दीपावली का पावन पर्व अंधकार पर प्रकाश और बुराई पर

दीपावली पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा का विशेष महत्व, सुख-समृद्धि के लिए जलाएं दीप

दीपावली पर लक्ष्मी-गणेश पूजा

नई दिल्ली (भारत)। दीपावली हिंदू धर्म के सबसे प्रमुख और पवित्र त्योहारों में से एक है। यह पर्व अंधकार पर प्रकाश, बुराई पर अच्छाई और अज्ञान पर ज्ञान की विजय का प्रतीक माना जाता है। कार्तिक मास की अमावस्या को मनाया जाने वाला यह त्योहार मां लक्ष्मी, भगवान गणेश और कुबेर की पूजा के लिए विशेष महत्व रखता है। इस दिन घरों को दीपों, रंगोली और फूलों से सजाया जाता है। शाम को शुभ मुहूर्त में लक्ष्मी-गणेश की पूजा की जाती है और घर के कोने-कोने में दीप जलाए जाते हैं।

दीपावली पर लक्ष्मी-गणेश पूजा का महत्व

दीपावली की रात मां लक्ष्मी की पूजा करने की परंपरा है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा करने पर घर में सुख-समृद्धि, धन-धान्य और खुशहाली आती है। भगवान गणेश को विघ्नहर्ता और बुद्धि का देवता माना जाता है। इसलिए लक्ष्मी जी के साथ गणेश जी की पूजा की जाती है। मां लक्ष्मी धन, वैभव और समृद्धि प्रदान करने वाली देवी मानी जाती हैं, जबकि भगवान गणेश शुभ कार्यों की शुरुआत और निर्विघ्न सफलता के प्रतीक हैं। पूजा में कुबेर देव का स्मरण भी किया जाता है।

दीपावली की पूजा सामग्री

लक्ष्मी-गणेश पूजा के लिए ये सामग्री रख सकते हैं:

  • मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमा या तस्वीर
  • पूजा की चौकी और लाल या पीला कपड़ा
  • रोली, कुमकुम, अक्षत और चंदन
  • फूल और फूलों की माला
  • धूप, अगरबत्ती और घी का दीपक
  • कलश, जल और आम के पत्ते
  • मिठाई, फल और पंचमेवा
  • पान, सुपारी, लौंग और इलायची
  • कमल का फूल, यदि उपलब्ध हो
  • चांदी या तांबे का सिक्का
  • खील-बताशे और घर में बने पकवान
  • पूजा के लिए थाली और घंटी

लक्ष्मी-गणेश पूजा की विधि

घर की सफाई और सजावट: दीपावली से पहले घर की अच्छी तरह सफाई करें। मुख्य द्वार पर तोरण लगाएं और रंगोली बनाएं। घर के प्रवेश द्वार पर दीप जलाएं।

पूजा स्थल तैयार करें: पूजा की चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाकर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करें। उनके सामने जल से भरा कलश रखें।

संकल्प लें: हाथ में जल, अक्षत और पुष्प लेकर परिवार की सुख-समृद्धि तथा मंगल की कामना करते हुए पूजा का संकल्प लें।

गणेश जी की पूजा करें: सबसे पहले भगवान गणेश को तिलक लगाएं, दूर्वा और फूल अर्पित करें। इसके बाद धूप और दीप दिखाएं।

मां लक्ष्मी का पूजन करें: मां लक्ष्मी को कुमकुम, अक्षत, पुष्प, माला और मिठाई अर्पित करें। कमल का फूल उपलब्ध हो तो चढ़ाएं।

मंत्र जाप करें: मां लक्ष्मी और भगवान गणेश के मंत्रों का श्रद्धापूर्वक जाप करें।

आरती करें: परिवार के सभी सदस्य मिलकर लक्ष्मी-गणेश की आरती करें। इसके बाद प्रसाद बांटें।

दीपदान करें: घर के मुख्य द्वार, पूजा स्थल, रसोई, आंगन और अन्य सुरक्षित स्थानों पर दीप जलाएं।

दीपावली पर करें इन मंत्रों का जाप

  • मां लक्ष्मी का मंत्र:

ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः।

  • लक्ष्मी गायत्री मंत्र:

ॐ महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णुपत्न्यै च धीमहि। तन्नो लक्ष्मीः प्रचोदयात्॥

  • भगवान गणेश का मंत्र:

ॐ गं गणपतये नमः।

  • गणेश गायत्री मंत्र:

ॐ एकदंताय विद्महे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दंती प्रचोदयात्।।

इन मंत्रों का जाप श्रद्धा और एकाग्रता के साथ करें।

दीपावली पर दीप जलाने का महत्व

दीपावली का अर्थ ही है- दीपों की पंक्ति। इस दिन दीप जलाने की परंपरा का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। दीपक को अंधकार दूर करने और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है, कि दीपावली की रात घर के मुख्य द्वार पर दीप जलाने से मां लक्ष्मी का स्वागत होता है। मंदिर, तुलसी के पौधे और घर के आंगन में भी दीप जलाए जाते हैं। दीप जलाते समय सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए और जलते दीपकों को पर्दों, कागज तथा अन्य ज्वलनशील वस्तुओं से दूर रखना चाहिए।

दीपावली पर इन बातों का रखें ध्यान

  • पूजा स्थल और घर को साफ-सुथरा रखें।
  • पूजा में मन को शांत और श्रद्धा से भरकर शामिल हों।
  • जरूरतमंद लोगों को भोजन, वस्त्र या अन्य आवश्यक सामग्री दान करें।
  • घर के बुजुर्गों और बच्चों के साथ त्योहार की खुशियां बांटें।
  • पटाखों से होने वाले ध्वनि और वायु प्रदूषण से बचें।
  • दीपक और मोमबत्तियां सुरक्षित स्थान पर जलाएं।
  • बच्चों को पटाखों से दूर रखें और बिजली के तारों के पास दीप न रखें।

(Disclaimer: Prime News इस लेख की पुष्टि नहीं करता। यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं एवं उपलब्ध स्रोतों पर आधारित है।)

यह भी पढ़ें: 8 नवंबर 2026 दीपावली, नरक चतुर्दशी, लक्ष्मी पूजन और काली पूजा का विशेष संयोग