29 जुलाई 2026 (बुधवार) को आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष

29 जुलाई 2026 (बुधवार) को आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि और श्रवण नक्षत्र का संयोग

The Purnima Tithi of the month of Ashadha

नई दिल्ली (भारत)। आज की तिथि एवं विशेष जानकारी

मुख्य तिथि एवं काल गणना

विक्रम संवत: 2083

पक्ष व तिथि: आषाढ़ शुक्ल पक्ष पूर्णिमा (सायं लगभग 04:37 बजे तक), इसके बाद श्रावण कृष्ण पक्ष प्रतिपदा

ऋतु: वर्षा ऋतु

नक्षत्र: श्रवण (दोपहर लगभग 11:45 बजे तक), इसके बाद धनिष्ठा नक्षत्र

योग: प्रीति योग (दोपहर लगभग 12:58 बजे तक), इसके बाद आयुष्मान योग

वार: बुधवार

चंद्र राशि: मकर (दोपहर बाद कुंभ राशि में प्रवेश)

सूर्य राशि: कर्क

सूर्योदय: प्रातः 05:51 बजे

सूर्यास्त: सायं 07:04 बजे

चंद्रोदय: सायं 06:45 बजे

चंद्रास्त: प्रातः 05:47 बजे

दिन का चौघड़िया

प्रकृति            फल                समय अवधि

लाभ                उन्नति              प्रातः 05:51 से 07:33 तक अमृत              सर्वोत्तम            प्रातः 07:33 से 09:15 तक काल               हानि                प्रातः 09:15 से 10:57 तक शुभ                उत्तम               प्रातः 10:57 से 12:39 तक रोग                अमंगल            दोपहर 12:39 से 02:21 तक उद्वेग              अशुभ              दोपहर 02:21 से 04:03 तक चर                 सामान्य            सायं 04:03 से 05:45 तक लाभ                उन्नति             सायं 05:45 से 07:04 तक

रात्रि का चौघड़िया

प्रकृति            फल                समय अवधि

उद्वेग              अशुभ               सायं 07:04 से 08:22 तक शुभ                उत्तम               रात्रि 08:22 से 09:40 तक अमृत              सर्वोत्तम            रात्रि 09:40 से 10:58 तक चर                 सामान्य            रात्रि 10:58 से 12:16 तक रोग                अमंगल            रात्रि 12:16 से 01:34 तक काल               हानि               रात्रि 01:34 से 02:52 तक लाभ               उन्नति              रात्रि 02:52 से 04:10 तक उद्वेग             अशुभ               प्रातः 04:10 से 05:51 तक

शुभ और अशुभ मुहूर्त

सर्वोत्तम शुभ मुहूर्त (अभिजित): दोपहर 11:59 बजे से 12:54 बजे तक।

राहुकाल: दोपहर 12:39 बजे से 02:21 बजे तक।

दिशाशूल: उत्तर दिशा। बुधवार के दिन उत्तर दिशा की यात्रा से बचना शुभ माना जाता है। यदि यात्रा आवश्यक हो तो धनिया या तिल का सेवन करके तथा भगवान गणेश का स्मरण कर प्रस्थान करें।

ग्रह गोचर स्थिति

ग्रह                    राशि

सूर्य                    कर्क चंद्रमा                 मकर (बाद में कुंभ) मंगल                 वृषभ बुध                    मिथुन गुरु (बृहस्पति)     कर्क शुक्र                  सिंह शनि                  मीन राहु                   कुंभ केतु                  सिंह

(Disclaimer: Prime News इस लेख की पुष्टि नहीं करता। यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं एवं उपलब्ध पंचांग स्रोतों पर आधारित है।)

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