03 सितंबर 2026 (गुरुवार) को भाद्रपद मास के कृष्ण प

03 सितंबर 2026 (गुरुवार) को भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि और कृत्तिका नक्षत्र का संयोग

The Ashtami Tithi of the month of Bhadrapada (Krishna Paksha)

नई दिल्ली (भारत)। आज की तिथि एवं विशेष जानकारी

मुख्य तिथि एवं काल गणना

विक्रम संवत: 2083

पक्ष व तिथि: भाद्रपद कृष्ण पक्ष सप्तमी (प्रातः लगभग 04:27 बजे तक), इसके बाद अष्टमी तिथि प्रारंभ।

माह: भाद्रपद

ऋतु: वर्षा ऋतु

अयन: दक्षिणायन

वार: गुरुवार

नक्षत्र: कृत्तिका (04 सितंबर की रात्रि लगभग 12:30 बजे तक), इसके बाद रोहिणी। 

योग: व्याघात योग (सायं लगभग 06:36 बजे तक), इसके बाद हर्षण योग।

करण: वणिज (प्रातः लगभग 04:27 बजे तक), इसके बाद विष्टि/भद्रा (दोपहर लगभग 03:31 बजे तक), तत्पश्चात बव।

चंद्र राशि: मेष

सूर्य राशि: सिंह

सूर्योदय: प्रातः 06:00 बजे (लगभग)

सूर्यास्त: सायं 06:41 बजे (लगभग)

चंद्रोदय: रात्रि लगभग 10:28 बजे (लगभग)

चंद्रास्त: दोपहर लगभग 12:05 बजे (लगभग)

दिन का चौघड़िया

प्रकृति             फल                समय अवधि

लाभ                उन्नति              प्रातः 06:00 से 07:35 बजे तक अमृत              सर्वोत्तम            प्रातः 07:35 से 09:10 बजे तक काल               हानि                प्रातः 09:10 से 10:45 बजे तक शुभ                उत्तम               प्रातः 10:45 से 12:20 बजे तक रोग                अमंगल            दोपहर 12:20 से 01:55 बजे तक उद्वेग              अशुभ              दोपहर 01:55 से 03:30 बजे तक चर                 सामान्य           सायं 03:30 से 05:05 बजे तक लाभ               उन्नति             सायं 05:05 से 06:41 बजे तक

रात्रि का चौघड़िया

प्रकृति              फल                  समय अवधि

उद्वेग                अशुभ                सायं 06:41 से 08:06 बजे तक शुभ                  उत्तम                रात्रि 08:06 से 09:31 बजे तक अमृत               सर्वोत्तम             रात्रि 09:31 से 10:56 बजे तक चर                  सामान्य             रात्रि 10:56 से 12:21 बजे तक रोग                 अमंगल             रात्रि 12:21 से 01:46 बजे तक काल               हानि                 प्रातः 01:46 से 03:11 बजे तक लाभ               उन्नति                प्रातः 03:11 से 04:36 बजे तक उद्वेग              अशुभ                प्रातः 04:36 से 06:00 बजे तक

शुभ और अशुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त: प्रातः लगभग 11:58 बजे से 12:46 बजे तक। 

राहुकाल: दोपहर लगभग 01:57 बजे से 03:32 बजे तक। 

यमगण्ड: प्रातः लगभग 06:00 बजे से 07:36 बजे तक।

गुलिक काल: प्रातः लगभग 09:11 बजे से 10:46 बजे तक।

ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः लगभग 04:32 बजे से 05:18 बजे तक।

गोधूलि मुहूर्त: सायं लगभग 06:37 बजे से 07:00 बजे तक।

अमृत काल: रात्रि लगभग 10:13 बजे से 11:44 बजे तक।

दिशाशूल: दक्षिण दिशा। यदि यात्रा आवश्यक हो तो धार्मिक मान्यतानुसार गुरुवार को दही या जीरा का सेवन करके यात्रा प्रारंभ करना शुभ माना जाता है।

ग्रह गोचर स्थिति

ग्रह                       राशि

सूर्य                       सिंह चंद्रमा                    मेष मंगल                    मिथुन बुध                       सिंह गुरु (बृहस्पति)        कर्क शुक्र                     कन्या शनि                     मीन राहु                      कुंभ केतु                     सिंह

(Disclaimer: Prime News इस लेख की पुष्टि नहीं करता। यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं एवं उपलब्ध पंचांग स्रोतों पर आधारित है। तिथि, नक्षत्र, योग, करण एवं मुहूर्त में स्थान विशेष के अनुसार अंतर हो सकता है। किसी भी शुभ कार्य, व्रत या पूजा से पहले अपने क्षेत्र के मान्य पंचांग से सत्यापन अवश्य करें।)

यह भी पढ़ेंः जन्माष्टमी पर करें श्रीकृष्ण के इन 11 मंत्रों का जाप, मन को मिलेगी शांति