22 सितंबर 2026 मंगलवार को भाद्रपद शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि और उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का संयोग
नई दिल्ली (भारत)। मुख्य तिथि एवं काल गणना
विक्रम संवत: 2083
मास: भाद्रपद
ऋतु: वर्षा ऋतु
पक्ष: शुक्ल पक्ष
तिथि: एकादशी — रात 9:43 बजे तक, इसके बाद द्वादशी
नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा — सुबह 7:06 बजे तक, इसके बाद श्रवण
योग: अतिगण्ड — शाम करीब 4:29 बजे तक, इसके बाद सुकर्मा
करण: वणिज — सुबह 8:55 बजे तक, इसके बाद विष्टि; रात 9:43 बजे के बाद बव
वार: मंगलवार
चंद्र राशि: मकर
सूर्य राशि: कन्या
अयन: दक्षिणायन
सूर्योदय: सुबह 6:09 बजे लगभग
सूर्यास्त: शाम 6:18 बजे लगभग
चंद्रोदय: दोपहर 3:48 बजे लगभग
चंद्रास्त: रात 2:40 बजे लगभग
दिन का चौघड़िया
प्रकृति फल समय अवधि
रोग अमंगल प्रातः 06:09 से 07:40 बजे तक उद्वेग अशुभ प्रातः 07:40 से 09:11 बजे तक चर सामान्य प्रातः 09:11 से 10:43 बजे तक लाभ उन्नति प्रातः 10:43 से दोपहर 12:14 बजे तक अमृत सर्वोत्तम दोपहर 12:14 से 01:45 बजे तक काल हानि दोपहर 01:45 से 03:16 बजे तक शुभ उत्तम दोपहर 03:16 से 04:47 बजे तक रोग अमंगल शाम 04:47 से 06:18 बजे तक
रात का चौघड़िया
प्रकृति फल समय अवधि
काल हानि शाम 06:18 से 07:47 बजे तक लाभ उन्नति रात 07:47 से 09:16 बजे तक उद्वेग अशुभ रात 09:16 से 10:45 बजे तक शुभ उत्तम रात 10:45 से 12:14 बजे तक अमृत सर्वोत्तम प्रातः 12:14 से 01:43 बजे तक चर सामान्य प्रातः 01:43 से 03:12 बजे तक रोग अमंगल प्रातः 03:12 से 04:41 बजे तक काल हानि प्रातः 04:41 से 06:10 बजे तक
शुभ और अशुभ मुहूर्त
ब्रह्ममुहूर्त: सुबह 4:35 बजे से 5:22 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:49 बजे से दोपहर 12:38 बजे तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 2:15 बजे से 3:04 बजे तक
गोधूलि बेला: शाम 6:18 बजे से 6:42 बजे तक
राहुकाल: दोपहर 3:16 बजे से 4:47 बजे तक
यमगंड: सुबह 9:11 बजे से 10:43 बजे तक
गुलिक काल: दोपहर 12:14 बजे से 1:45 बजे तक
दुर्मुहूर्त: सुबह 8:35 बजे से 9:24 बजे तक
वर्ज्य: सुबह करीब 11:27 बजे से दोपहर 1:11 बजे तक
अमृत काल: रात करीब 9:52 बजे से 11:36 बजे तक
दिशा शूल: उत्तर दिशा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मंगलवार को उत्तर दिशा की यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है। आवश्यक यात्रा होने पर गुड़ खाकर यात्रा प्रारंभ की जा सकती है।
ग्रह गोचर स्थिति
ग्रह राशि
सूर्य कन्या चंद्रमा मकर मंगल मिथुन बुध कन्या गुरु कर्क शुक्र तुला शनि मीन राहु कुंभ केतु सिंह
आज के प्रमुख धार्मिक अवसर
पद्मा (कर्मा-धर्मा) एकादशी :- इस वर्ष पद्मा एकादशी पर हरिवसार का योग बन रहा है। जो लोग हरिवसार का व्रत करना चाहते हैं, उन्हें 48 घंटों का व्रत करना होगा। यह व्रत आज 22 सितंबर से आरंभ होकर कल 24 सितंबर की सुबह तक किया जाएगा।
Disclaimer: Prime News इस लेख की पुष्टि नहीं करता। यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं एवं उपलब्ध पंचांग स्रोतों पर आधारित है। तिथि, नक्षत्र, योग, करण एवं मुहूर्त में स्थान विशेष के अनुसार अंतर हो सकता है। किसी भी शुभ कार्य, व्रत या पूजा से पहले अपने क्षेत्र के मान्य पंचांग से सत्यापन अवश्य करें।
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