NVIDIA के जेन्सेन हुआंग बोले- सुरक्षित AI के लिए लैब्स पर हो नियंत्रण
सैन फ्रांसिस्को (कैलिफोर्निया): AI के विकास की रफ्तार को लेकर चल रही बहस के बीच NVIDIA के CEO जेन्सेन हुआंग ने कहा है कि AI तकनीक को सुरक्षित बनाने के लिए सबसे पहले उन लैब्स पर नियंत्रण और मजबूत सुरक्षा परीक्षण सुनिश्चित करना जरूरी है, जो इस तकनीक को विकसित कर रही हैं।
‘स्वतंत्र मूल्यांकनकर्ता होना अच्छी बात’
ऑल-इन समिट में बोलते हुए हुआंग ने AI कंपनियों के काम के स्वतंत्र मूल्यांकन का समर्थन किया। उन्होंने इसकी तुलना वित्तीय क्षेत्र के ऑडिटर्स से करते हुए कहा कि मूल्यांकनकर्ताओं को कंपनी के विशेषज्ञों जितना जानकार होना जरूरी नहीं है, लेकिन उन्हें सही सवाल पूछने और संभावित जोखिमों की पहचान करने में सक्षम होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कई स्वतंत्र मूल्यांकनकर्ता और ऑडिटर होने से यह सुनिश्चित करने में मदद मिल सकती है कि किसी एक कंपनी या मूल्यांकनकर्ता पर किसी तरह का प्रभाव न पड़े।
‘सुरक्षित तरीके से विकसित हो AI’
हुआंग ने कहा कि सबसे महत्वपूर्ण बात AI तकनीक को सुरक्षित तरीके से विकसित करना है। उन्होंने कहा कि AI के परीक्षण भी सुरक्षित तरीके से होने चाहिए और कंपनियों से असाधारण तकनीक विकसित करने के साथ-साथ असाधारण सुरक्षा मानकों की भी उम्मीद की जानी चाहिए।
‘विलुप्ति जैसी भविष्यवाणियां गैरजिम्मेदाराना’
AI से इंसानों के विलुप्त होने के स्तर के खतरे की भविष्यवाणियों पर हुआंग ने असहमति जताई। उन्होंने कहा कि इस तरह के दावे आम लोगों के लिए समझना मुश्किल हैं और बिना ठोस आधार के ऐसी भविष्यवाणियां करना चिंताजनक है। हुआंग ने कहा कि AI की सुरक्षा को बेहद गंभीरता से लिया जाना चाहिए और ‘सुरक्षा सर्वोपरि’ होनी चाहिए।
ट्रंप ने कहा- ‘रोबोट दुनिया पर कब्जा नहीं करेंगे’
कार्यक्रम के दौरान हुआंग को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का अचानक फोन आया। ट्रंप ने AI और डेटा सेंटर को लेकर कहा कि डेटा सेंटर आने वाले दशकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं और इनसे लोगों तथा राज्यों को आर्थिक लाभ होगा। ट्रंप ने AI के संभावित खतरों को लेकर कहा कि रोबोट दुनिया पर कब्जा नहीं करने वाले हैं और ऐसा नहीं होने दिया जाएगा।
एलन मस्क ने किया पीयर रिव्यू का समर्थन
इसी समिट में टेस्ला के CEO एलन मस्क ने AI मॉडल्स की पीयर रिव्यू यानी प्रतिस्पर्धी कंपनियों द्वारा एक-दूसरे के मॉडल की जांच का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि प्रमुख AI कंपनियों को किसी मॉडल को जारी करने से पहले एक-दूसरे के मॉडल की सुरक्षा जांच करनी चाहिए। मस्क ने यह भी सुझाव दिया कि इस प्रक्रिया में चीन को भी शामिल किया जा सकता है। उनके मुताबिक, अगर किसी कंपनी के मॉडल में चिंताजनक चीज सामने आती है तो दूसरी कंपनियां उस पर अलर्ट जारी कर सकती हैं। AI के नियमन को लेकर बहस तब तेज हुई, जब Anthropic के CEO डारियो अमोदेई ने AI विकास की रफ्तार को धीमा करने की जरूरत की बात कही। इसके बाद OpenAI के सैम ऑल्टमैन, Microsoft के सत्या नडेला और Google के डेमिस हसाबिस समेत कई प्रमुख टेक अधिकारियों के रुख को लेकर भी चर्चा तेज हुई।
(ANI)
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