घर के पूजा स्थल पर सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने के लि

पूजा घर में क्या रखें और क्या नहीं? जानिए वास्तु के आसान और उपयोगी टिप्स

पूजाघर के लिए वास्तु टिप्स

नई दिल्ली (भारत)। घर का पूजा स्थल भारतीय परिवारों में आस्था और आध्यात्मिक शांति का प्रमुख स्थान माना जाता है। वास्तु की पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार पूजा घर को साफ-सुथरा, व्यवस्थित और शांत रखना चाहिए। पूजा स्थल में कुछ चीजें रखना शुभ माना जाता है, जबकि कुछ वस्तुओं को रखने से बचने की सलाह दी जाती है।

पूजा घर में क्या रखें?

भगवान की साफ-सुथरी प्रतिमा या तस्वीर पूजा घर में अपनी परंपरा के अनुसार देवी-देवताओं की प्रतिमा या तस्वीर रखें। मूर्तियों को नियमित रूप से साफ करना चाहिए।

शंख पूजा घर में शंख रखना शुभ माना जाता है। पूजा के समय शंखनाद करने की भी परंपरा है।

दीपक और पूजा की थाली घी या तेल का दीपक, धूप, कपूर, घंटी और पूजा की आवश्यक सामग्री व्यवस्थित तरीके से रखें।

गंगाजल गंगाजल को स्वच्छ पात्र में रखकर पूजा में इस्तेमाल किया जा सकता है। पात्र को समय-समय पर साफ करते रहें।

मौली और अक्षत लाल मौली, रोली, चंदन और अक्षत जैसी पारंपरिक पूजा सामग्री को अलग-अलग साफ डिब्बों में रखना अच्छा रहता है।

तांबे का कलश पूजा स्थल पर तांबे या अन्य उपयुक्त धातु का कलश रखने की परंपरा है। उसमें स्वच्छ जल भरकर रखा जा सकता है।

ताजा फूल पूजा में ताजे फूल और पत्तियां इस्तेमाल करें। सूखे या खराब हो चुके फूलों को पूजा स्थल में लंबे समय तक न रखें।

पूजा घर में क्या नहीं रखना चाहिए?

खंडित मूर्तियां वास्तु और धार्मिक परंपराओं में खंडित देवी-देवताओं की प्रतिमाओं को पूजा स्थल में रखने से बचने की सलाह दी जाती है। ऐसी स्थिति में स्थानीय धार्मिक परंपरा के अनुसार सम्मानपूर्वक उचित व्यवस्था करें।

बासी फूल और माला भगवान को चढ़ाए गए फूल या माला सूख जाने के बाद उन्हें पूजा घर में जमा करके न रखें।

अनावश्यक सामान पूजा घर को स्टोर रूम की तरह इस्तेमाल न करें। यहां पुराने कागज, बिल, चाबियां या घरेलू सामान रखने से बचें।

गंदे या टूटे पूजा-पात्र टूटे दीपक, फटे आसन और खराब पूजा सामग्री को लंबे समय तक पूजा स्थल में न रखें।

बहुत अधिक मूर्तियां पूजा घर में जरूरत से ज्यादा प्रतिमाएं रखने के बजाय सीमित और व्यवस्थित पूजा स्थल रखना बेहतर है।

जूते-चप्पल और गंदे कपड़े पूजा स्थल के आसपास जूते-चप्पल, गंदे कपड़े या कूड़ा-कचरा नहीं रखना चाहिए।

पूजा घर की दिशा कैसी हो?

वास्तु की पारंपरिक मान्यता में घर का उत्तर-पूर्व यानी ईशान कोण पूजा स्थल के लिए शुभ माना जाता है। हालांकि घर की बनावट के अनुसार पूजा स्थल की दिशा तय की जा सकती है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि स्थान साफ, शांत और व्यवस्थित हो।

(Disclaimer: Prime News इस लेख की पुष्टि नहीं करता। यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं एवं उपलब्ध स्रोतों पर आधारित है।)

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