भारत में हर 118वां व्यक्ति हेपेटाइटिस बी से संक्रमित, WHO ने जताई चिंता
विश्व हेपेटाइटिस दिवस : विश्व हेपेटाइटिस दिवस के अवसर पर जारी रिपोर्ट के अनुसार, भारत उन 10 देशों में शामिल है जहां दुनिया में हेपेटाइटिस बी से होने वाली 69% और हेपेटाइटिस सी से होने वाली 58% मौतें दर्ज की जाती हैं। हेपेटाइटिस एक ऐसी बीमारी है, जिसमें लिवर (यकृत) में सूजन आ जाती है। यह संक्रमण वायरस के अलावा शराब, कुछ दवाओं, जहरीले पदार्थों और ऑटोइम्यून बीमारियों के कारण भी हो सकता है।
हेपेटाइटिस बी और सी सबसे ज्यादा खतरनाक
हेपेटाइटिस वायरस के पांच प्रमुख प्रकार—ए, बी, सी, डी और ई—होते हैं। इनमें हेपेटाइटिस बी और सी सबसे गंभीर माने जाते हैं क्योंकि ये लंबे समय तक शरीर में रहकर क्रॉनिक बीमारी का रूप ले सकते हैं। समय पर इलाज न मिलने पर यह सिरोसिस और लिवर कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं।
WHO ने दी समय पर जांच कराने की सलाह
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, वायरल हेपेटाइटिस आज भी दुनिया की बड़ी स्वास्थ्य चुनौतियों में शामिल है। इस बीमारी की सबसे बड़ी समस्या यह है कि शुरुआती चरण में इसके लक्षण अक्सर दिखाई नहीं देते। ऐसे में संक्रमित व्यक्ति अनजाने में दूसरों तक संक्रमण फैला सकता है। इसलिए समय पर जांच कराना बेहद जरूरी माना गया है।
2030 तक हेपेटाइटिस नियंत्रण का लक्ष्य
भारत सरकार ने वर्ष 2018 में राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम शुरू किया था। इसके तहत देशभर में हेपेटाइटिस बी और सी की मुफ्त जांच, दवाएं और इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 तक हेपेटाइटिस पर प्रभावी नियंत्रण हासिल करना है।
भारत में संक्रमण की स्थिति चिंताजनक
साल 2021 के एचआईवी सेंटिनल सर्विलांस के आंकड़ों के अनुसार, जांच किए गए लोगों में लगभग 0.85% लोग हेपेटाइटिस बी और 0.29% लोग हेपेटाइटिस सी से संक्रमित पाए गए। यानी भारत में लगभग हर 118 लोगों में से एक व्यक्ति हेपेटाइटिस बी और हर 345 लोगों में से एक व्यक्ति हेपेटाइटिस सी से प्रभावित हो सकता है।
दुनिया में 28.7 करोड़ लोग हैं संक्रमित
WHO की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2024 में दुनिया भर में करीब 28.7 करोड़ लोग क्रॉनिक हेपेटाइटिस बी या सी के साथ जीवन जी रहे थे। इसी वर्ष इन दोनों संक्रमणों से जुड़ी बीमारियों के कारण लगभग 13 लाख लोगों की मौत हुई। हेपेटाइटिस बी से बचाव के लिए प्रभावी टीका उपलब्ध है। जन्म के 24 घंटे के भीतर नवजात को हेपेटाइटिस बी का टीका लगाना संक्रमण रोकने का सबसे प्रभावी तरीका माना जाता है। इसके अलावा सुरक्षित रक्त चढ़ाना, साफ सुई का इस्तेमाल, संक्रमित रक्त के संपर्क से बचाव और समय पर जांच कराना भी बेहद जरूरी है।
विश्व हेपेटाइटिस दिवस 2026 की थीम
इस वर्ष विश्व हेपेटाइटिस दिवस 2026 की थीम "हेपेटाइटिस: इसे खत्म करने के लिए बाधाएं हटाएं" रखी गई है। इसका उद्देश्य हर व्यक्ति तक जांच, इलाज और बचाव की सुविधाएं आसानी से पहुंचाना है। हेपेटाइटिस को खत्म करने के लिए सरकार, स्वास्थ्य संस्थानों और आम लोगों की साझी भागीदारी जरूरी है। जागरूकता, समय पर जांच और सही इलाज के जरिए इस गंभीर बीमारी के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
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