11 सितंबर 2026 (शुक्रवार) को भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि और पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र का संयोग
नई दिल्ली (भारत)। मुख्य तिथि एवं काल गणना
विक्रम संवत: 2083
पक्ष व तिथि: भाद्रपद कृष्ण पक्ष अमावस्या — प्रातः 8:57 बजे तक, इसके बाद शुक्ल पक्ष प्रतिपदा।
मास: भाद्रपद
ऋतु: वर्षा ऋतु
अयन: दक्षिणायन
वार: शुक्रवार
नक्षत्र: पूर्वाफाल्गुनी — दोपहर 1:16 बजे तक, इसके बाद उत्तराफाल्गुनी।
योग: साध्य — शाम करीब 5:02 बजे तक, इसके बाद शुभ योग।
करण: नाग — प्रातः 8:57 बजे तक; इसके बाद किंस्तुघ्न — रात करीब 8:17 बजे तक, तत्पश्चात बव करण।
चंद्र राशि: सिंह — शाम करीब 7:08 बजे तक, इसके बाद कन्या।
सूर्य राशि: सिंह
सूर्योदय: प्रातः 6:04 बजे लगभग
सूर्यास्त: सायं 6:31 बजे लगभग
चंद्रोदय: प्रातः करीब 6:02 बजे लगभग
चंद्रास्त: शाम करीब 6:33 बजे लगभग
दिन का चौघड़िया
प्रकृति फल समय अवधि
चर सामान्य प्रातः 06:04 से 07:38 बजे तक लाभ उन्नति प्रातः 07:38 से 09:11 बजे तक अमृत सर्वोत्तम प्रातः 09:11 से 10:44 बजे तक काल हानि प्रातः 10:44 से 12:18 बजे तक शुभ उत्तम दोपहर 12:18 से 01:51 बजे तक रोग अमंगल दोपहर 01:51 से 03:24 बजे तक उद्वेग अशुभ दोपहर 03:24 से 04:58 बजे तक चर सामान्य शाम 04:58 से 06:31 बजे तक
रात्रि का चौघड़िया
प्रकृति फल समय अवधि
रोग अमंगल शाम 06:31 से 07:58 बजे तक उद्वेग अशुभ रात 07:58 से 09:25 बजे तक चर सामान्य रात 09:25 से 10:51 बजे तक लाभ उन्नति रात 10:51 से 12:18 बजे तक अमृत सर्वोत्तम रात 12:18 से 01:45 बजे तक काल हानि प्रातः 01:45 से 03:11 बजे तक शुभ उत्तम प्रातः 03:11 से 04:38 बजे तक रोग अमंगल प्रातः 04:38 से 06:04 बजे तक
शुभ और अशुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त: प्रातः 11:53 बजे से दोपहर 12:43 बजे तक।
राहुकाल: प्रातः 10:44 बजे से दोपहर 12:18 बजे तक।
यमगण्ड: दोपहर 3:24 बजे से 4:58 बजे तक।
गुलिक काल: प्रातः 7:38 बजे से 9:11 बजे तक।
ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः करीब 4:28 बजे से 5:16 बजे तक।
गोधूलि मुहूर्त: शाम करीब 6:07 बजे से 6:55 बजे तक।
अमृत काल: प्रातः करीब 7:04 बजे से 8:36 बजे तक।
निशिता काल: रात करीब 11:53 बजे से 12:41 बजे तक।
दिशाशूल: पश्चिम दिशा। शुक्रवार को पश्चिम दिशा की यात्रा से बचने की धार्मिक मान्यता है। यदि यात्रा आवश्यक हो तो परंपरानुसार कुछ मीठा खाकर या जौ खाकर यात्रा शुरू करना शुभ माना जाता है।
साध्य योग: प्रातः से शाम करीब 5:02 बजे तक, इसके बाद शुभ योग प्रारंभ होगा।
ग्रह गोचर स्थिति
ग्रह राशि
सूर्य सिंह चंद्रमा सिंह, शाम के बाद कन्या मंगल मिथुन बुध सिंह गुरु कर्क शुक्र तुला शनि मीन राहु कुंभ केतु सिंह
विशेष धार्मिक महत्व
11 सितंबर को भाद्रपद अमावस्या है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अमावस्या के दिन स्नान, दान, पितरों का तर्पण और दीपदान करना विशेष पुण्यकारी माना जाता है। अमावस्या तिथि सुबह करीब 8:57 बजे तक रहने के कारण इस दिन पितृ संबंधी धार्मिक कर्म किए जा सकते हैं।
Disclaimer: Prime News इस लेख में दी गई जानकारी की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता। यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं एवं उपलब्ध पंचांग स्रोतों पर आधारित है। तिथि, नक्षत्र, योग, करण एवं मुहूर्त में स्थान विशेष के अनुसार अंतर हो सकता है। किसी भी शुभ कार्य, व्रत या पूजा से पहले अपने क्षेत्र के मान्य पंचांग से सत्यापन अवश्य करें।
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