15 अगस्त 2026 (शनिवार) को श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि और उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र का संयोग
नई दिल्ली (भारत)। आज की तिथि एवं विशेष जानकारी
मुख्य तिथि एवं काल गणना
विक्रम संवत: 2083
पक्ष व तिथि: श्रावण शुक्ल पक्ष तृतीया (सायं 05:29 बजे तक), इसके बाद चतुर्थी तिथि प्रारंभ।
माह: श्रावण
ऋतु: वर्षा ऋतु
अयन: दक्षिणायन
वार: शनिवार
नक्षत्र: उत्तराफाल्गुनी (16 अगस्त की प्रातः लगभग 03:25 बजे तक), इसके बाद हस्त।
योग: शिव योग (प्रातः लगभग 07:08 बजे तक), इसके बाद सिद्ध योग।
करण: तैतिल (प्रातः 06:03 बजे तक), इसके बाद गर (सायं 05:29 बजे तक), तत्पश्चात वणिज।
चंद्र राशि: सिंह
सूर्य राशि: कर्क
सूर्योदय: प्रातः 05:50 बजे
सूर्यास्त: सायं 07:01 बजे
चंद्रोदय: प्रातः लगभग 08:19 बजे
चंद्रास्त: रात्रि लगभग 08:35 बजे।
दिन का चौघड़िया
प्रकृति फल समय अवधि
काल हानि प्रातः 05:50 से 07:29 तक शुभ उत्तम प्रातः 07:29 से 09:08 तक रोग अमंगल प्रातः 09:08 से 10:46 तक उद्वेग अशुभ प्रातः 10:46 से 12:25 तक चर सामान्य दोपहर 12:25 से 02:04 तक लाभ उन्नति दोपहर 02:04 से 03:43 तक अमृत सर्वोत्तम सायं 03:43 से 05:21 तक काल हानि सायं 05:21 से 07:01 तक
रात्रि का चौघड़िया
प्रकृति फल समय अवधि
लाभ उन्नति सायं 07:01 से 08:21 तक उद्वेग अशुभ रात्रि 08:21 से 09:43 तक शुभ उत्तम रात्रि 09:43 से 11:04 तक अमृत सर्वोत्तम रात्रि 11:04 से 12:25 तक चर सामान्य रात्रि 12:25 से 01:47 तक रोग अमंगल रात्रि 01:47 से 03:08 तक काल हानि रात्रि 03:08 से 04:29 तक लाभ उन्नति प्रातः 04:29 से 05:50 तक
शुभ और अशुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त: प्रातः 11:59 बजे से दोपहर 12:51 बजे तक।
राहुकाल: प्रातः 09:07 बजे से 10:46 बजे तक।
यमगण्ड: दोपहर 02:04 बजे से 03:43 बजे तक।
गुलिक काल: प्रातः 05:50 बजे से 07:29 बजे तक।
ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:23 बजे से 05:07 बजे तक।
दिशाशूल: पूर्व दिशा। यदि यात्रा आवश्यक हो तो धार्मिक मान्यतानुसार अदरक या उड़द का सेवन करके यात्रा प्रारंभ करना शुभ माना जाता है।
ग्रह गोचर स्थिति
ग्रह राशि
सूर्य कर्क चंद्रमा सिंह मंगल वृषभ बुध कर्क गुरु (बृहस्पति) कर्क शुक्र कन्या शनि मीन राहु कुंभ केतु सिंह
आज के प्रमुख धार्मिक अवसर
स्वतंत्रता दिवस: 15 अगस्त को भारत का स्वतंत्रता दिवस भी मनाया जाएगा। वर्ष 2026 में देश अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है।
हरियाली तीज: आज श्रावण शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर हरियाली तीज मनाई जाएगी। यह पर्व भगवान शिव और माता पार्वती के प्रेम, दांपत्य सुख और सौभाग्य से जुड़ा माना जाता है। सुहागिन महिलाएं इस दिन व्रत रखकर माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा करती हैं।
मधुश्रावनी: आज श्रावण शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर मधुश्रावनी लोकपर्व का अंतिम दिन है। आज नवविवाहित महिलायें पिछले 14 दिनों से चल रही विषहरा पूजा का समापन करेंगी।
(Disclaimer: Prime News इस लेख की पुष्टि नहीं करता। यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं एवं उपलब्ध पंचांग स्रोतों पर आधारित है। तिथि, नक्षत्र, योग, करण एवं मुहूर्त में स्थान विशेष के अनुसार अंतर हो सकता है। किसी भी शुभ कार्य या व्रत-पूजन से पहले अपने क्षेत्र के मान्य पंचांग से सत्यापन अवश्य करें।)
यह भी पढ़ें: हरियाली तीज 2026: जानिए तारीख, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और व्रत के नियम
यह भी पढ़ें: मिथिला की नवविवाहिताओं के लिए खास है 14 दिवसीय मधुश्रावणी पर्व