25 सितंबर 2026 (शुक्रवार) को भाद्रपद मास के शुक्ल

25 सितंबर 2026 शुक्रवार को भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि और शतभिषा नक्षत्र का संयोग

The Chaturdashi Tithi of the month of Bhadrapada (Shukla Paksha)

नई दिल्ली (भारत)। मुख्य तिथि एवं काल गणना

विक्रम संवत: 2083

मास: भाद्रपद

ऋतु: वर्षा ऋतु

पक्ष: शुक्ल पक्ष

तिथि: चतुर्दशी — रात 11:06 बजे तक, इसके बाद पूर्णिमा

नक्षत्र: शतभिषा — सुबह 11:22 बजे तक, इसके बाद पूर्वाभाद्रपद

योग: शूल — दोपहर करीब 2:51 बजे तक, इसके बाद गण्ड

करण: गर — सुबह 11:17 बजे तक, इसके बाद वणिज — रात 11:06 बजे तक

वार: शुक्रवार

चंद्र राशि: कुंभ

सूर्य राशि: कन्या

अयन: दक्षिणायन

सूर्योदय: सुबह 6:11 बजे के आसपास

सूर्यास्त: शाम 6:14 बजे के आसपास

चंद्रोदय: शाम करीब 5:27 बजे

चंद्रास्त: अगले दिन सुबह करीब 5:32 बजे।

दिन का चौघड़िया

प्रकृति            फल                समय अवधि

चर                सामान्य             प्रातः 06:11 से 07:41 बजे तक लाभ              उन्नति               प्रातः 07:41 से 09:12 बजे तक अमृत             सर्वोत्तम            प्रातः 09:12 से 10:42 बजे तक काल              हानि                प्रातः 10:42 से दोपहर 12:13 बजे तक शुभ               उत्तम               दोपहर 12:13 से 01:43 बजे तक रोग               अमंगल            दोपहर 01:43 से 03:13 बजे तक उद्वेग             अशुभ              दोपहर 03:13 से 04:44 बजे तक चर                सामान्य            शाम 04:44 से 06:14 बजे तक

रात का चौघड़िया

प्रकृति            फल                समय अवधि

रोग                अमंगल             शाम 06:14 से 07:44 बजे तक काल               हानि                रात 07:44 से 09:13 बजे तक लाभ               उन्नति               रात 09:13 से 10:43 बजे तक उद्वेग             अशुभ                रात 10:43 से 12:13 बजे तक शुभ               उत्तम                प्रातः 12:13 से 01:42 बजे तक अमृत             सर्वोत्तम            प्रातः 01:42 से 03:12 बजे तक चर                सामान्य             प्रातः 03:12 से 04:42 बजे तक रोग               अमंगल             प्रातः 04:42 से 06:11 बजे तक

शुभ और अशुभ मुहूर्त

ब्रह्ममुहूर्त: सुबह 4:35 बजे से 5:23 बजे तक

अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:48 बजे से दोपहर 12:37 बजे तक

विजय मुहूर्त: दोपहर करीब 2:12 बजे से 3:01 बजे तक

गोधूलि बेला: शाम 6:02 बजे से 6:26 बजे तक

राहुकाल: सुबह 10:42 बजे से दोपहर 12:13 बजे तक

यमगंड: दोपहर 3:13 बजे से शाम 4:44 बजे तक

गुलिक काल: सुबह 7:41 बजे से 9:12 बजे तक

दुर्मुहूर्त: सुबह करीब 8:36 से 9:24 बजे तक तथा दोपहर 12:37 से 1:25 बजे तक

अमृत काल: अगले दिन सुबह करीब 3:28 बजे से 5:05 बजे तक

वर्ज्य: शाम करीब 5:49 बजे से 7:25 बजे तक

दिशा शूल: पश्चिम दिशा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शुक्रवार को पश्चिम दिशा की यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है। यदि आवश्यक हो तो जौ ग्रहण करके यात्रा करें। 

ग्रह गोचर स्थिति

ग्रह                राशि

सूर्य                कन्या चंद्रमा             कुंभ मंगल             मिथुन बुध                कन्या गुरु                कर्क शुक्र               तुला शनि               मीन राहु                कुंभ केतु               सिंह

आज के प्रमुख धार्मिक अवसर

  • अनंत चतुर्दशी
  • गणेश विसर्जन

Disclaimer: Prime News इस लेख की पुष्टि नहीं करता। यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं एवं उपलब्ध पंचांग स्रोतों पर आधारित है। तिथि, नक्षत्र, योग, करण एवं मुहूर्त में स्थान विशेष के अनुसार अंतर हो सकता है। किसी भी शुभ कार्य, व्रत या पूजा से पहले अपने क्षेत्र के मान्य पंचांग से सत्यापन अवश्य करें।

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