेष फलदायी माना जाता है।
एक अन्य धार्मिक मान्यता के अनुसार समुद्र मंथन के दौरान निकले विष को भगवान शिव ने संसार की रक्षा के लिए अपने कंठ में धारण कर लिया था। विष के प्रभाव को शांत करने के लिए देवताओं ने भगवान शिव पर जल अर्पित किया। सावन में शिवलिंग पर जल चढ़ाने की परंपरा को इस कथा से भी जोड़ा जाता है।
सावन सोमवार व्रत में क्या करें?
व्रत रखने वाले श्रद्धालु दिनभर भगवान शिव का स्मरण करते हैं। कुछ लोग फलाहार करते हैं, जबकि कुछ लोग निर्जल व्रत भी रखते हैं। हालांकि स्वास्थ्य की स्थिति के अनुसार ही उपवास करना चाहिए। व्रत के दौरान जरूरतमंदों को भोजन या अन्य आवश्यक वस्तुओं का दान करना भी शुभ माना जाता है।
(Disclaimer: Prime News इस लेख की पुष्टि नहीं करता। यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं एवं उपलब्ध स्रोतों पर आधारित है।)
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