घर में किस दिशा और कैसी लाइट लगाएं? वास्तु के अनुसार जानिए आसान टिप्स
नई दिल्ली (भारत)। घर की खूबसूरती बढ़ाने में लाइटिंग की अहम भूमिका होती है। वास्तु शास्त्र में भी घर के अलग-अलग हिस्सों में रोशनी और उसके स्थान को महत्वपूर्ण माना गया है। मान्यता है कि घर में पर्याप्त और संतुलित रोशनी सकारात्मक वातावरण बनाने में मदद करती है। हालांकि वास्तु से जुड़े ये सुझाव पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित हैं।
मुख्य द्वार पर रखें पर्याप्त रोशनी
घर का मुख्य द्वार सकारात्मक ऊर्जा के प्रवेश का प्रमुख स्थान माना जाता है। इसलिए यहां पर्याप्त रोशनी रखना शुभ माना जाता है। दरवाजे के दोनों ओर वॉल लाइट या ऊपर अच्छी रोशनी वाली लाइट लगाई जा सकती है। प्रवेश द्वार को अंधेरा रखने से बचने की सलाह दी जाती है।
ड्राइंग रूम में कैसी लाइट लगाएं?
ड्राइंग रूम में बहुत तेज या बहुत मंद रोशनी के बजाय सॉफ्ट और संतुलित लाइटिंग बेहतर मानी जाती है। सीलिंग लाइट के साथ कॉर्नर लैंप या वॉल लाइट का इस्तेमाल कमरे को आकर्षक बना सकता है। गर्म रोशनी यानी वॉर्म व्हाइट लाइट कमरे में आरामदायक माहौल बनाने के लिए अच्छी रहती है।
पूजा घर में रखें शांत और साफ रोशनी
पूजा घर में पर्याप्त रोशनी रखना वास्तु की दृष्टि से शुभ माना जाता है। यहां हल्की पीली या वॉर्म व्हाइट लाइट का इस्तेमाल किया जा सकता है। पूजा स्थल के ऊपर बहुत तेज या चुभने वाली रोशनी लगाने से बचना बेहतर माना जाता है।
बेडरूम में बहुत तेज रोशनी से बचें
बेडरूम आराम और नींद के लिए होता है, इसलिए यहां बहुत तेज सफेद रोशनी की जगह हल्की और आरामदायक रोशनी बेहतर रहती है। बेड के पास साइड लैंप या डिमर लाइट लगाई जा सकती है। सोते समय अनावश्यक रोशनी बंद रखना नींद के लिए भी बेहतर है।
रसोई में पर्याप्त रोशनी जरूरी
रसोई में लाइटिंग का चुनाव केवल वास्तु ही नहीं, सुरक्षा की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। किचन के प्लेटफॉर्म और खाना बनाने वाली जगह पर पर्याप्त रोशनी होनी चाहिए। बहुत गहरे या छायादार हिस्सों को रोशन रखने की कोशिश करें।
बाथरूम में रखें उजली रोशनी
बाथरूम में पर्याप्त और समान रूप से फैली रोशनी उपयोगी होती है। आईने के आसपास अच्छी रोशनी रखने से चेहरा साफ दिखाई देता है। पानी वाली जगहों पर लाइट लगाते समय विद्युत सुरक्षा मानकों का ध्यान रखना जरूरी है।
घर के अंधेरे कोनों को रोशन करें
वास्तु मान्यताओं में घर के अंधेरे और लंबे समय तक बंद रहने वाले हिस्सों को नकारात्मक माना जाता है। इसलिए ऐसे स्थानों पर छोटी वॉल लाइट या सेंसर लाइट लगाई जा सकती है। इससे घर में रोशनी के साथ सुरक्षा भी बेहतर होती है।
रोशनी का रंग भी रखें संतुलित
घर के हर कमरे में एक ही तरह की लाइट जरूरी नहीं है। पूजा और लिविंग एरिया में वॉर्म व्हाइट, जबकि किचन, स्टडी और काम करने वाली जगहों पर अपेक्षाकृत साफ और उजली रोशनी उपयोगी हो सकती है। बहुत ज्यादा रंगीन या चमकदार लाइट का इस्तेमाल सीमित रखना बेहतर है।
घर में रोशनी का उद्देश्य केवल सजावट नहीं
वास्तु के अनुसार घर में रोशनी का उद्देश्य केवल सजावट नहीं, बल्कि सकारात्मक और संतुलित वातावरण बनाना भी माना जाता है। वहीं आधुनिक दृष्टि से सही लाइटिंग घर की सुरक्षा, आराम और ऊर्जा बचत में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
(Disclaimer: Prime News इस लेख की पुष्टि नहीं करता। यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं एवं उपलब्ध स्रोतों पर आधारित है।)
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