Meta ने पेश किया AI एजेंट Muse, रोजमर्रा के काम और बड़े लक्ष्यों में करेगा मदद
न्यूयॉर्क (अमेरिका)। फेसबुक और इंस्टाग्राम के स्वामित्व वाली कंपनी मेटा ने मंगलवार को निजी कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) एजेंट 'म्यूज' पेश किया है। यह सर्विस 18 साल या उससे अधिक उम्र के लोगों के लिए है, जो रोजमर्रा के कामों जैसे दिनचर्या, खरीदारी और दीर्घकालिक लक्ष्यों को कार्ययोजना में बदलने में मदद चाहने वालों के लिए बनाई गई है।
सुरक्षित वर्चुअल मशीन में रहेगा यूजर डेटा
मेटा ने अपने इस AI एजेंट की सुरक्षा और गोपनीयता सुविधाओं पर विशेष जोर दिया है। कंपनी के मुताबिक, फिलहाल 'म्यूज' केवल अमेरिका में उपलब्ध है। यह एक सुरक्षित वर्चुअल मशीन पर काम करता है, जिसमें AI एजेंट और उपयोगकर्ता का डेटा दोनों सुरक्षित रहते हैं। लोग 'म्यूज' के लिए बनाए गए अलग ऐप के जरिए या व्हाट्सऐप पर संदेश भेजकर इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। यह ईमेल भेजने या यात्रा बुक करने जैसे सामान्य काम कर सकता है। यह एक साल की व्यायाम योजना बनाने या नया कारोबार शुरू करने जैसे लंबे समय वाले लक्ष्यों में भी सहायता कर सकता है।
Muse खुद ब्राउजर खोलकर काम कर सकेगा
मेटा ने एक ब्लॉग पोस्ट में कहा, "जब कोई व्यक्ति म्यूज के साथ अपना लक्ष्य साझा करता है तो यह उसके लिए व्यक्तिगत योजना बनाने, समय और संसाधनों के प्रबंधन में मदद करता है और फिर खुद आगे बढ़कर काम करता है। यह ब्राउजर खोल सकता है, फॉर्म भर सकता है और उपयोगकर्ता की ओर से बातचीत भी कर सकता है।" तकनीकी कंपनियां AI एजेंट को चैटबॉट के बाद कृत्रिम बुद्धिमत्ता की अगली बड़ी उपलब्धि के रूप में पेश कर रही हैं। चैटबॉट सवालों के जवाब देने और जानकारी उपलब्ध कराने में सक्षम होते हैं, लेकिन वे उपयोगकर्ता की ओर से कोई काम पूरा नहीं कर सकते।
जुकरबर्ग का AI को सब तक पहुंचाने पर जोर
सामान्य रूप से AI एजेंट पारंपरिक कंप्यूटर प्रोग्राम की तरह काम करता है, जो किसी तय काम को पूरा करता है। लेकिन जब इसे 'लार्ज लैंग्वेज मॉडल' (एलएलएम) से जोड़ा जाता है तो यह बिना हर कदम के निर्देश के भी जानकारी तलाशकर काम पूरा करने में सक्षम हो जाता है। मेटा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) मार्क जुकरबर्ग के लिए यह एजेंट कृत्रिम बुद्धिमत्ता को सभी लोगों तक पहुंचाने की उनकी सोच का हिस्सा है। (इनपुट: PTI)
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