21 अगस्त 2026 (शुक्रवार) को श्रावण मास के शुक्ल पक

21 अगस्त 2026 (शुक्रवार) को श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि और अनुराधा नक्षत्र का संयोग

The Navami Tithi of the month of Shravana (Shukla Paksha)

नई दिल्ली (भारत)। आज की तिथि एवं विशेष जानकारी

मुख्य तिथि एवं काल गणना

विक्रम संवत: 2083

पक्ष व तिथि: श्रावण शुक्ल पक्ष नवमी (रात्रि 11:57 बजे तक), इसके बाद दशमी तिथि प्रारंभ।

माह: श्रावण

ऋतु: वर्षा ऋतु

अयन: दक्षिणायन

वार: शुक्रवार

नक्षत्र: अनुराधा (प्रातः 11:17 बजे तक), इसके बाद ज्येष्ठा।

योग: वैधृति योग (रात्रि लगभग 04:05 बजे तक, 22 अगस्त), इसके बाद विष्कंभ योग।

करण: बालव (प्रातः लगभग 10:37 बजे तक), इसके बाद कौलव (रात्रि 11:57 बजे तक), तत्पश्चात तैतिल।

चंद्र राशि: वृश्चिक

सूर्य राशि: सिंह

सूर्योदय: प्रातः 05:54 बजे (लगभग)

सूर्यास्त: सायं 06:54 बजे (लगभग)

चंद्रोदय: दोपहर लगभग 02:10 बजे (लगभग)

चंद्रास्त: रात्रि लगभग 12:24 बजे (लगभग)

दिन का चौघड़िया

प्रकृति            फल                समय अवधि

चर                 सामान्य            प्रातः 05:54 से 07:31 तक लाभ               उन्नति              प्रातः 07:31 से 09:08 तक अमृत             सर्वोत्तम            प्रातः 09:08 से 10:45 तक काल              हानि                प्रातः 10:45 से 12:22 तक शुभ               उत्तम               दोपहर 12:22 से 01:59 तक रोग               अमंगल            दोपहर 01:59 से 03:36 तक उद्वेग             अशुभ              सायं 03:36 से 05:13 तक चर                सामान्य            सायं 05:13 से 06:54 तक

रात्रि का चौघड़िया

प्रकृति            फल               समय अवधि

लाभ               उन्नति              सायं 06:54 से 08:17 तक उद्वेग              अशुभ              रात्रि 08:17 से 09:40 तक शुभ                उत्तम              रात्रि 09:40 से 11:03 तक अमृत             सर्वोत्तम            रात्रि 11:03 से 12:26 तक चर                सामान्य             रात्रि 12:26 से 01:49 तक रोग               अमंगल             रात्रि 01:49 से 03:12 तक काल             हानि                 रात्रि 03:12 से 04:35 तक लाभ              उन्नति               प्रातः 04:35 से 05:54 तक

शुभ और अशुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त: प्रातः 11:58 बजे से दोपहर 12:50 बजे तक।

राहुकाल: प्रातः 10:45 बजे से दोपहर 12:22 बजे तक।

यमगण्ड: दोपहर 03:36 बजे से 05:13 बजे तक।

गुलिक काल: प्रातः 07:31 बजे से 09:08 बजे तक।

ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः लगभग 04:26 बजे से 05:10 बजे तक।

दिशाशूल: पश्चिम दिशा। यदि यात्रा आवश्यक हो तो धार्मिक मान्यतानुसार घी या पान का सेवन करके यात्रा प्रारंभ करना शुभ माना जाता है।

ग्रह गोचर स्थिति

ग्रह                    राशि

सूर्य                    सिंह चंद्रमा                 वृश्चिक मंगल                  मिथुन बुध                     कर्क गुरु (बृहस्पति)      कर्क शुक्र                   कन्या शनि                   मीन राहु                    कुंभ केतु                    सिंह

(Disclaimer: Prime News इस लेख की पुष्टि नहीं करता। यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं एवं उपलब्ध पंचांग स्रोतों पर आधारित है। तिथि, नक्षत्र, योग, करण एवं मुहूर्त में स्थान विशेष के अनुसार अंतर हो सकता है। किसी भी शुभ कार्य या व्रत-पूजन से पहले अपने क्षेत्र के मान्य पंचांग से सत्यापन अवश्य करें।)

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