6 सितंबर 2026 रविवार को भाद्रपद कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि और आर्द्रा नक्षत्र का संयोग
नई दिल्ली (भारत)। मुख्य तिथि एवं काल गणना
विक्रम संवत: 2083
मास: भाद्रपद
ऋतु: वर्षा ऋतु
पक्ष: कृष्ण पक्ष
तिथि: दशमी — शाम 7:29 बजे तक, इसके बाद एकादशी
नक्षत्र: आर्द्रा — शाम 7:52 बजे तक, इसके बाद पुनर्वसु
योग: सिद्धि — सुबह 9:44 बजे तक, इसके बाद व्यतीपात
करण: वणिज — सुबह 8:42 बजे तक, इसके बाद विष्टि (भद्रा); शाम 7:29 बजे के बाद बव
वार: रविवार
चंद्र राशि: मिथुन
सूर्य राशि: सिंह
अयन: दक्षिणायन
सूर्योदय: सुबह 6:01 बजे लगभग
सूर्यास्त: शाम 6:37 बजे लगभग
चंद्रोदय: रात 12:32 बजे लगभग
चंद्रास्त: दोपहर 3:13 बजे लगभग
दिन का चौघड़िया
प्रकृति फल समय अवधि
उद्वेग महत्वपूर्ण शुभ कार्यों से बचें प्रातः 06:01 से 07:39 बजे तक चर यात्रा एवं सामान्य कार्यों के लिए अनुकूल प्रातः 07:39 से 09:12 बजे तक लाभ व्यापार एवं आर्थिक कार्यों के लिए शुभ प्रातः 09:12 से 10:46 बजे तक अमृत अत्यंत शुभ कार्यों के लिए अनुकूल प्रातः 10:46 से दोपहर 12:19 बजे तक काल नए शुभ कार्यों से बचें दोपहर 12:19 से 01:53 बजे तक शुभ मांगलिक एवं धार्मिक कार्यों के लिए अनुकूल दोपहर 01:53 से 03:26 बजे तक रोग जोखिम एवं विवाद वाले कार्यों से बचें दोपहर 03:26 से 05:00 बजे तक उद्वेग नए शुभ कार्य शुरू न करें शाम 05:00 से 06:37 बजे तक
रात का चौघड़िया
प्रकृति फल समय अवधि
शुभ मांगलिक एवं धार्मिक कार्यों के लिए अनुकूल शाम 06:37 से 08:00 बजे तक अमृत अत्यंत शुभ कार्यों के लिए अनुकूल रात 08:00 से 09:26 बजे तक चर यात्रा एवं सामान्य कार्यों के लिए अनुकूल रात 09:26 से 10:53 बजे तक रोग स्वास्थ्य एवं विवाद संबंधी कार्यों से बचें रात 10:53 से 12:20 बजे तक काल नए शुभ कार्यों से बचें रात 12:20 से 01:46 बजे तक लाभ आर्थिक एवं व्यापारिक कार्यों के लिए शुभ रात 01:46 से 03:13 बजे तक उद्वेग महत्वपूर्ण शुभ कार्य टालना बेहतर प्रातः 03:13 से 04:39 बजे तक शुभ धार्मिक एवं मांगलिक कार्यों के लिए अनुकूल प्रातः 04:39 से 06:06 बजे तक
शुभ और अशुभ मुहूर्त
ब्रह्ममुहूर्त: सुबह 4:30 बजे से 5:16 बजे तक।
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:54 बजे से दोपहर 12:44 बजे तक।
गोधूलि बेला: शाम 6:37 बजे से 7:00 बजे तक।
राहुकाल: शाम 5:02 बजे से 6:37 बजे तक।
यमगंड: दोपहर 12:19 बजे से 1:53 बजे तक।
गुलिक काल: दोपहर 3:26 बजे से 5:02 बजे तक।
दुर्मुहूर्त: लगभग सुबह 11:54 बजे से दोपहर 12:44 बजे तक।
अमृत काल: दोपहर करीब 2:17 बजे से 3:47 बजे तक।
वर्ज्य: सुबह करीब 5:21 बजे से 6:50 बजे तक।
दिशा शूल: पश्चिम दिशा। रविवार को पश्चिम दिशा की यात्रा से बचने की परंपरा मानी जाती है। यदि यात्रा आवश्यक हो तो धार्मिक मान्यतानुसार पान या घी का सेवन करके यात्रा शुरू करना शुभ है।
ग्रह गोचर स्थिति
ग्रह राशि
सूर्य सिंह चंद्रमा मिथुन मंगल मिथुन बुध सिंह गुरु कर्क शुक्र तुला शनि मीन राहु कुंभ केतु सिंह
Disclaimer: Prime News इस लेख की पुष्टि नहीं करता। यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं एवं उपलब्ध पंचांग स्रोतों पर आधारित है। तिथि, नक्षत्र, योग, करण एवं मुहूर्त में स्थान विशेष के अनुसार अंतर हो सकता है। किसी भी शुभ कार्य, व्रत या पूजा से पहले अपने क्षेत्र के मान्य पंचांग से सत्यापन अवश्य करें।
यह भी पढ़ेंः शनिवार को जानें शनिदेव के जन्म की कथा, कैसे सूर्यदेव के पुत्र बने न्याय के देवता?