आज आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि रहेगी। दश

5 अक्टूबर 2026 सोमवार को आश्विन कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि और पुष्य नक्षत्र का संयोग

आज का पंचांग

नई दिल्ली (भारत)। मुख्य तिथि एवं काल गणना

विक्रम संवत: 2083

मास: आश्विन

ऋतु: शरद ऋतु

पक्ष: कृष्ण पक्ष

तिथि: दशमी — 6 अक्टूबर की रात 2:07 बजे तक, इसके बाद एकादशी

नक्षत्र: पुष्य — रात 11:09 बजे तक, इसके बाद आश्लेषा

योग: शिव — सुबह 9:51 बजे तक, इसके बाद सिद्ध

करण: वणिज — दोपहर 2:58 बजे तक, इसके बाद विष्टि (भद्रा) — 6 अक्टूबर की रात 2:07 बजे तक

वार: सोमवार

चंद्र राशि: कर्क

सूर्य राशि: कन्या

अयन: दक्षिणायन

सूर्योदय: सुबह 6:16 बजे लगभग

सूर्यास्त: शाम 6:03 बजे लगभग

चंद्रोदय: 6 अक्टूबर की रात करीब 1:47 बजे

चंद्रास्त: दोपहर 2:43 बजे लगभग

दिन का चौघड़िया

प्रकृति        फल            समय अवधि

अमृत         सर्वोत्तम        प्रातः 06:16 से 07:44 बजे तक काल          हानि            प्रातः 07:44 से 09:13 बजे तक शुभ            उत्तम          प्रातः 09:13 से 10:41 बजे तक रोग            अमंगल        प्रातः 10:41 से दोपहर 12:09 बजे तक उद्वेग          अशुभ         दोपहर 12:09 से 01:38 बजे तक चर             सामान्य       दोपहर 01:38 से 03:06 बजे तक लाभ           उन्नति         दोपहर 03:06 से 04:34 बजे तक अमृत         सर्वोत्तम       शाम 04:34 से 06:03 बजे तक

रात का चौघड़िया

प्रकृति        फल            समय अवधि

चर            सामान्य         शाम 06:03 से 07:34 बजे तक रोग           अमंगल         रात 07:34 से 09:06 बजे तक काल          हानि            रात 09:06 से 10:37 बजे तक लाभ           उन्नति          रात 10:37 से 12:09 बजे तक उद्वेग          अशुभ         रात 12:09 से 01:41 बजे तक शुभ            उत्तम          रात 01:41 से 03:13 बजे तक अमृत         सर्वोत्तम        रात 03:13 से 04:44 बजे तक चर            सामान्य        प्रातः 04:44 से 06:16 बजे तक

शुभ और अशुभ मुहूर्त

ब्रह्ममुहूर्त: सुबह करीब 4:38 से 5:27 बजे तक

अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:46 बजे से दोपहर 12:33 बजे तक

विजय मुहूर्त: दोपहर करीब 2:07 से 2:54 बजे तक

गोधूलि बेला: शाम करीब 6:03 से 6:27 बजे तक

अमृत काल: शाम करीब 5:02 से 6:34 बजे तक

सर्वार्थ सिद्धि योग: सुबह 6:16 बजे से रात 11:09 बजे तक

राहुकाल: सुबह 7:44 से 9:13 बजे तक

यमगंड: सुबह 10:41 से दोपहर 12:09 बजे तक

गुलिक काल: दोपहर 1:38 से 3:06 बजे तक

दुर्मुहूर्त: दोपहर 12:33 से 1:20 बजे तक

वर्ज्य: सुबह 7:52 से 9:24 बजे तक

दिशा शूल: पूर्व दिशा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सोमवार को पूर्व दिशा की यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है। यात्रा आवश्यक होने पर अपनी परंपरा के अनुसार उपाय किए जा सकते हैं।

ग्रह गोचर स्थिति

ग्रह            राशि

सूर्य            कन्या चंद्रमा         कर्क मंगल         मिथुन बुध            कन्या गुरु            कर्क शुक्र           तुला शनि           मीन राहु            कुंभ केतु            सिंह

आज के प्रमुख धार्मिक अवसर

दशमी श्राद्धः पितृ पक्ष के दौरान आज दशमी तिथि का श्राद्ध किया जाएगा। जिन पितरों की मृत्यु तिथि दशमी को हुई हो, उनके लिए आज श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करने की परंपरा है। श्राद्ध कर्म अपनी पारिवारिक परंपरा और स्थानीय मान्यताओं के अनुसार किया जाना चाहिए।

आज क्या करें?

  • पितरों का स्मरण कर श्रद्धापूर्वक जल अर्पित करें।
  • दशमी श्राद्ध अपनी पारिवारिक परंपरा और पुरोहित की सलाह के अनुसार करें।
  • श्राद्ध कर्म के लिए स्थानीय पंचांग के अनुसार उपयुक्त काल का ध्यान रखें।
  • जरूरतमंदों को अन्न, भोजन, वस्त्र या अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान करें।
  • सोमवार होने के कारण भगवान शिव की पूजा कर जल या दूध अर्पित कर सकते हैं।
  • पितृ पक्ष में सात्विक भोजन और संयमित दिनचर्या का पालन करें।
  • श्राद्ध कर्म में अपने कुलाचार और स्थानीय परंपरा को प्राथमिकता दें।
  • किसी भी धार्मिक कर्मकांड के लिए स्थानीय विद्वान या पुरोहित की सलाह लेना उचित रहेगा।

Disclaimer: Prime News इस लेख की पुष्टि नहीं करता। यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं एवं उपलब्ध पंचांग स्रोतों पर आधारित है। तिथि, नक्षत्र, योग, करण एवं मुहूर्त में स्थान विशेष के अनुसार कुछ मिनटों का अंतर हो सकता है। किसी भी शुभ कार्य, व्रत या पूजा से पहले अपने क्षेत्र के मान्य पंचांग से सत्यापन अवश्य करें।

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