5 सितंबर 2026 शनिवार को भाद्रपद कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि और मृगशिरा नक्षत्र का संयोग
नई दिल्ली (भारत)। मुख्य तिथि एवं काल गणना
विक्रम संवत: 2083
मास: भाद्रपद
ऋतु: वर्षा ऋतु
पक्ष: कृष्ण पक्ष
तिथि: नवमी — रात 9:53 बजे तक, इसके बाद दशमी
नक्षत्र: मृगशिरा — रात 9:30 बजे तक, इसके बाद आर्द्रा
योग: वज्र — दोपहर 12:47 बजे तक, इसके बाद सिद्धि
करण: तैतिल — सुबह 11:04 बजे तक, इसके बाद गर; रात 9:53 बजे के बाद वणिज
वार: शनिवार
चंद्र राशि: वृषभ
सूर्य राशि: सिंह
अयन: दक्षिणायन
सूर्योदय: सुबह 6:01 बजे लगभग
सूर्यास्त: शाम 6:38 बजे लगभग
चंद्रोदय: रात्रि 11ः57 बजे लगभग
चंद्रास्त: दोपहर 2:14 बजे लगभग
दिन का चौघड़िया
प्रकृति फल समय अवधि
काल नए शुभ कार्यों से बचें प्रातः 06:01 से 07:36 बजे तक शुभ मांगलिक कार्यों के लिए अनुकूल प्रातः 07:36 से 09:10 बजे तक रोग महत्वपूर्ण कार्यों में सावधानी रखें प्रातः 09:10 से 10:45 बजे तक उद्वेग शुभ कार्य टालना बेहतर प्रातः 10:45 से दोपहर 12:20 बजे तक चर यात्रा एवं गतिशील कार्यों के लिए सामान्य दोपहर 12:20 से 01:54 बजे तक लाभ व्यापार एवं आर्थिक कार्यों के लिए शुभ दोपहर 01:54 से 03:29 बजे तक अमृत अत्यंत शुभ कार्यों के लिए अनुकूल दोपहर 03:29 से 05:03 बजे तक काल नए शुभ कार्यों से बचें शाम 05:03 से 06:38 बजे तक
रात का चौघड़िया
प्रकृति फल समय अवधि
लाभ आर्थिक एवं व्यापारिक कार्यों के लिए शुभ सायं 06:38 से 08:04 बजे तक उद्वेग महत्वपूर्ण शुभ कार्यों से बचें रात 08:04 से 09:29 बजे तक शुभ मांगलिक कार्यों के लिए अनुकूल रात 09:29 से 10:54 बजे तक अमृत अत्यंत शुभ माना जाता है रात 10:54 से 12:19 बजे तक चर यात्रा एवं सामान्य कार्यों के लिए अनुकूल रात 12:19 से 01:44 बजे तक रोग जोखिम वाले कार्यों से बचें रात 01:44 से 03:09 बजे तक काल नए शुभ कार्य न करें रात 03:09 से 04:34 बजे तक लाभ उन्नति एवं आर्थिक कार्यों के लिए अनुकूल प्रातः 04:34 से 06:01 बजे तक
शुभ और अशुभ मुहूर्त
ब्रह्ममुहूर्त: सुबह 4:30 बजे से 5:16 बजे तक।
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:54 बजे से दोपहर 12:44 बजे तक।
गोधूलि बेला: शाम 6:26 बजे से 6:50 बजे तक।
राहुकाल: सुबह 9:10 बजे से 10:45 बजे तक।
यमगंड: दोपहर 1:54 बजे से 3:29 बजे तक।
गुलिक काल: सुबह 6:01 बजे से 7:36 बजे तक।
दुर्मुहूर्त: सुबह करीब 6:51–7:42 बजे तथा 7:42–8:32 बजे।
अमृत काल: शाम करीब 4:17 बजे से 5:47 बजे तक।
वर्ज्य: 6 सितंबर की सुबह करीब 5:19 से 6:49 बजे तक।
दिशा शूल: पूर्व दिशा। शनिवार को पूर्व दिशा की यात्रा से बचने की परंपरा मानी जाती है। यदि यात्रा आवश्यक हो तो धार्मिक मान्यतानुसार अदरक या उड़द से संबंधित उपाय करने की परंपरा कुछ क्षेत्रों में मिलती है।
ग्रह गोचर स्थिति
ग्रह राशि
सूर्य सिंह चंद्रमा वृषभ मंगल मिथुन बुध सिंह गुरु कर्क शुक्र तुला शनि मीन राहु कुंभ केतु सिंह
Disclaimer: (Prime News इस लेख की पुष्टि नहीं करता। यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं एवं उपलब्ध पंचांग स्रोतों पर आधारित है। तिथि, नक्षत्र, योग, करण एवं मुहूर्त में स्थान विशेष के अनुसार अंतर हो सकता है। किसी भी शुभ कार्य, व्रत या पूजा से पहले अपने क्षेत्र के मान्य पंचांग से सत्यापन अवश्य करें।)
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