4 अक्टूबर 2026 (रविवार) को आश्विन मास के कृष्ण पक्

4 अक्टूबर 2026 रविवार को आश्विन कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि और पुनर्वसु नक्षत्र का संयोग

जाने आज का पंचांग

नई दिल्ली (भारत)। मुख्य तिथि एवं काल गणना

विक्रम संवत: 2083

मास: आश्विन

ऋतु: शरद ऋतु

पक्ष: कृष्ण पक्ष

तिथि: नवमी — 5 अक्टूबर की सुबह 3:53 बजे तक, इसके बाद दशमी

नक्षत्र: पुनर्वसु — रात 12:13 बजे तक, इसके बाद पुष्य

योग: परिघ — दोपहर 12:32 बजे तक, इसके बाद शिव

करण: तैतिल — शाम 4:51 बजे तक, इसके बाद गर — 5 अक्टूबर की सुबह 3:53 बजे तक

वार: रविवार

चंद्र राशि: मिथुन — शाम 6:31 बजे तक, इसके बाद कर्क

सूर्य राशि: कन्या

अयन: दक्षिणायन

सूर्योदय: सुबह 6:15 बजे लगभग

सूर्यास्त: शाम 6:04 बजे लगभग

चंद्रोदय: रात 12:40 बजे लगभग

चंद्रास्त: दोपहर 1:58 बजे लगभग

दिन का चौघड़िया

प्रकृति        फल            समय अवधि

उद्वेग         अशुभ           प्रातः 06:15 से 07:43 बजे तक चर            सामान्य         प्रातः 07:43 से 09:12 बजे तक लाभ          उन्नति           प्रातः 09:12 से 10:41 बजे तक अमृत        सर्वोत्तम         प्रातः 10:41 से दोपहर 12:10 बजे तक काल         हानि             दोपहर 12:10 से 01:38 बजे तक शुभ          उत्तम            दोपहर 01:38 से 03:07 बजे तक रोग          अमंगल         दोपहर 03:07 से 04:35 बजे तक उद्वेग        अशुभ          शाम 04:35 से 06:04 बजे तक

रात का चौघड़िया

प्रकृति        फल            समय अवधि

शुभ            उत्तम           शाम 06:04 से 07:33 बजे तक अमृत          सर्वोत्तम        शाम 07:33 से 09:01 बजे तक चर             सामान्य         रात 09:01 से 10:30 बजे तक रोग            अमंगल         रात 10:30 से 11:59 बजे तक काल           हानि            रात 11:59 से 01:28 बजे तक लाभ           उन्नति           रात 01:28 से 02:56 बजे तक अमृत          सर्वोत्तम        रात 02:56 से 04:25 बजे तक काल           हानि            प्रातः 04:25 से 05:54 बजे तक

शुभ और अशुभ मुहूर्त

ब्रह्ममुहूर्त: सुबह करीब 4:39 से 5:27 बजे तक

अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:46 बजे से दोपहर 12:33 बजे तक

विजय मुहूर्त: दोपहर करीब 2:09 से 2:57 बजे तक

गोधूलि बेला: शाम करीब 6:04 से 6:28 बजे तक

राहुकाल: शाम 4:35 से 6:04 बजे तक

यमगंड: दोपहर 12:10 से 1:38 बजे तक

गुलिक काल: दोपहर 3:07 से 4:35 बजे तक

दुर्मुहूर्त: शाम 4:29 से 5:17 बजे तक

अमृत काल: रात करीब 9:57 से 11:28 बजे तक

वर्ज्य: दोपहर करीब 12:51 से 2:22 बजे तक

दिशा शूल: पश्चिम दिशा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार रविवार को पश्चिम दिशा की यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है। यात्रा आवश्यक होने पर अपनी परंपरा के अनुसार उपाय किए जा सकते हैं।

ग्रह गोचर स्थिति

ग्रह                राशि

सूर्य                कन्या चंद्रमा             मिथुन से कर्क मंगल              मिथुन बुध                कन्या गुरु                कर्क शुक्र               तुला शनि               मीन राहु                कुंभ केतु               सिंह

आज के प्रमुख धार्मिक अवसर

नवमी श्राद्ध: पितृ पक्ष के दौरान आज नवमी तिथि का श्राद्ध किया जाएगा। साथ आज लोग अपनी सभी महिला पितर (माता, दादी इत्यादि) के लिए श्राद्ध कर सकते हैं। आपको अपने जिन महिला पितर के मृत्यु की ठीठी नहीं पता हो, उनका भी आज श्राद्ध किया जा सकता है। 

आज क्या करें?

  • पितरों का स्मरण कर श्रद्धापूर्वक जल अर्पित करें।
  • नवमी श्राद्ध अपनी पारिवारिक परंपरा और पुरोहित की सलाह के अनुसार करें।
  • श्राद्ध कर्म के दौरान कुतुप, रौहिण और अपराह्न काल का स्थानीय पंचांग के अनुसार ध्यान रखें।
  • जरूरतमंदों को अन्न, भोजन, वस्त्र या अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान करें।
  • रविवार होने के कारण सुबह सूर्यदेव को जल अर्पित करें।
  • पितृ पक्ष के दौरान सात्विक भोजन और संयमित दिनचर्या का पालन करें।
  • श्राद्ध कर्म में अपने कुलाचार और स्थानीय परंपरा को प्राथमिकता दें।

Disclaimer: Prime News इस लेख की पुष्टि नहीं करता। यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं एवं उपलब्ध पंचांग स्रोतों पर आधारित है। तिथि, नक्षत्र, योग, करण एवं मुहूर्त में स्थान विशेष के अनुसार अंतर हो सकता है। किसी भी शुभ कार्य, व्रत या पूजा से पहले अपने क्षेत्र के मान्य पंचांग से सत्यापन अवश्य करें।

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