लो-फैट वीगन डाइट से कम खाए बिना वजन घटाने में मदद, रिसर्च में सामने आया तरीका
वॉशिंगटन DC (US)। नई रिसर्च के मुताबिक लो-फैट वीगन डाइट कैलोरी गिने, पोर्शन कम किए या लगातार भूख महसूस किए बिना वजन घटाने में मदद कर सकती है। 16 हफ्ते के क्लिनिकल ट्रायल में फल, सब्जियां, अनाज और फलियों पर आधारित डाइट लेने वाले प्रतिभागियों ने लगभग उतना ही खाना खाया, लेकिन रोजाना करीब 357 कम कैलोरी लीं।
एनर्जी डेंसिटी में करीब 30% की कमी
शोधकर्ताओं के अनुसार, लो-फैट वीगन डाइट से खाने की एनर्जी डेंसिटी (Energy Density) करीब 30% तक कम हुई। इससे प्रतिभागियों ने भोजन की मात्रा के लिहाज से लगभग उतना ही खाना जारी रखा, लेकिन कुल कैलोरी सेवन कम हो गया और यह वजन घटने से भी जुड़ा पाया गया।
रिसर्च JAMA Network Open में प्रकाशित हुई
यह अध्ययन अधिक वजन वाले वयस्कों पर किए गए रैंडमाइज्ड क्लिनिकल ट्रायल के विश्लेषण पर आधारित है। रिसर्च के मुताबिक, वीगन डाइट लेने वाले प्रतिभागियों में प्रति ग्राम भोजन मिलने वाली कैलोरी में उल्लेखनीय कमी आई और एनर्जी डेंसिटी में ज्यादा कमी का संबंध कम कैलोरी सेवन तथा अधिक वजन घटने से पाया गया।
प्लांट-बेस्ड डाइट में पानी और फाइबर की भूमिका
फिजिशियन कमेटी फॉर रिस्पॉन्सिबल मेडिसिन की क्लिनिकल रिसर्च डायरेक्टर और अध्ययन की प्रमुख लेखिका हाना काहलोवा ने कहा कि इसका जवाब एनर्जी डेंसिटी में है। उनके अनुसार, प्लांट फूड में पानी और फाइबर अधिक होने के कारण लोग प्लेट भरकर खाना खा सकते हैं और फिर भी कम कैलोरी ले सकते हैं।
प्रतिभागियों को कैलोरी कम करने के निर्देश नहीं दिए गए
ट्रायल में प्रतिभागियों को दो समूहों में बांटा गया था। एक समूह ने फलों, सब्जियों, अनाज और फलियों पर आधारित एड लिबिटम लो-फैट वीगन डाइट ली, जबकि कंट्रोल ग्रुप ने अपने सामान्य भोजन में कोई बदलाव नहीं किया और किसी भी समूह को कैलोरी की कोई निश्चित सीमा नहीं दी गई।
खाने के कुल वजन में बड़ा बदलाव नहीं हुआ
शोधकर्ताओं ने रोजाना लिए गए भोजन की कुल ऊर्जा की तुलना भोजन के कुल वजन से करके डाइटरी एनर्जी डेंसिटी मापी। किसी भी समूह में खाए गए भोजन के कुल वजन में महत्वपूर्ण बदलाव नहीं हुआ, लेकिन वीगन डाइट वाले समूह में कैलोरी सेवन करीब 357 kcal प्रतिदिन कम हुआ।
वीगन ग्रुप में एनर्जी डेंसिटी 30% घटी
कंट्रोल ग्रुप में एनर्जी डेंसिटी लगभग अपरिवर्तित रही, जबकि वीगन ग्रुप में इसमें करीब 30% की कमी आई। शोधकर्ताओं ने पाया कि एनर्जी डेंसिटी में जितनी अधिक कमी हुई, वजन घटने की मात्रा भी उतनी अधिक रही, भले ही कैलोरी सेवन में बदलाव को अलग से ध्यान में रखा गया।
मीट, डेयरी और अंडों की जगह प्लांट फूड
रिसर्च के अनुसार, अंतर मुख्य रूप से प्रतिभागियों के भोजन के प्रकार में बदलाव से आया। वीगन डाइट में मीट, डेयरी और अंडे जैसे कैलोरी-डेंस पशु उत्पादों को हटाकर सब्जियों और फलियों जैसे कम कैलोरी वाले अधिक वॉल्यूम देने वाले खाद्य पदार्थों की मात्रा बढ़ाई गई।
कम कैलोरी में ज्यादा मात्रा खाने का तरीका
शोधकर्ताओं के अनुसार, सब्जियों और फलियों में आमतौर पर प्रति ग्राम कम कैलोरी होती है। इसलिए प्रतिभागी भोजन की मात्रा के लिहाज से पर्याप्त खाना खाते हुए भी कुल ऊर्जा सेवन कम कर सके। हाना काहलोवा ने इसे छोटे पोर्शन या इच्छाशक्ति के बजाय भोजन के चुनाव से जुड़ा बदलाव बताया।
एनर्जी डेंसिटी भूख और संतुष्टि को प्रभावित कर सकती है
एनर्जी डेंसिटी का मतलब भोजन के हर ग्राम में मौजूद कैलोरी की मात्रा है। शोधकर्ताओं के अनुसार, कम एनर्जी डेंसिटी वाले भोजन से व्यक्ति समान मात्रा का भोजन खाते हुए कम ऊर्जा ले सकता है और पेट भरा हुआ महसूस कर सकता है। नियंत्रित फीडिंग स्टडीज में भी इस संबंध का अध्ययन किया गया है।
वजन प्रबंधन के लिए अलग रणनीति का संकेत
रिसर्च के निष्कर्ष वजन घटाने के लिए केवल कैलोरी कम करने या पोर्शन छोटा करने के बजाय भोजन की संरचना बदलने की संभावित रणनीति की ओर इशारा करते हैं। अधिक पानी और फाइबर वाले प्लांट फूड चुनने से कुछ लोगों के लिए कम कैलोरी लेना और संतुष्टि बनाए रखना आसान हो सकता है।
कम खाने के बजाय अलग तरह से खाने पर जोर
हाना काहलोवा के अनुसार, क्लिनिकल दृष्टिकोण से एनर्जी डेंसिटी को लक्ष्य बनाना वजन घटाने की एक व्यावहारिक रणनीति हो सकती है। उनके मुताबिक, लोगों को कम खाने के लिए कहने के बजाय भोजन के प्रकार में बदलाव पर ध्यान दिया जा सकता है।
रिसर्च का मुख्य निष्कर्ष
अध्ययन के निष्कर्ष बताते हैं कि लो-फैट वीगन डाइट भोजन की एनर्जी डेंसिटी को काफी कम कर सकती है। इससे लोग जानबूझकर कैलोरी सीमित किए बिना कम कैलोरी ले सकते हैं और वजन घटाने में मदद मिल सकती है। (Source: ANI)
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