20 सितंबर 2026 (रविवार) को भाद्रपद मास के शुक्ल पक

20 सितंबर 2026 रविवार को भाद्रपद शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि और पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र का संयोग

जाने आज का पंचांग

नई दिल्ली (भारत)। मुख्य तिथि एवं काल गणना

विक्रम संवत: 2083

मास: भाद्रपद

ऋतु: वर्षा ऋतु

पक्ष: शुक्ल पक्ष

तिथि: नवमी — शाम 5:51 बजे तक, इसके बाद दशमी

नक्षत्र: पूर्वाषाढ़ा — अगले दिन तड़के 4:34 बजे तक, इसके बाद उत्तराषाढ़ा

योग: सौभाग्य — दोपहर 3:22 बजे तक, इसके बाद शोभन

करण: कौलव — शाम 5:51 बजे तक, इसके बाद तैतिल

वार: रविवार

चंद्र राशि: धनु

सूर्य राशि: कन्या

अयन: दक्षिणायन

सूर्योदय: सुबह 6:08 बजे के आसपास

सूर्यास्त: शाम 6:20 बजे के आसपास

चंद्रोदय: दोपहर 2:34 बजे के आसपास

चंद्रास्त: रात 12:42 बजे के आसपास

दिन का चौघड़िया

प्रकृति        फल                समय अवधि

उद्वेग          अशुभ              प्रातः 06:08 से 07:40 बजे तक चर            सामान्य             प्रातः 07:40 से 09:11 बजे तक लाभ          उन्नति               प्रातः 09:11 से 10:43 बजे तक अमृत        सर्वोत्तम             प्रातः 10:43 से दोपहर 12:14 बजे तक काल         हानि                 दोपहर 12:14 से 01:45 बजे तक शुभ          उत्तम               दोपहर 01:45 से 03:17 बजे तक रोग          अमंगल             दोपहर 03:17 से 04:48 बजे तक उद्वेग        अशुभ              शाम 04:48 से 06:20 बजे तक

रात का चौघड़िया

प्रकृति        फल                समय अवधि

शुभ            उत्तम               शाम 06:20 से 07:49 बजे तक अमृत         सर्वोत्तम            रात 07:49 से 09:17 बजे तक चर            सामान्य            रात 09:17 से 10:46 बजे तक रोग           अमंगल            रात 10:46 से 12:14 बजे तक काल          हानि                रात 12:14 से 01:43 बजे तक लाभ          उन्नति              प्रातः 01:43 से 03:12 बजे तक अमृत        सर्वोत्तम            प्रातः 03:12 से 04:40 बजे तक काल         हानि                प्रातः 04:40 से 06:08 बजे तक

शुभ और अशुभ मुहूर्त

ब्रह्ममुहूर्त: सुबह 4:34 बजे से 5:21 बजे तक

अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:50 बजे से दोपहर 12:38 बजे तक

विजय मुहूर्त: दोपहर 2:15 बजे से 3:03 बजे तक

गोधूलि बेला: शाम 6:20 बजे से 6:44 बजे तक

राहुकाल: शाम 4:48 बजे से 6:20 बजे तक

यमगंड: दोपहर 12:14 बजे से 1:45 बजे तक

गुलिक काल: दोपहर 3:17 बजे से 4:48 बजे तक

दुर्मुहूर्त: शाम 4:42 बजे से 5:31 बजे तक

अमृत काल: रात 11:12 बजे से अगले दिन 12:59 बजे तक

वर्ज्य: दोपहर 1:25 बजे से 3:11 बजे तक

दिशा शूल: पश्चिम दिशा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार रविवार को पश्चिम दिशा की यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है। यात्रा आवश्यक होने पर परंपरा के अनुसार पान या दलिया खाकर यात्रा प्रारंभ की जा सकती है।

ग्रह गोचर स्थिति

ग्रह            राशि

सूर्य            कन्या चंद्रमा        धनु मंगल        मिथुन बुध           कन्या गुरु           कर्क शुक्र          तुला शनि          मीन राहु           कुंभ केतु          सिंह

Disclaimer: Prime News इस लेख की पुष्टि नहीं करता। यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं एवं उपलब्ध पंचांग स्रोतों पर आधारित है। तिथि, नक्षत्र, योग, करण एवं मुहूर्त में स्थान विशेष के अनुसार अंतर हो सकता है। किसी भी शुभ कार्य, व्रत या पूजा से पहले अपने क्षेत्र के मान्य पंचांग से सत्यापन अवश्य करें।

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